दरभंगा में रास्ते के विवाद ने लिया हिंसक रूप, दो पक्षों में जमकर पथराव

  • बारात की गाड़ी निकालने को लेकर शुरू हुआ विवाद, कई घरों की छतें क्षतिग्रस्त
  • पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लगाए आरोप

दरभंगा। जिले के सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत शंकरपुर पंचायत में रविवार देर रात रास्ता खाली कराने और गाड़ी निकालने को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद अचानक हिंसक झड़प में बदल गया। देखते ही देखते दो पक्ष आमने-सामने आ गए और दोनों ओर से जमकर मारपीट तथा पथराव शुरू हो गया। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया। हालांकि इस झड़प में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन कई घरों के एस्बेस्टस और अन्य सामान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही सिंहवाड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस की मौजूदगी के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हुई, लेकिन देर रात तक इलाके में तनाव बना रहा। एहतियात के तौर पर पुलिस बल को मौके पर तैनात रखा गया। स्थानीय निवासी मोहम्मद इरशाद ने बताया कि वे भरवाड़ा राजा चौक से लौट रहे थे, तभी रास्ते में अचानक जाम जैसी स्थिति दिखाई दी। जब उन्होंने लोगों से पूछताछ की तो पता चला कि दो पक्षों के बीच पथराव हो रहा है। उन्होंने बताया कि उन्होंने दोनों पक्षों को समझाने और मामला शांत कराने की कोशिश की, लेकिन स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई। इसके बाद उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पूर्व मुखिया अहमद अली तमन्ना ने बताया कि विवाद की शुरुआत बारात की गाड़ी निकालने को लेकर हुई थी। दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई और फिर मामला मारपीट तथा पथराव तक पहुंच गया। उनके अनुसार यदि समय रहते दोनों पक्षों को शांत नहीं कराया जाता तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। एक पक्ष के मोहम्मद अज्जम मुख्तार ने आरोप लगाया कि वे बारात से लौट रहे थे और उनके साथ दो गाड़ियां थीं। उनके अनुसार घर के सामने सड़क पर मोटरसाइकिल और कुर्सियां रखी होने के कारण रास्ता बाधित था। जब उन्होंने रास्ता साफ कर अपनी गाड़ी आगे बढ़ाने की कोशिश की, तब एक महिला ने इसका विरोध किया और कहा कि गाड़ी घर से सटकर निकल रही है, जिससे नुकसान हो सकता है। अज्जम मुख्तार ने आरोप लगाया कि इसी बात को लेकर कुछ लोग अचानक आक्रामक हो गए और उन पर हमला कर दिया। उन्होंने कहा कि 5 से 7 लोगों ने मिलकर उनके साथ मारपीट की और शादी में मिले सोने के गहने तथा मोबाइल फोन भी छीन लिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस को कई बार फोन करने के बावजूद पुलिस करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंची, तब तक दोनों पक्षों के बीच जमकर पथराव हो चुका था। उन्होंने दूसरे पक्ष के लड्डू कुरैशी और उनके समर्थकों पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया। वहीं दूसरी ओर लड्डू कुरैशी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके घर के सामने पहले से जाम लगा हुआ था। उन्होंने बताया कि उनके बेटे ने केवल रास्ता खाली करने के लिए कहा था, लेकिन इसके बाद दूसरे पक्ष की ओर से गाली-गलौज शुरू हो गई। लड्डू कुरैशी के अनुसार दोनों पक्षों के लोग धीरे-धीरे इकट्ठा होने लगे और विवाद बढ़ता चला गया। देखते ही देखते स्थिति इतनी बिगड़ गई कि दोनों ओर से पत्थरबाजी शुरू हो गई। उन्होंने कहा कि उनके परिवार के लोगों को भी नुकसान पहुंचा है और कई घरों की छतें तथा सामान क्षतिग्रस्त हुए हैं। घटना के दौरान इलाके में दहशत का माहौल बन गया। महिलाएं और बच्चे अपने घरों में दुबके रहे। कई लोगों ने अपने दरवाजे बंद कर लिए ताकि पत्थरबाजी से बचा जा सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पुलिस समय पर नहीं पहुंचती तो घटना और भी गंभीर रूप ले सकती थी। सिंहवाड़ा थानाध्यक्ष बसंत कुमार ने बताया कि दो पक्षों के बीच मारपीट और पथराव की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर पत्थरबाजी की गई है। फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से लिखित आवेदन नहीं दिया गया है। आवेदन मिलने के बाद मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। वहीं ग्रामीणों ने मांग की है कि पुलिस इलाके में नियमित गश्त बढ़ाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

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