फुलवारीशरीफ में दहेज के लिए विवाहिता की संदिग्ध मौत, पति समेत चार हिरासत में

  • परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की
  • आत्महत्या का रूप देने की आशंका, शव को चिकित्सकीय परीक्षण के लिए भेजा गया

पटना। राजधानी पटना के फुलवारी शरीफ थाना क्षेत्र में दहेज के लिए एक विवाहिता की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है। परिजनों के आरोप के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पति सहित चार लोगों को हिरासत में लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना रविवार देर रात ईसापुर राय चौक के पास की बताई जा रही है। मृतका की पहचान 33 वर्षीय मोनिका कुमारी के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है, जिसके कारण पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है। पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए लोगों में मृतका के पति जितेंद्र कुमार (40), ससुर जगदीश यादव, सास कांति देवी और ननद मीना कुमारी शामिल हैं। सभी से पूछताछ की जा रही है और उनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, मोनिका कुमारी की शादी 19 नवंबर 2017 को फुलवारी शरीफ के निवासी जितेंद्र कुमार से हुई थी। मृतका के पिता उमेश प्रसाद यादव ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शादी के बाद से ही उनकी बेटी को दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने बताया कि पति द्वारा सोने की चेन की मांग की जाती थी और इसको लेकर अक्सर विवाद होता था। परिजनों का कहना है कि जितेंद्र कुमार पहले एक निजी नौकरी में कार्यरत थे, लेकिन नौकरी छूटने के बाद आर्थिक स्थिति बिगड़ गई थी। इसके बाद परिवार द्वारा उन्हें आर्थिक मदद भी दी गई थी, बावजूद इसके दहेज की मांग और उत्पीड़न जारी रहा। मृतका के पिता के अनुसार, रविवार रात उन्हें सूचना दी गई कि उनकी बेटी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना मिलते ही वे तुरंत फुलवारी शरीफ पहुंचे, जहां उन्होंने देखा कि उनकी बेटी का शव बिस्तर पर पड़ा हुआ था। इस दृश्य को देखकर उन्होंने संदेह जताया कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या का मामला हो सकता है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि ससुराल पक्ष ने मोनिका की हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की है। उन्होंने इस संबंध में फुलवारी शरीफ थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। दहेज जैसे सामाजिक मुद्दे को लेकर एक बार फिर चिंता व्यक्त की जा रही है। लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं समाज के लिए गंभीर चेतावनी हैं और इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि दहेज प्रथा आज भी समाज में एक बड़ी समस्या बनी हुई है, जिसके कारण इस प्रकार की घटनाएं सामने आती रहती हैं। उन्होंने जागरूकता और सख्त कानून के पालन की आवश्यकता पर जोर दिया है। फुलवारीशरीफ की यह घटना न केवल एक परिवार के लिए त्रासदी है, बल्कि समाज के सामने एक गंभीर प्रश्न भी खड़ा करती है। अब सभी की नजर पुलिस की जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी है कि इस मामले में सच्चाई सामने आए और दोषियों को सजा मिल सके।