बिहार में 37 घंटे ठप रहेंगी ऑनलाइन बिजली सेवाएं, नए बिलिंग सिस्टम के लिए बड़ा तकनीकी बदलाव

  • बुधवार शाम 7 बजे से शुक्रवार सुबह 8 बजे तक बिल भुगतान, स्मार्ट मीटर रिचार्ज और नया कनेक्शन जैसी सेवाएं रहेंगी बंद
  • बिजली आपूर्ति सामान्य रहेगी, विभाग ने उपभोक्ताओं से पहले ही रिचार्ज और बिल भुगतान करने की अपील की

पटना। बिहार के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए आने वाले 37 घंटे चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं। राज्य में बिजली वितरण व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा तकनीकी बदलाव किया जा रहा है। इसी के तहत नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी और साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी की सभी ऑनलाइन सेवाएं अस्थायी रूप से बंद रहेंगी। ऊर्जा विभाग ने इसकी आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया है कि बुधवार शाम 7 बजे से शुक्रवार यानी 22 मई की सुबह 8 बजे तक बिजली से जुड़ी डिजिटल सेवाएं उपलब्ध नहीं रहेंगी। इस दौरान उपभोक्ता बिजली बिल जमा नहीं कर सकेंगे। साथ ही स्मार्ट प्रीपेड मीटर रिचार्ज, नया बिजली कनेक्शन, लोड परिवर्तन, नाम परिवर्तन और बिल सुधार जैसी सभी ऑनलाइन सेवाएं पूरी तरह ठप रहेंगी। विभाग के इस फैसले का असर राज्यभर के लाखों उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है, खासकर उन लोगों पर जो नियमित रूप से डिजिटल माध्यम से बिजली सेवाओं का उपयोग करते हैं। ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह तकनीकी बंदी नए और अत्याधुनिक बिलिंग सिस्टम को लागू करने के लिए की जा रही है। विभाग का कहना है कि नया सॉफ्टवेयर पुराने सिस्टम की तुलना में अधिक सुरक्षित, तेज और पारदर्शी होगा। इससे भविष्य में उपभोक्ताओं को बेहतर डिजिटल सुविधाएं मिल सकेंगी और शिकायतों के समाधान में भी तेजी आएगी। हालांकि विभाग ने राहत देते हुए स्पष्ट किया है कि इस दौरान बिजली आपूर्ति सामान्य बनी रहेगी। स्मार्ट मीटर में बैलेंस खत्म हो जाने या रिचार्ज न हो पाने की स्थिति में भी उपभोक्ताओं की बिजली नहीं काटी जाएगी। इससे उन उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी, जो स्मार्ट प्रीपेड मीटर का उपयोग करते हैं और नियमित रूप से ऑनलाइन रिचार्ज कराते हैं। ऊर्जा विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की परेशानी से बचने के लिए पहले ही बिजली बिल जमा कर दें और स्मार्ट मीटर रिचार्ज करा लें। विभाग का मानना है कि अचानक सेवा बंद होने से लोगों के रोजमर्रा के काम प्रभावित हो सकते हैं, इसलिए पहले से सतर्क रहना जरूरी है। बिजली कंपनियों के अनुसार यह तकनीकी बदलाव लंबे समय से आवश्यक माना जा रहा था। पुराने सिस्टम में कई तरह की तकनीकी दिक्कतें सामने आ रही थीं, जिससे उपभोक्ताओं को शिकायतें होती थीं। नए सिस्टम के लागू होने के बाद बिलिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके अलावा डेटा सुरक्षा और ऑनलाइन भुगतान प्रणाली को भी अधिक मजबूत बनाया जाएगा। इसी बीच राजधानी पटना में अलग से बिजली कटौती की भी घोषणा की गई है। पथ निर्माण विभाग के कार्यों के कारण बुधवार को सुबह 11:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक रेडिएंट पावर सब स्टेशन के अंतर्गत आने वाले 11 केवी प्रियदर्शिनी नगर फीडर को बंद रखा जाएगा। इस दौरान गणेश दत्त पथ, विजय विहार और पूर्वी जजेज कॉलोनी सहित कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि सड़क निर्माण और तकनीकी सुधार कार्यों के कारण यह अस्थायी कटौती जरूरी है। हालांकि संबंधित विभागों को निर्देश दिया गया है कि काम तय समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाए ताकि लोगों को अधिक परेशानी न हो। राज्य में तेजी से बढ़ते डिजिटलीकरण के बीच बिजली विभाग की यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सरकार का दावा है कि भविष्य में उपभोक्ताओं को ऑनलाइन सेवाओं में अधिक सुविधा मिलेगी और शिकायतों का समाधान पहले की तुलना में अधिक तेजी से हो सकेगा। हालांकि उपभोक्ताओं के बीच इस बात को लेकर भी चिंता है कि तकनीकी बदलाव के शुरुआती दौर में दिक्कतें बढ़ सकती हैं। कई लोग यह आशंका जता रहे हैं कि नया सिस्टम शुरू होने के बाद शुरुआती दिनों में तकनीकी समस्याएं सामने आ सकती हैं। ऐसे में विभाग की तैयारी और तकनीकी क्षमता की भी परीक्षा होगी। फिलहाल बिजली कंपनियों और ऊर्जा विभाग की पूरी कोशिश यही है कि यह बदलाव बिना किसी बड़ी समस्या के पूरा हो जाए। अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि नया बिलिंग सिस्टम वाकई में बिजली सेवाओं को अधिक आसान और भरोसेमंद बनाता है या नहीं।

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