पटना में अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़, दो चोरी के पिकअप वाहन बरामद

  • जेठुली घाट के पास पुलिस की छापेमारी में एक शातिर अपराधी गिरफ्तार
  • चोरी के वाहनों से मादक पदार्थ तस्करी की तैयारी की सूचना पर हुई कार्रवाई

पटना। राजधानी पटना के फतुहा अनुमंडल क्षेत्र में पुलिस ने अंतरराज्यीय वाहन चोर और तस्कर गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चोरी के दो पिकअप वाहन बरामद किए हैं। इस दौरान पुलिस ने एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस प्रशासन ने दावा किया है कि क्षेत्र में सक्रिय वाहन चोरी और तस्करी नेटवर्क पर बड़ी चोट पहुंची है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान दीदारगंज थाना क्षेत्र के गुलमहियाबाग निवासी 36 वर्षीय चंदन कुमार के रूप में की गई है। पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से चोरी के वाहनों की खरीद-बिक्री और अवैध गतिविधियों से जुड़ा हुआ था। पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है। फतुहा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-1 अवधेश कुमार ने नदी थाना परिसर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 13 मई 2026 को दोपहर करीब 2 बजकर 10 मिनट पर नदी थाना की दिवा गश्ती टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि जेठुली घाट के समीप चोरी के तीन पिकअप वाहन खड़े हैं। सूचना में यह भी बताया गया था कि इन वाहनों पर अवैध मादक पदार्थ लादकर तस्करी की तैयारी की जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। नदी थाना अध्यक्ष सद्दाम हुसैन के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने बिना समय गंवाए जेठुली घाट इलाके में छापेमारी शुरू की। पुलिस ने रणनीतिक तरीके से पूरे इलाके की घेराबंदी की ताकि अपराधी भागने न पाए। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से दो पिकअप वाहनों को बरामद कर लिया और आरोपी चंदन कुमार को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि गिरोह के अन्य सदस्य अंधेरे और अफरा-तफरी का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में सफल रहे। पुलिस उनकी पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस जांच में यह पुष्टि हुई कि बरामद दोनों पिकअप वाहन चोरी के हैं और इनके खिलाफ पहले से अलग-अलग थानों में प्राथमिकी दर्ज है। बरामद वाहनों के नंबर बीआर06जीसी9070 और बीआर01जीजे7809 बताए गए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन वाहनों का इस्तेमाल किन-किन आपराधिक गतिविधियों में किया जा रहा था। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अवधेश कुमार ने बताया कि यह गिरोह बिहार समेत अन्य राज्यों में सक्रिय हो सकता है। प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि चोरी के वाहनों का उपयोग मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध सामान ढुलाई और अन्य आपराधिक कार्यों में किया जाता था। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की जा रही है और कई अहम सुराग मिले हैं। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल कॉल डिटेल्स के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। जल्द ही इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है। इस अभियान में पुलिस अवर निरीक्षक जयकिशोर चौधरी, सहायक अवर निरीक्षक शैलेश्वर प्रसाद, सहायक अवर निरीक्षक प्रवीण कुमार तथा नदी थाना के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरी कार्रवाई बेहद सतर्कता और योजनाबद्ध तरीके से की गई, जिसके कारण चोरी के वाहन बरामद करने में सफलता मिली। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है। ग्रामीणों का कहना है कि हाल के दिनों में इलाके में वाहन चोरी और संदिग्ध गतिविधियों की घटनाएं बढ़ गई थीं, जिससे लोग परेशान थे। पुलिस की इस कार्रवाई से लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है। पुलिस प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी संदिग्ध वाहन या गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। अधिकारियों का कहना है कि अपराध और तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

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