पांच देशों के दौरे से लौटे प्रधानमंत्री मोदी, आज होगी अहम मंत्रिपरिषद बैठक
- करीब 11 महीने बाद होने जा रही बैठक में कई मंत्रालय देंगे प्रस्तुतीकरण
- मध्य पूर्व संकट, ईंधन कीमतों और संभावित फेरबदल को लेकर बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच देशों की यात्रा पूरी कर गुरुवार को नई दिल्ली लौट आए। विदेश दौरे से लौटते ही प्रधानमंत्री आज होने वाली महत्वपूर्ण मंत्रिपरिषद बैठक में शामिल होंगे। करीब 11 महीने बाद आयोजित हो रही इस बैठक को केंद्र सरकार के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस बैठक को लेकर काफी चर्चा है, क्योंकि इसमें कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि बैठक कई घंटों तक चल सकती है। शाम साढ़े चार बजे से शुरू होने वाली इस बैठक के लगभग चार से पांच घंटे तक चलने की संभावना है। पिछली मंत्रिपरिषद बैठक पिछले वर्ष 4 जून को हुई थी। इसके बाद अब इतनी लंबी अवधि के बाद सभी मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की जा रही है। यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब वैश्विक स्तर पर कई बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। विशेष रूप से मध्य पूर्व में जारी संकट को लेकर भारत सरकार गंभीर नजर आ रही है। कच्चे तेल और गैस की संभावित कमी तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की बढ़ती कीमतों का असर भारत पर भी पड़ सकता है। इसी को देखते हुए सरकार आने वाले समय के लिए रणनीति तैयार करने में जुटी है। सूत्रों के अनुसार बैठक में ऊर्जा सुरक्षा, ईंधन बचत और वैकल्पिक संसाधनों को लेकर भी चर्चा की जा सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही देशवासियों से तेल और गैस की बचत करने की अपील कर चुके हैं। माना जा रहा है कि सरकार आने वाले दिनों में ऊर्जा क्षेत्र में कुछ बड़े सुधारात्मक कदमों की घोषणा कर सकती है। बैठक को लेकर एक और बड़ी चर्चा संभावित मंत्रिमंडलीय फेरबदल की भी है। लंबे समय बाद होने वाली इस बैठक पर राजनीतिक दलों और प्रशासनिक अधिकारियों की नजर टिकी हुई है। हालांकि सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की अटकलें लगातार लगाई जा रही हैं। केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भी यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आगामी 9 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के 12 वर्ष पूरे हो जाएंगे। इसी को ध्यान में रखते हुए सभी मंत्रालयों से पिछले 12 वर्षों में चलाई गई सफल योजनाओं और उपलब्धियों की सूची मांगी गई है। बैठक के दौरान इन योजनाओं की समीक्षा भी की जाएगी। सरकार के विभिन्न मंत्रालय इस बैठक में अपने-अपने विभागों के कामकाज और सुधारों को लेकर प्रस्तुतीकरण देंगे। जिन प्रमुख मंत्रालयों को प्रस्तुतीकरण देना है उनमें वित्त मंत्रालय, रेलवे मंत्रालय, ऊर्जा मंत्रालय, वाणिज्य मंत्रालय, श्रम मंत्रालय, कृषि मंत्रालय, वन एवं पर्यावरण मंत्रालय, सड़क परिवहन मंत्रालय, परमाणु ऊर्जा विभाग और उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग शामिल हैं। इन मंत्रालयों के सचिव पिछले दो वर्षों में किए गए सुधारों और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी देंगे। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर सभी मंत्रालयों ने अपने विभागों में किए गए सुधारों और नई पहल की विस्तृत जानकारी पहले ही मंत्रिमंडल सचिवालय को सौंप दी है। बैठक में इन योजनाओं की समीक्षा के साथ आगे की रणनीति भी तय की जाएगी। सरकार का फोकस विशेष रूप से बुनियादी ढांचे, ऊर्जा सुरक्षा, रोजगार, कृषि और औद्योगिक विकास पर रहने की संभावना है। बैठक में यह भी चर्चा हो सकती है कि आने वाले वर्षों में भारत को वैश्विक आर्थिक चुनौतियों से कैसे सुरक्षित रखा जाए। अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए व्यापार और ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा सकता है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बैठक केवल प्रशासनिक समीक्षा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सरकार के आगामी एजेंडे और भविष्य की नीतियों का भी संकेत दे सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंत्रिपरिषद को आगामी योजनाओं, चुनावी रणनीति और विकास कार्यक्रमों को लेकर दिशा-निर्देश दे सकते हैं। मध्य पूर्व संकट, बढ़ती ईंधन कीमतें, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और घरेलू राजनीतिक परिस्थितियों के बीच होने वाली यह बैठक केंद्र सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि बैठक के बाद सरकार की ओर से कौन-कौन से बड़े फैसले सामने आते हैं।


