बिहार में आंधी-बारिश और वज्रपात का कहर, 23 लोगों की मौत
- 7 बच्चों समेत कई जिलों में जानमाल का भारी नुकसान, कई घायल
- मौसम विभाग का अलर्ट जारी, अगले 72 घंटे संवेदनशील, लोगों को सतर्क रहने की सलाह
पटना। बिहार में सोमवार को आए तेज आंधी-तूफान, बारिश और वज्रपात ने व्यापक तबाही मचाई, जिसमें 7 बच्चों समेत कुल 23 लोगों की मौत हो गई। कई जगहों पर पेड़ गिरने, बिजली गिरने और करंट लगने से हादसे हुए, जबकि दो महिलाएं झुलस गईं। इस आपदा ने राज्य के कई जिलों में जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। सबसे ज्यादा असर गया जिले में देखा गया, जहां आकाशीय बिजली गिरने से 6 लोगों की मौत हो गई। शेरघाटी इलाके में आम चुनने गए तीन बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। इसी तरह जोगापुर गांव में भी तीन बच्चों की जान चली गई। वहीं पूर्वी और पश्चिमी चंपारण जिलों में भी कुल 6 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। औरंगाबाद जिले में भी वज्रपात ने चार बच्चों की जान ले ली। अलग-अलग घटनाओं में बच्चों की मौत ने इलाके में मातम पसरा दिया है। इसी तरह नालंदा जिले में करंट की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई, जबकि दूसरी घटना में पेड़ गिरने से एक महिला की जान चली गई। खगड़िया में ठनका गिरने से 70 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी और बहू झुलस गईं। बाढ़ क्षेत्र में भी एक किसान की पेड़ के नीचे दबकर मौत हो गई। मोतिहारी में पेड़ गिरने और बिजली गिरने से कई लोगों की जान गई, वहीं आग लगने की घटना में भी एक व्यक्ति की मौत हुई। राजधानी पटना में भी मौसम ने अचानक भयावह रूप ले लिया। सोमवार दोपहर बाद आसमान काले बादलों से घिर गया और तेज आंधी के साथ भारी बारिश शुरू हो गई। करीब 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने शहर को धूल के गुबार में ढक दिया। एक घंटे की बारिश ने शहर की रफ्तार थाम दी और कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई। सीवान और बक्सर में ओलावृष्टि हुई, जबकि समस्तीपुर, मधुबनी, दरभंगा और सीतामढ़ी में पेड़ गिरने से यातायात बाधित हो गया। कई स्थानों पर ट्रांसफार्मर और बिजली के खंभे भी क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। मौसम विभाग के अनुसार, यह स्थिति पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमीयुक्त हवाओं के कारण बनी है। साथ ही छत्तीसगढ़ से मणिपुर तक फैली ट्रफ रेखा और चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से मौसम में अस्थिरता बनी हुई है। विभाग ने अगले 48 से 72 घंटों को बेहद संवेदनशील बताते हुए 18 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और पटना, भोजपुर समेत 10 जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। अनुमान है कि 7 मई तक आंधी-बारिश और तेज हवाओं का यह दौर जारी रहेगा, जिससे तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट बनी रह सकती है। हालांकि, 8 मई के बाद मौसम साफ होने की संभावना जताई गई है और तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। वज्रपात के दौरान खुले मैदान में न खड़े होने, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा खराब मौसम में यात्रा से बचने की अपील की गई है। साथ ही तेज आंधी में कमजोर मकानों से सुरक्षित स्थान पर जाने की भी सलाह दी गई है। बिहार में आई इस प्राकृतिक आपदा ने भारी नुकसान पहुंचाया है और कई परिवारों को गहरे शोक में डाल दिया है। अब सभी की नजर राहत और बचाव कार्यों पर है, ताकि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द सहायता मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के उपाय मजबूत किए जा सकें।


