बकरीद की तारीख बदलने से सीयूईटी यूजी की परीक्षा कार्यक्रमों में बड़ा फेरबदल
- एनटीए से लेकर विश्वविद्यालयों तक कई परीक्षाएं स्थगित, छात्रों को नई तिथियों का इंतजार
- त्योहार के दिन परीक्षा कराने पर दिल्ली उच्च न्यायालय पहुंचा मामला, छात्रों ने मौलिक अधिकारों का दिया हवाला
नई दिल्ली। ईद-उल-अजहा यानी बकरीद की तारीख में बदलाव के बाद देशभर के कई विश्वविद्यालयों और प्रतियोगी परीक्षाओं के कार्यक्रम में बड़ा फेरबदल करना पड़ा है। पहले यह त्योहार 27 मई को मनाए जाने की संभावना थी, लेकिन चांद दिखने की स्थिति के अनुसार बाद में इसकी तारीख बदलकर 28 मई कर दी गई। इसके बाद केंद्र और राज्य सरकारों ने भी अवकाश की तारीख में संशोधन किया, जिसका सीधा असर परीक्षा कार्यक्रमों पर पड़ा। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी से लेकर विभिन्न विश्वविद्यालयों और शिक्षा बोर्डों को अपनी निर्धारित परीक्षाएं स्थगित करनी पड़ीं। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने ईद-उल-अजहा की छुट्टी को ध्यान में रखते हुए 28 मई को आयोजित होने वाली स्नातक संयुक्त विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा की दोनों पालियों की परीक्षा स्थगित कर दी है। एजेंसी ने छात्रों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और आधिकारिक वेबसाइट पर लगातार नजर बनाए रखें। एजेंसी ने यह भी कहा है कि परीक्षा की नई तिथि जल्द घोषित की जाएगी और प्रवेश पत्र भी समय पर जारी किए जाएंगे। त्योहार की तारीख बदलने का असर गुजरात विश्वविद्यालय पर भी पड़ा है। विश्वविद्यालय प्रशासन को 40 से अधिक परीक्षाएं स्थगित करनी पड़ीं। इससे पहले राज्य सरकार ने 27 मई को बकरीद की छुट्टी घोषित की थी और उसी आधार पर परीक्षा कार्यक्रम तैयार किया गया था। बाद में अवकाश की तारीख बदलकर 28 मई कर दी गई, जिसके कारण विश्वविद्यालय को संशोधित परीक्षा कार्यक्रम जारी करना पड़ा। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि छात्रों की सुविधा और त्योहार को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया। इसी प्रकार तेलंगाना इंटर बोर्ड ने भी पर्यावरण शिक्षा विषय की परीक्षा की तारीख बदल दी है। यह परीक्षा पहले 28 मई को आयोजित होनी थी, लेकिन अब इसे 29 मई को आयोजित किया जाएगा। हालांकि परीक्षा का समय पूर्व निर्धारित अनुसार सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक ही रहेगा। बोर्ड ने छात्रों को नई तिथि के अनुसार तैयारी जारी रखने की सलाह दी है। बकरीद के दिन परीक्षा आयोजित करने के मुद्दे ने कानूनी रूप भी ले लिया है। दिल्ली विश्वविद्यालय के एक विधि छात्र ने दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर विश्वविद्यालय के उस निर्णय को चुनौती दी है, जिसके तहत 28 मई को परीक्षा आयोजित करने का फैसला किया गया था। छात्र का कहना है कि केंद्र सरकार ने इसी दिन ईद-उल-अजहा का सरकारी अवकाश घोषित किया है, ऐसे में परीक्षा आयोजित करना मुस्लिम छात्रों के अधिकारों का उल्लंघन है। याचिका में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 21, 25 और 29 का हवाला देते हुए कहा गया है कि धार्मिक त्योहार के दिन परीक्षा आयोजित करने से मुस्लिम छात्रों के मौलिक अधिकार प्रभावित होते हैं। छात्र ने अदालत से मांग की है कि विश्वविद्यालय को परीक्षा की तिथि बदलने का निर्देश दिया जाए, ताकि त्योहार और परीक्षा के बीच छात्रों को कठिनाई का सामना न करना पड़े। ईद-उल-अजहा मुस्लिम समुदाय का एक प्रमुख धार्मिक पर्व है। यह त्योहार पैगंबर इब्राहिम की कुर्बानी और त्याग की याद में मनाया जाता है। इस दिन मुस्लिम समुदाय के लोग विशेष नमाज अदा करते हैं और कुर्बानी की रस्म निभाते हैं। जरूरतमंदों के बीच दान और सहायता भी इस पर्व का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। देशभर में मुस्लिम परिवार इस दिन अपने परिजनों और समाज के लोगों के साथ मिलकर त्योहार मनाते हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि भारत जैसे विविधताओं वाले देश में धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों को ध्यान में रखते हुए परीक्षा कार्यक्रम तैयार करना आवश्यक होता है। अचानक तिथि बदलने से छात्रों और शिक्षण संस्थानों दोनों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। हालांकि अधिकांश संस्थानों ने छात्रों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए परीक्षा तिथियों में बदलाव कर दिया है। फिलहाल देशभर के लाखों छात्र नई परीक्षा तिथियों की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं। शिक्षा संस्थानों और परीक्षा एजेंसियों ने आश्वासन दिया है कि संशोधित कार्यक्रम जल्द जारी कर दिया जाएगा, ताकि छात्रों की तैयारी और शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित न हों।


