राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की कमान संभालते ही सख्त दिखे दिलीप जायसवाल
- नए मंत्री ने अधिकारियों को दी चेतावनी, लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई
- भूमि सर्वे और जनता की शिकायतों के समाधान को बताया प्राथमिकता
पटना। बिहार सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद नए मंत्रियों द्वारा विभागों का कार्यभार संभालने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसी क्रम में शुक्रवार को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के नए मंत्री दिलीप जायसवाल ने औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया। विभाग पहुंचने पर वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनका स्वागत किया। पदभार संभालते ही मंत्री ने साफ संकेत दे दिए कि विभाग में लापरवाही और अनियमितता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दिलीप जायसवाल ने विभागीय अधिकारियों के साथ प्रारंभिक बैठक के दौरान कहा कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग सीधे तौर पर आम जनता से जुड़ा हुआ विभाग है। इस विभाग को लेकर लोगों के बीच लंबे समय से कई तरह की शिकायतें रही हैं। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता जनता की समस्याओं का समाधान करना और विभागीय कार्यप्रणाली को पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाना होगा। नए मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया कि अगर किसी स्तर पर लापरवाही, भ्रष्टाचार या कार्य में ढिलाई पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता को अनावश्यक परेशान नहीं किया जाना चाहिए और सभी लंबित मामलों का समय पर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। दिलीप जायसवाल ने कहा कि भूमि से जुड़े मामलों में लोगों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। दाखिल-खारिज, जमीन मापी, ऑनलाइन रिकॉर्ड, रसीद और सर्वे जैसे मामलों में आम नागरिक अक्सर दफ्तरों के चक्कर लगाने को मजबूर हो जाते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विभाग की कार्यशैली में सुधार लाकर लोगों को राहत देने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि विभाग में चल रहे भूमि सर्वेक्षण कार्य की व्यापक समीक्षा की जाएगी। इसके लिए जल्द ही अधिकारियों के साथ एक बड़ी समीक्षा बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें सर्वे कार्य की प्रगति और उससे जुड़ी समस्याओं पर चर्चा होगी। मंत्री ने कहा कि भूमि सर्वे राज्य सरकार की महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल है और इसे पारदर्शी तरीके से समय पर पूरा करना जरूरी है। पदभार ग्रहण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में दिलीप जायसवाल ने कहा कि वह पहले भी इस विभाग में काम कर चुके हैं, इसलिए विभागीय कार्यप्रणाली और चुनौतियों से भलीभांति परिचित हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के साथ पहले से संवाद होता रहा है, लेकिन अब नई जिम्मेदारी मिलने के बाद वह नए दृष्टिकोण के साथ विभाग को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना उनकी प्राथमिकता होगी। विभाग में जो शिकायतें वर्षों से लंबित हैं, उन्हें दूर करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि विभागीय स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी ताकि काम में तेजी लाई जा सके। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार गुरुवार को किया गया था। इस विस्तार में कुल 32 मंत्रियों ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। नए मंत्रियों को अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का जिम्मा भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता दिलीप जायसवाल को दिया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भूमि और राजस्व विभाग राज्य के सबसे महत्वपूर्ण विभागों में से एक माना जाता है, क्योंकि इसका सीधा संबंध आम लोगों की जमीन, संपत्ति और प्रशासनिक व्यवस्था से होता है। ऐसे में विभाग की जिम्मेदारी संभालते ही दिलीप जायसवाल द्वारा सख्त संदेश देना सरकार की कार्यशैली और प्राथमिकताओं को भी दर्शाता है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में राजस्व कार्यालयों की कार्यप्रणाली, लंबित मामलों और भूमि सर्वेक्षण की स्थिति को लेकर कई अहम निर्णय लिए जा सकते हैं। राज्य सरकार की कोशिश है कि भूमि विवादों और प्रशासनिक जटिलताओं को कम कर लोगों को सरल और पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। नए मंत्री के पदभार ग्रहण करने के बाद अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि विभागीय सुधार और शिकायतों के समाधान को लेकर सरकार किस तरह के कदम उठाती है। आम नागरिकों को उम्मीद है कि नई जिम्मेदारी संभालने के बाद विभाग में कामकाज की गति बढ़ेगी और लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान हो सकेगा।


