पटना जंक्शन का बदलेगा स्वरूप, 100 करोड़ की लागत से बनेगा अत्याधुनिक दो मंजिला मेगा वेटिंग हॉल

  • आरक्षण काउंटर, विश्राम कक्ष और डिजिटल सुविधाओं से लैस होगा नया भवन
  • बढ़ती यात्री संख्या और त्योहारों की भीड़ को देखते हुए रेलवे ने तेज की तैयारी

पटना। बिहार की राजधानी पटना से रेल यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। पूर्व मध्य रेलवे ने पटना जंक्शन को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। लगातार बढ़ती यात्री संख्या और स्टेशन पर बढ़ते दबाव को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने यहां करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक दो मंजिला यात्री प्रतीक्षालय बनाने की योजना तैयार की है। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद पटना जंक्शन का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। रेलवे के अनुसार यह नया भवन आधुनिक तकनीक और यात्री सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाएगा। भवन के प्रत्येक तल पर अलग-अलग प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि यात्रियों को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। योजना के तहत भूतल पर आरक्षण और अनारक्षित टिकट काउंटर बनाए जाएंगे। इससे यात्रियों को टिकट लेने के दौरान होने वाली भीड़ और अव्यवस्था से राहत मिलेगी। रेलवे का उद्देश्य है कि टिकट लेने की प्रक्रिया अधिक आसान और व्यवस्थित हो सके। भवन के प्रथम तल पर विशाल और आरामदायक प्रतीक्षालय तैयार किया जाएगा। यहां यात्रियों के बैठने और विश्राम करने की बेहतर व्यवस्था रहेगी। यात्रियों के लिए आरामदायक सीटें, स्वच्छ वातावरण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोगों को सुविधा मिल सके। द्वितीय तल पर यात्रियों के लिए डॉरमेट्री और विश्राम कक्ष बनाए जाएंगे। यहां वे यात्री ठहर सकेंगे जिन्हें ट्रेन के आने में अधिक समय हो या जिन्हें लंबी यात्रा के बाद आराम की आवश्यकता हो। रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह सुविधा विशेष रूप से उन यात्रियों के लिए उपयोगी साबित होगी जो देर रात या सुबह की ट्रेनों से यात्रा करते हैं। नई इमारत में आधुनिक शौचालय, डिजिटल ट्रेन सूचना बोर्ड, स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। रेलवे का दावा है कि यह परिसर यात्रियों को हवाई अड्डे जैसी सुविधाओं का अनुभव देगा। पटना जंक्शन बिहार का सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशन माना जाता है। यहां से प्रतिदिन लगभग 200 से 250 ट्रेनों का परिचालन होता है। रोजाना करीब डेढ़ लाख यात्री इस स्टेशन से सफर करते हैं। त्योहारों के समय यह संख्या बढ़कर ढाई लाख तक पहुंच जाती है। विशेष रूप से छठ, होली और दीपावली जैसे अवसरों पर स्टेशन पर भारी भीड़ उमड़ती है, जिससे यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि नई योजना से यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने में काफी मदद मिलेगी। इससे स्टेशन परिसर में व्यवस्था बेहतर होगी और यात्रियों को लंबे समय तक खड़े रहने या असुविधा झेलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। हाल ही में रेलवे की दो सदस्यीय टीम ने पटना जंक्शन का निरीक्षण किया और निर्माण कार्य के लिए स्थान भी चिह्नित कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार जल्द ही निर्माण प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। परियोजना को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा ताकि स्टेशन के सामान्य परिचालन पर अधिक असर न पड़े। सिर्फ प्रतीक्षालय निर्माण ही नहीं, बल्कि स्टेशन के आधारभूत ढांचे को भी मजबूत करने की तैयारी की जा रही है। रेलवे प्लेटफॉर्म की लंबाई और चौड़ाई बढ़ाने की योजना पर भी काम कर रहा है। जानकारी के अनुसार प्लेटफॉर्म को लगभग 80 से 100 फीट तक विस्तारित किया जाएगा। इसके अलावा यात्रियों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए सीढ़ियों का चौड़ीकरण भी किया जाएगा। रेलवे का मानना है कि इन सुधारों के बाद त्योहारों और विशेष अवसरों पर होने वाली अव्यवस्था को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा। साथ ही यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा अनुभव मिलेगा। आने वाले वर्षों में पटना जंक्शन को देश के आधुनिक रेलवे स्टेशनों की सूची में शामिल करने की दिशा में यह परियोजना एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। रेलवे प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से लगातार विकास कार्य किए जा रहे हैं।

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