आंधी, बारिश और वज्रपात से बिहार बेहाल, पांच लोगों की मौत; पटना समेत कई जिलों में रेड अलर्ट

  • रफीगंज में शिक्षक, दाउदनगर में किसान और पटना में दो बच्चियों की आकाशीय बिजली से मौत, राज्यभर में मौसम का कहर
  • राजधानी में दिन में छाया अंधेरा, कई प्रमुख इलाकों में गिरे पेड़; अगले तीन दिनों तक खराब मौसम की चेतावनी

पटना। भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे बिहार में शुक्रवार को मौसम ने अचानक करवट ली, लेकिन राहत के साथ यह बदलाव कई परिवारों के लिए दुखद साबित हुआ। राज्य के विभिन्न जिलों में तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और वज्रपात की घटनाओं ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। मौसम विभाग द्वारा पहले से जारी चेतावनी के बीच पटना, औरंगाबाद, रोहतास, खगड़िया, कैमूर, छपरा और अन्य कई जिलों में सुबह से ही काले बादलों ने आसमान को ढक लिया। कई स्थानों पर दिन में ही अंधेरा छा गया और लोगों को वाहन चलाते समय बत्तियां जलानी पड़ीं। इस खराब मौसम के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से अलग-अलग जिलों में पांच लोगों की मौत हो गई। औरंगाबाद जिले के रफीगंज प्रखंड में एक सरकारी विद्यालय के शिक्षक की वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गई। मृतक की पहचान 43 वर्षीय सुनील कुमार सिंह के रूप में हुई है, जो भेखनपुरा प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत थे। बताया जाता है कि विद्यालय परिसर में ही उनके ऊपर बिजली गिर गई, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। इसी जिले के दाउदनगर थाना क्षेत्र के केशराड़ी गांव में भी एक दर्दनाक घटना सामने आई। यहां 55 वर्षीय किसान केदार यादव सुबह टहलने के लिए घर से निकले थे। इसी दौरान अचानक हुई वज्रपात की घटना में उनकी जान चली गई। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। गया जिले के बरवाडीह गांव में भी आकाशीय बिजली गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान दिनेश यादव के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, वह सुबह किसी जरूरी काम से घर से निकले थे, तभी बिजली की चपेट में आ गए। राजधानी पटना के परसा बाजार थाना क्षेत्र के सकरैचा गांव में सबसे हृदयविदारक घटना सामने आई। यहां खेतों की ओर बकरी चराने गई दो मासूम बच्चियां वज्रपात की चपेट में आ गईं। मृतकों की पहचान 12 वर्षीय सिमरन कुमारी और 10 वर्षीय स्वीटी कुमारी के रूप में हुई है। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। राजधानी पटना में शुक्रवार सुबह से ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ दिखाई दिया। तेज आंधी और झमाझम बारिश ने कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से राहत दिलाई, लेकिन इसके साथ कई समस्याएं भी सामने आईं। विक्रम, दानापुर, बिहटा, फुलवारीशरीफ और आसपास के इलाकों में तेज बारिश हुई। सुबह के समय ही घने काले बादलों के कारण शहर में अंधेरे जैसी स्थिति बन गई। तेज हवाओं के कारण राजधानी के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में पेड़ गिर गए। मुख्यमंत्री आवास, लोक सेवक आवास, हज भवन और छज्जूबाग जैसे संवेदनशील इलाकों में भी पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आईं। नगर निगम की टीमों को तत्काल मौके पर भेजा गया और जेसीबी मशीनों की सहायता से पेड़ों को हटाने का कार्य शुरू किया गया। नगर आयुक्त यशपाल मीणा स्वयं स्थिति की निगरानी करते नजर आए। लगातार बारिश के कारण पटना के कई निचले इलाकों में जलजमाव की समस्या भी उत्पन्न हो गई। सड़कों पर पानी भर जाने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि लंबे समय से गर्मी और उमस से परेशान लोगों ने मौसम में आए बदलाव का स्वागत भी किया। मौसम विभाग ने राजधानी पटना सहित कई जिलों के लिए अगले कुछ घंटों के दौरान भारी बारिश, तेज आंधी और वज्रपात को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार तेज हवाओं के साथ लगातार बारिश की संभावना बनी हुई है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और खुले मैदानों, पेड़ों तथा बिजली के खंभों से दूर रहें। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और स्थानीय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से यह स्थिति बनी हुई है। अगले तीन दिनों तक बिहार के अधिकांश हिस्सों में इसी प्रकार का मौसम बना रहने की संभावना है। बीच-बीच में बारिश, तेज हवाएं और वज्रपात की घटनाएं हो सकती हैं। इसके कारण तापमान में गिरावट दर्ज होगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। राज्य प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम विभाग द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है। वहीं आपदा प्रबंधन विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। मौसम के इस बदले स्वरूप ने जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी है, वहीं वज्रपात और तेज आंधी ने कई परिवारों को गहरे दुख में भी डाल दिया है।

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