टीआरई-4 विज्ञापन में देरी पर पटना की सड़कों पर उतरे अभ्यर्थी, पुलिस से आमने-सामने की स्थिति

  • ‘टीआरई-4 का विज्ञापन जारी करो’ के नारों से गूंजा पटना, हजारों अभ्यर्थियों ने निकाला मार्च
  • जेपी गोलंबर पर भारी पुलिस बल तैनात, वाटर कैनन और दंगा नियंत्रण वाहन भी मंगाए गए

पटना। बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा टीआरई-4 के विज्ञापन में लगातार हो रही देरी को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा एक बार फिर सड़कों पर फूट पड़ा। गुरुवार को राजधानी पटना में हजारों की संख्या में अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन करते हुए टीआरई-4 का विज्ञापन जल्द जारी करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और बिहार लोक सेवा आयोग पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि लंबे समय से केवल आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन अब तक भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने “टीआरई-4 का विज्ञापन जारी करो” और “युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो” जैसे नारे लगाए। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं हाथों में तख्तियां और तिरंगा लेकर पटना कॉलेज से बिहार लोक सेवा आयोग कार्यालय की ओर मार्च करते नजर आए। प्रदर्शन का नेतृत्व छात्र नेता दिलीप कर रहे थे। अभ्यर्थियों का कहना था कि वे वर्षों से शिक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। कई छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्होंने तैयारी के लिए अपनी जमीन तक गिरवी रख दी, लेकिन सरकार लगातार भर्ती प्रक्रिया में देरी कर रही है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा कि बिहार लोक सेवा आयोग के परीक्षा नियंत्रक ने 16 अप्रैल को एक संवाद कार्यक्रम में कहा था कि तीन से चार दिनों के भीतर टीआरई-4 का विज्ञापन जारी कर दिया जाएगा और 25-26 अप्रैल से आवेदन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, लेकिन अब मई का दूसरा सप्ताह शुरू हो चुका है और अभी तक कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है। अभ्यर्थियों ने यह भी आरोप लगाया कि नई भर्ती प्रक्रिया को लेकर लगातार भ्रम की स्थिति बनाई जा रही है। छात्रों ने कहा कि अब यह चर्चा सामने आ रही है कि टीआरई-4 में प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार जैसी प्रक्रिया लागू की जा सकती है, जिसका वे विरोध करते हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि शिक्षक भर्ती को प्रशासनिक सेवा परीक्षा की तरह कठिन बनाने का कोई औचित्य नहीं है। प्रदर्शन को देखते हुए पटना पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। जेपी गोलंबर पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। छात्रों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई और जल तोप, दंगा नियंत्रण वाहन तथा आंसू गैस के गोले भी मौके पर मंगवाए गए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय शर्मा स्वयं मौके पर पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते दिखाई दिए। मार्च के दौरान कई स्थानों पर तनावपूर्ण स्थिति भी बनी। अभ्यर्थियों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखना चाहते हैं, लेकिन प्रशासन उन्हें रोकने का प्रयास कर रहा है। प्रदर्शनकारियों के हाथों में मौजूद तख्तियों पर भावुक संदेश भी लिखे थे। एक तख्ती पर लिखा था, “किताबों के पन्नों पर अब आंसू गिरने लगे हैं, लोग पूछते हैं टीआरई-4 का क्या हुआ, हम हंसकर कह देते हैं कि अब धीरे-धीरे मरने लगे हैं।”इधर, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने अभ्यर्थियों को आश्वासन देते हुए कहा कि सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से देख रही है। उन्होंने कहा कि बिहार को शिक्षित और विकसित बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है तथा किसी भी समस्या का समाधान जल्द निकाला जाएगा। शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि वे किसी काम को कल पर नहीं टालते और अभ्यर्थियों की चिंताओं पर जल्द निर्णय लिया जाएगा। गौरतलब है कि टीआरई-4 के तहत राज्य में कुल 46 हजार 595 पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति की जानी है। बिहार लोक सेवा आयोग को इस भर्ती के लिए अधियाचना फरवरी महीने में ही मिल चुकी थी। बाद में इसे वार्षिक कैलेंडर में शामिल किया गया। संभावित कार्यक्रम के अनुसार परीक्षा सितंबर 2026 में आयोजित की जा सकती है, जबकि परिणाम नवंबर में जारी होने की संभावना जताई गई है। इस भर्ती प्रक्रिया की एक और खास बात यह है कि पहली बार इसमें अधिवास नीति लागू की जाएगी। कक्षा 1 से 12 तक के शिक्षकों के अलावा अनुसूचित जाति-जनजाति तथा पिछड़ा-अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में भी शिक्षक और प्रधानाध्यापक पदों पर नियुक्ति की जाएगी। बिहार में पहले ही टीआरई-1, टीआरई-2 और टीआरई-3 के माध्यम से लगभग 2.27 लाख शिक्षकों की भर्ती की जा चुकी है। इसके अलावा करीब तीन लाख नियोजित शिक्षक सक्षमता परीक्षा पास कर राज्यकर्मी बन चुके हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अभी भी नई नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल प्रदर्शन के बाद राजधानी में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द विज्ञापन जारी नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

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