पश्चिम बंगाल में पहली बार बनी भाजपा की सरकार, शुभेंदु अधिकारी ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, पीएम मोदी भी रहे मौजूद

  • प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के नेताओं की मौजूदगी में हुआ भव्य समारोह
  • रवींद्रनाथ टैगोर को श्रद्धांजलि और वरिष्ठ कार्यकर्ता माखनलाल सरकार का सम्मान बना आकर्षण

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सुवेंदु अधिकारी ने राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इसके साथ ही पश्चिम बंगाल में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार अस्तित्व में आ गई। सुवेंदु अधिकारी ने बांग्ला भाषा में ईश्वर के नाम पर शपथ ग्रहण की। शपथ लेने के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास जाकर उनके चरण स्पर्श किए, जिसके बाद वहां मौजूद लोगों ने जोरदार स्वागत किया। इस शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के कई वरिष्ठ नेता तथा भारतीय जनता पार्टी और गठबंधन शासित राज्यों के लगभग 20 मुख्यमंत्री उपस्थित रहे। समारोह का आयोजन अत्यंत भव्य स्तर पर किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और आम लोग शामिल हुए। बंगाल के गवर्नर आरएन रवि ने सुवेंदु के अलावा 4 और विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई। इनमें दिलीप घोष, अग्निमित्रा पाल, अशोक कीर्तनिया और निषिथ प्रमाणिक का नाम शामिल है। कार्यक्रम की शुरुआत महान साहित्यकार गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। बंगाली पंचांग के अनुसार 25 वैशाख के दिन टैगोर की 165वीं जयंती मनाई जाती है। प्रधानमंत्री मोदी और सुवेंदु अधिकारी ने मंच से उन्हें नमन किया और उनकी साहित्यिक तथा सांस्कृतिक विरासत को याद किया। समारोह का एक विशेष आकर्षण भारतीय जनता पार्टी के 98 वर्षीय वरिष्ठ कार्यकर्ता माखनलाल सरकार का सम्मान रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंच पर पहुंचते ही सीधे माखनलाल सरकार के पास गए, उन्हें शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया और फिर उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान माखनलाल सरकार ने प्रधानमंत्री को गले लगाया, जिसका दृश्य कार्यक्रम में मौजूद लोगों के लिए भावुक क्षण बन गया। माखनलाल सरकार स्वतंत्रता के बाद के राष्ट्रवादी आंदोलनों से जुड़े पुराने कार्यकर्ताओं में गिने जाते हैं। वर्ष 1952 में कश्मीर आंदोलन के दौरान उन्हें गिरफ्तार किया गया था। उस समय वे जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ तिरंगा फहराने के अभियान में शामिल थे। वर्ष 1970 में पूर्व मेदिनीपुर जिले के कोंतली गांव में जन्मे सुवेंदु बचपन से ही आध्यात्मिक प्रवृत्ति के माने जाते हैं। उनका झुकाव रामकृष्ण मिशन की ओर था और वे नियमित रूप से वहां जाते थे। परिवार के  लोगों को यह चिंता भी रहती थी कि कहीं वे संन्यास का मार्ग न चुन लें। बताया जाता है कि वे घर में रखे पैसे और सिक्के भी चुपचाप मिशन में दान कर दिया करते थे। हालांकि बाद में उन्होंने संन्यास के बजाय राजनीति का रास्ता चुना और जीवनभर अविवाहित रहने का निर्णय लिया। 1980 के दशक के अंत में कांथी स्थित प्रभात कुमार कॉलेज से उन्होंने छात्र राजनीति की शुरुआत की और धीरे-धीरे पूर्व मेदिनीपुर क्षेत्र में अपनी मजबूत राजनीतिक पहचान बना ली। शपथ ग्रहण से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने परेड मैदान में एक भव्य रोड शो भी किया। विशेष रूप से तैयार किए गए रथ पर प्रधानमंत्री मोदी, सुवेंदु अधिकारी और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य मंच तक पहुंचे। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग सड़कों के किनारे मौजूद रहे और उन्होंने नेताओं का स्वागत किया। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम स्थल पर लगभग एक लाख लोग मौजूद थे। पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की यह जीत राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव के रूप में देखी जा रही है। लंबे समय बाद राज्य में किसी तीसरी राजनीतिक धारा ने सत्ता हासिल की है। अब सभी की नजर नई सरकार की नीतियों और प्रशासनिक फैसलों पर टिकी हुई है।

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