सम्राट कैबिनेट की अहम बैठक आज, कई बड़े लोकहित फैसलों पर लग सकती है मुहर
- विकास योजनाओं, कर्मचारियों और नई नीतियों से जुड़े प्रस्तावों पर होगी चर्चा, शाम साढ़े छह बजे होगी आधिकारिक जानकारी
- पिछली बैठक में महंगाई भत्ता बढ़ाने, ग्रामीण पुलिस अधीक्षक पद सृजन और महिलाओं को इलेक्ट्रिक वाहन सहायता जैसी योजनाओं को मिली थी मंजूरी
पटना। बिहार में नई सरकार बनने के बाद लगातार प्रशासनिक और विकासात्मक फैसलों का दौर जारी है। इसी कड़ी में आज शाम मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होने जा रही है। यह बैठक शाम 5:30 बजे मंत्रिमंडल सचिवालय में होगी, जिसमें राज्य से जुड़े कई अहम प्रस्तावों और योजनाओं पर विचार किया जाएगा। सरकार की ओर से संकेत मिले हैं कि इस बैठक में विकास योजनाओं, कर्मचारियों के हितों और नई नीतियों से जुड़े कई बड़े फैसलों को मंजूरी मिल सकती है। बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र यादव सहित सभी मंत्री शामिल होंगे। कैबिनेट बैठक के बाद शाम 6:30 बजे सूचना एवं जनसंपर्क विभाग सभागार में सरकार की ओर से आधिकारिक जानकारी दी जाएगी। माना जा रहा है कि सरकार आगामी दिनों को ध्यान में रखते हुए कई ऐसे फैसले ले सकती है, जिनका सीधा असर आम लोगों पर पड़ेगा। सूत्रों के अनुसार आज की बैठक में विकास परियोजनाओं को गति देने, प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की संभावना है। इसके अलावा राज्य में बुनियादी ढांचे के विस्तार, शहरी विकास और जनकल्याण योजनाओं से संबंधित प्रस्ताव भी कैबिनेट के सामने रखे जा सकते हैं। इससे पहले 13 मई को हुई कैबिनेट बैठक में कुल 19 एजेंडों पर मंजूरी दी गई थी। उस बैठक में बिहार के करीब नौ लाख सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को बड़ी राहत देते हुए महंगाई भत्ता बढ़ाने का फैसला लिया गया था। राज्य सरकार ने केंद्र सरकार की तर्ज पर महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया था। यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएगी। इस फैसले से राज्य के कर्मचारियों और पेंशनधारकों को आर्थिक राहत मिली थी। पिछली बैठक में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया था। राज्य में बढ़ते अपराध को देखते हुए पांच जिलों में ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के नए पद सृजित करने की मंजूरी दी गई थी। पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, वैशाली, मधुबनी और सीवान में ग्रामीण पुलिस अधीक्षक की तैनाती की जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को मजबूती मिलेगी। महिलाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से पिछली कैबिनेट बैठक में एक और बड़ा फैसला लिया गया था। सरकार ने महिलाओं द्वारा चारपहिया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर एक लाख रुपये तक की सहायता राशि देने की मंजूरी दी थी। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और पर्यावरण के अनुकूल वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देना है। नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक भी काफी चर्चित रही थी। उस बैठक में बिहार में 11 नए आधुनिक शहर बसाने की योजना को मंजूरी दी गई थी। इन उपग्रह नगरों के विकास के लिए कई स्थानों पर जमीन की खरीद-बिक्री पर अस्थायी रोक लगा दी गई थी। मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, भागलपुर और छपरा के पास यह रोक 30 जून 2027 तक लागू रहेगी, जबकि पटना, सोनपुर, गया, दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया और मुंगेर के आसपास यह प्रतिबंध 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगा। सरकार ने इन नए उपग्रह नगरों का नामकरण बिहार की सांस्कृतिक विरासत के अनुरूप करने का फैसला लिया था। पटना के पास विकसित होने वाले नगर का नाम ‘पाटलिपुत्र’ और सोनपुर के पास बनने वाली टाउनशिप का नाम ‘हरिहरनाथपुर’ रखा जाएगा। नगर विकास विभाग इन क्षेत्रों का मास्टर प्लान तैयार कर रहा है, जिसमें मुख्य क्षेत्र और विशेष क्षेत्र निर्धारित किए जाएंगे। भविष्य में निर्माण और भूमि उपयोग इसी योजना के अनुसार होगा। सरकार ने बुजुर्गों को राहत देने के लिए भी अहम कदम उठाया है। 80 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए घर जाकर जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी करने की सुविधा देने का निर्णय लिया गया है। इससे बुजुर्गों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। अब सबकी नजर आज होने वाली कैबिनेट बैठक पर टिकी है। माना जा रहा है कि सरकार एक बार फिर कुछ ऐसे फैसले ले सकती है, जो प्रशासनिक सुधार, विकास और जनहित से सीधे जुड़े होंगे। राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है।


