नीट पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई, सीबीआई ने कोचिंग संचालक को किया गिरफ्तार

  • महाराष्ट्र के लातूर से हुई दसवीं गिरफ्तारी, मोबाइल से मिला कथित लीक प्रश्नपत्र
  • परीक्षा रद्द होने के बाद जांच तेज, विपक्ष ने केंद्र सरकार पर उठाए सवाल

नई दिल्ली। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा यानी नीट स्नातक परीक्षा पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र के लातूर से एक प्रमुख कोचिंग संचालक को गिरफ्तार किया है। सोमवार को हुई इस कार्रवाई के साथ ही मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर दस हो गई है। केंद्रीय एजेंसी का दावा है कि गिरफ्तार आरोपी संगठित गिरोह का हिस्सा था और परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक कराने तथा उसे आगे फैलाने में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका थी। सीबीआई ने महाराष्ट्र के लातूर निवासी शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया है। वह रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस नामक कोचिंग संस्थान का संचालक बताया जा रहा है। यह संस्थान लातूर सहित सात जिलों में संचालित होता है। अधिकारियों के अनुसार रविवार को की गई तलाशी के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन से नीट स्नातक परीक्षा का कथित लीक प्रश्नपत्र बरामद हुआ। इसके बाद एजेंसी ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की और बाद में गिरफ्तार कर लिया। सीबीआई का कहना है कि आरोपी ने अन्य लोगों के साथ मिलकर 23 अप्रैल को ही परीक्षा का प्रश्नपत्र और उत्तर कुंजी हासिल कर ली थी। इसके बाद यह सामग्री कई छात्रों और अन्य लोगों तक पहुंचाई गई। जांच एजेंसी को संदेह है कि कोचिंग संस्थान में पढ़ने वाले कुछ छात्रों को परीक्षा से पहले ही प्रश्न उपलब्ध करा दिए गए थे। जानकारी के अनुसार 15 मई को भी सीबीआई ने मोटेगांवकर से उसके घर पर करीब आठ घंटे तक पूछताछ की थी। इसके बाद रविवार को एजेंसी ने कोचिंग संस्थान के मुख्य कार्यालय पर छापा मारा और कई दस्तावेज तथा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए। जांच एजेंसियों के मुताबिक इस कोचिंग नेटवर्क का कारोबार लगभग 100 करोड़ रुपये का है। जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ डॉक्टरों और अन्य लोगों ने कथित रूप से लीक प्रश्नपत्र खरीदने के लिए मोटी रकम खर्च की थी। सीबीआई अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा प्रश्नपत्र किस स्तर से बाहर पहुंचा। मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए दस आरोपियों में से छह महाराष्ट्र से हैं। इससे पहले भी कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा चुकी है। जांच एजेंसी लगातार विभिन्न राज्यों में छापेमारी कर रही है। इस बीच इस मुद्दे को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय पर सवाल उठाते हुए कहा कि बार-बार परीक्षा पत्र लीक होना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने सामाजिक मीडिया मंच पर लिखा कि जब लगातार परीक्षा में गड़बड़ी हो रही है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग भी की। उधर केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी में बड़े प्रशासनिक बदलाव किए हैं। सरकार ने भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी आकाश जैन और आदित्य राजेंद्र भोजगढ़िया को संयुक्त निदेशक नियुक्त किया है। इसके अलावा अनुजा बापट और रुचिता विज को संयुक्त सचिव बनाया गया है। इन अधिकारियों का कार्यकाल पांच वर्षों तक रहेगा या अगले आदेश तक प्रभावी होगा। जांच के दौरान एक और बड़ा खुलासा सामने आया है। सीबीआई के अनुसार जीव विज्ञान विशेषज्ञ मंधारे राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की प्रश्नपत्र निर्माण समिति का हिस्सा थीं। उन्हें 14 मई को गिरफ्तार किया गया था। एजेंसी का दावा है कि उन्हें पहले से जानकारी थी कि परीक्षा में कौन से प्रश्न पूछे जाएंगे। आरोप है कि उन्होंने पुणे में विशेष कक्षाएं चलाकर छात्रों को वही प्रश्न और उत्तर नोट कराए, जो बाद में परीक्षा में पूछे गए। जांच एजेंसियों का कहना है कि मंधारे और अन्य आरोपियों ने छात्रों और अभिभावकों से लाखों रुपये लेकर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए। इस मामले में ब्यूटीशियन मनीषा वाघमारे और रसायन शास्त्र के प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी के नाम भी सामने आए हैं। कुलकर्णी लंबे समय तक प्रश्नपत्र निर्माण पैनल से जुड़े रहे थे। गौरतलब है कि नीट स्नातक परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी। इसमें लगभग 23 लाख छात्र शामिल हुए थे। परीक्षा के बाद 7 मई को गड़बड़ी की सूचना सामने आई, जिसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंप दिया गया। 12 मई को परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया और दोबारा परीक्षा कराने की घोषणा की गई। अब देशभर के छात्र और अभिभावक जांच के निष्कर्ष और नई परीक्षा की तारीख का इंतजार कर रहे हैं। वहीं इस पूरे मामले ने देश की परीक्षा प्रणाली और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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