सम्राट सरकार का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 11 आईएएस अधिकारियों के तबादले

  • गृह विभाग से अरविंद कुमार चौधरी की विदाई, कुंदन कुमार बने नए सचिव
  • दीपक कुमार को राज्यपाल का प्रधान सचिव नियुक्त, कई अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार

पटना। बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नई सरकार बनने के बाद प्रशासनिक स्तर पर लगातार बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। राज्य सरकार ने शुक्रवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा के 11 वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला करते हुए नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार कई महत्वपूर्ण विभागों में नए अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जबकि कुछ अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी सौंपे गए हैं। सरकार के इस कदम को प्रशासनिक व्यवस्था में तेजी लाने और विभागीय कार्यों में समन्वय स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्य सरकार ने 1992 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी दीपक कुमार को राज्यपाल का प्रधान सचिव नियुक्त किया है। इसके साथ ही उन्हें सामान्य प्रशासन विभाग के महानिदेशक तथा मुख्य जांच आयुक्त का अतिरिक्त दायित्व भी दिया गया है। प्रशासनिक हलकों में दीपक कुमार की नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि वे लंबे समय से कई अहम विभागों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वहीं गृह विभाग में भी बड़ा बदलाव किया गया है। 1995 बैच के वरिष्ठ अधिकारी अरविंद कुमार चौधरी को गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव पद से हटाकर मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग का अपर मुख्य सचिव बनाया गया है। इसके अतिरिक्त उन्हें बिहार कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष तथा बिहार राज्य संयुक्त प्रवेश परीक्षा पर्षद के परीक्षा नियंत्रक का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। सरकार के इस निर्णय को प्रशासनिक अनुभव का बेहतर उपयोग करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार को गृह विभाग का नया सचिव नियुक्त किया गया है। गृह विभाग राज्य प्रशासन का सबसे महत्वपूर्ण विभाग माना जाता है और ऐसे में कुंदन कुमार की नियुक्ति को विशेष महत्व दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि सरकार कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक नियंत्रण को और मजबूत करने की दिशा में यह बदलाव कर रही है। सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव बी. राजेंदर को निगरानी विभाग के अपर मुख्य सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वहीं वित्त विभाग के सचिव संजय कुमार सिंह को सामान्य प्रशासन विभाग के जांच आयुक्त की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरकार ने कई अधिकारियों को अतिरिक्त दायित्व देकर प्रशासनिक कार्यों में निरंतरता बनाए रखने का प्रयास किया है। बिहार मानवाधिकार आयोग की सचिव सीमा त्रिपाठी को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का सचिव बनाया गया है। भूमि संबंधी मामलों को बिहार में हमेशा महत्वपूर्ण माना जाता रहा है, इसलिए उनकी नियुक्ति को प्रशासनिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। दूसरी ओर सिविल विमानन विभाग के विशेष सचिव निलेश रामचंद्र देवरे को बिहार राज्य आवास बोर्ड के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।2012 बैच की आईएएस अधिकारी इनायत खान को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के विशेष सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वे वर्तमान में बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड की प्रबंध निदेशक भी हैं। इसके अलावा मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के विशेष सचिव अरविंद कुमार वर्मा को उद्योग विभाग में विशेष सचिव का अतिरिक्त दायित्व दिया गया है। बिहार राज्य आवास बोर्ड के प्रबंध निदेशक राजीव कुमार श्रीवास्तव का तबादला कर उन्हें वित्त विभाग में अपर सचिव नियुक्त किया गया है। वहीं राज्यपाल के मौजूदा प्रधान सचिव गोपाल मीणा को केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर भेज दिया गया है। केंद्र सरकार ने उन्हें नोएडा का विकास आयुक्त नियुक्त किया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में भी अधिसूचना जारी कर दी है। राजनीतिक और प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि सम्राट सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से लगातार फेरबदल कर रही है। आने वाले दिनों में और भी विभागों में बदलाव की संभावना जताई जा रही है। बिहार की नौकरशाही में हुए इस व्यापक बदलाव को सरकार की नई प्रशासनिक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

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