पटना सिटी में विवाहिता की संदिग्ध मौत से सनसनी, मायके वालों ने लगाया दहेज हत्या का आरोप
- शादी के बाद से प्रताड़ना का आरोप, शरीर पर मिले कई चोट और जख्म के निशान
- अस्पताल पहुंचने से पहले हुई मौत, पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू की
पटना। आलमगंज थाना क्षेत्र स्थित बबुआगंज इलाके में एक 24 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतका की पहचान राधा कुमारी के रूप में हुई है। घटना के बाद मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि शादी के बाद से ही राधा को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। मृतका की मां उर्मिला देवी ने बताया कि वर्ष 2022 में उन्होंने अपनी बेटी राधा की शादी मालसलामी निवासी विकास जायसवाल के साथ की थी। शादी के समय अपनी क्षमता के अनुसार दान-दहेज भी दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद ससुराल पक्ष की मांगें लगातार बढ़ती चली गईं। मायके वालों का आरोप है कि शादी के कुछ महीनों बाद से ही राधा पर अतिरिक्त दहेज लाने का दबाव बनाया जाने लगा था। परिजनों के अनुसार, राधा को अक्सर छोटी-छोटी बातों पर प्रताड़ित किया जाता था। उसे मानसिक रूप से परेशान करने के साथ-साथ मारपीट भी की जाती थी। राधा कई बार अपने मायके आकर अपनी पीड़ा परिवार वालों को बता चुकी थी। मां उर्मिला देवी ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी लगातार भय और दबाव में जी रही थी, लेकिन परिवार और समाज की मर्यादा को देखते हुए वह सबकुछ सहन करती रही। घटना शुक्रवार शाम की बताई जा रही है। मृतका के मायके वालों के अनुसार उन्हें ससुराल पक्ष की ओर से फोन कर सूचना दी गई कि राधा की तबीयत अचानक खराब हो गई है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलते ही परिजन घबराकर अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां पहुंचने पर उन्होंने देखा कि राधा की मौत हो चुकी थी और उसका शव अस्पताल में पड़ा हुआ था। परिजनों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने शव देखा तो उसके शरीर पर कई जगह गहरे चोट और जख्म के निशान थे। परिवार का कहना है कि यह सामान्य मौत नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या का मामला है। मायके पक्ष का आरोप है कि ससुराल वालों ने पहले राधा के साथ मारपीट की और बाद में मामले को छिपाने के लिए बीमारी का बहाना बनाया। घटना की जानकारी मिलते ही आलमगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। आलमगंज थाना प्रभारी राहुल कुमार ठाकुर ने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि अभी तक मायके पक्ष की ओर से कोई लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है, लेकिन प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। यदि जांच में दहेज हत्या या मारपीट की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आसपास के लोगों और रिश्तेदारों से भी पूछताछ कर रही है ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाया जा सके। इस घटना के बाद इलाके में आक्रोश और शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दहेज प्रथा आज भी समाज के लिए अभिशाप बनी हुई है। विवाह के बाद कई महिलाओं को प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है और कई मामलों में उनकी जान तक चली जाती है। लोगों ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। महिला संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस घटना पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि दहेज प्रताड़ना के मामलों में तेजी से कार्रवाई और कठोर सजा जरूरी है, ताकि ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।


