पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी, राजनीतिक घमासान तेज
- मनी लॉन्ड्रिंग और फर्जी कर खरीद मामले में चंडीगढ़, दिल्ली और गुरुग्राम में कार्रवाई
- मुख्यमंत्री भगवंत मान और संजय सिंह ने केंद्र सरकार पर लगाया राजनीतिक बदले की कार्रवाई का आरोप
चंडीगढ़। पंजाब की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब ईडी ने पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा और उनके सहयोगियों के कई ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई शुरू की। यह कार्रवाई चंडीगढ़, दिल्ली और गुरुग्राम समेत कई स्थानों पर की गई। जांच एजेंसी की टीम मंत्री के सरकारी आवास पर भी पहुंची, जहां दस्तावेजों की जांच और पूछताछ की गई। ईडी यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम के तहत कर रहा है। जांच एजेंसी के अनुसार यह मामला कथित आर्थिक अनियमितताओं और फर्जी वस्तु एवं सेवा कर खरीद से जुड़ा हुआ है। बताया जा रहा है कि हाल ही में पंजाब के मुख्यमंत्री के विशेष कार्य अधिकारी से जुड़े लोगों के यहां भी इसी प्रकार की कार्रवाई की गई थी। सूत्रों के अनुसार ईडी ने हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड के कार्यालयों और संजीव अरोड़ा के आवास सहित कुल पांच स्थानों पर छापेमारी की। जांच एजेंसी का आरोप है कि कंपनी के माध्यम से बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग का नेटवर्क संचालित किया गया। जांच में यह बात सामने आई है कि 100 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के मोबाइल फोन की फर्जी वस्तु एवं सेवा कर खरीद दिखाई गई थी। आरोप है कि इन मोबाइल फोनों का उपयोग दुबई के माध्यम से अवैध धन को भारत वापस लाने के लिए किया गया। इस प्रक्रिया को वित्तीय भाषा में धन की घुमावदार वापसी कहा जाता है। ईडी के अनुसार दिल्ली की कई ऐसी कंपनियों के नाम पर फर्जी खरीद बिल तैयार किए गए, जिनका वास्तविक अस्तित्व ही नहीं था। इन बिलों का उपयोग कर इनपुट कर छूट प्राप्त करने, निर्यात पर कर वापसी लेने और शुल्क वापसी का लाभ उठाने के लिए किया गया। जांच एजेंसी का कहना है कि इस प्रक्रिया से सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा, जबकि संबंधित लोगों ने निजी तौर पर आर्थिक लाभ कमाया। इस कार्रवाई के बाद पंजाब की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सामाजिक माध्यम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष में यह तीसरी बार है जब ईडी की टीम संजीव अरोड़ा के घर पहुंची है, लेकिन अब तक कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब गुरुओं और शहीदों की धरती है और यहां के लोग दबाव की राजनीति के सामने झुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों का उपयोग राजनीतिक विरोधियों को बदनाम करने के लिए किया जा रहा है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ईडी को भारतीय जनता पार्टी का “सुपारी किलर” बताते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी सरकारों को अस्थिर करने और जनता के बीच भ्रम फैलाने के लिए इस प्रकार की कार्रवाइयों का सहारा लिया जा रहा है। संजय सिंह ने कहा कि कुछ दिनों तक जांच और मीडिया में चर्चाओं का माहौल बनाया जाएगा, लेकिन बाद में एजेंसी वापस लौट जाएगी और फिर किसी नए राजनीतिक लक्ष्य पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार को बदनाम करने और राज्य में विकास कार्यों को बाधित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। वहीं दूसरी ओर ईडी का कहना है कि उसकी कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है और जांच तथ्यों एवं दस्तावेजों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। एजेंसी का दावा है कि आर्थिक अपराधों और कर धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई आवश्यक है। फिलहाल पूरे मामले पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में जांच से जुड़े नए तथ्य सामने आ सकते हैं, जिससे इस मामले की दिशा और अधिक स्पष्ट हो सकेगी।


