सोने की कीमत में गिरावट, चांदी में उछाल; बाजार में मिला-जुला रुख
- 24 कैरेट सोना 1906 रुपये सस्ता, चांदी 3906 रुपये महंगी
- वर्ष 2026 में अब तक सोना 15 हजार और चांदी 14 हजार रुपये महंगी, निवेशकों को सावधानी की सलाह
नई दिल्ली। सर्राफा बाजार में आज 4 मई को सोने और चांदी की कीमतों में अलग-अलग रुख देखने को मिला। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत में 1906 रुपये की गिरावट दर्ज की गई है, जिसके बाद यह 1.48 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है। इससे पहले सोने का भाव 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम था। वहीं दूसरी ओर चांदी की कीमत में तेजी देखने को मिली है। एक किलोग्राम चांदी की कीमत 3906 रुपये बढ़कर 2.44 लाख रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। इससे पहले 30 अप्रैल को चांदी का भाव 2.40 लाख रुपये प्रति किलोग्राम था। इस तरह सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की चाल अलग-अलग दिशा में रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेतों और निवेशकों की मांग के आधार पर कीमतों में यह उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। सोने की कीमतों में गिरावट का एक कारण वैश्विक स्तर पर मांग में हल्की कमी और डॉलर की मजबूती को भी माना जा रहा है, जबकि चांदी की औद्योगिक मांग में वृद्धि के कारण इसके दाम में तेजी आई है। यदि पूरे वर्ष 2026 के रुझान पर नजर डालें तो सोने की कीमतों में अब तक उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोना 1.33 लाख रुपये पर था, जो अब बढ़कर 1.48 लाख रुपये तक पहुंच गया है। यानी इस वर्ष अब तक सोना करीब 15 हजार रुपये महंगा हो चुका है। इसी प्रकार चांदी की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2025 के अंत में चांदी 2.30 लाख रुपये प्रति किलोग्राम थी, जो अब बढ़कर 2.44 लाख रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। इस तरह चांदी इस साल करीब 14 हजार रुपये महंगी हो चुकी है। विशेषज्ञों के अनुसार, सोना और चांदी दोनों ही पारंपरिक रूप से सुरक्षित निवेश के विकल्प माने जाते हैं। आर्थिक अनिश्चितता के समय निवेशक इनकी ओर आकर्षित होते हैं। हालांकि कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव को देखते हुए निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। सोना खरीदते समय उपभोक्ताओं को कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना चाहिए। हमेशा भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा प्रमाणित हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदना चाहिए। हॉलमार्क सोने की शुद्धता की गारंटी देता है और यह सुनिश्चित करता है कि खरीदा गया सोना निर्धारित कैरेट का है। हॉलमार्किंग में एक अल्फान्यूमेरिक कोड होता है, जो सोने की शुद्धता और प्रमाणिकता की पहचान कराता है। इसके अलावा उपभोक्ताओं को सोने का सही वजन और उस दिन की कीमत विभिन्न विश्वसनीय स्रोतों से जांच लेनी चाहिए। इससे धोखाधड़ी की संभावना कम हो जाती है। सोने की कीमत अलग-अलग कैरेट के अनुसार भिन्न होती है। 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध माना जाता है, जबकि 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने का उपयोग आभूषण बनाने में अधिक होता है। इसलिए खरीदारी करते समय कैरेट की जानकारी अवश्य लेनी चाहिए। सर्राफा बाजार में आज का दिन मिश्रित रुख वाला रहा है, जहां सोने की कीमत में गिरावट आई है, वहीं चांदी ने तेजी दिखाई है। आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और निवेशकों की मांग के आधार पर इनकी कीमतों में और बदलाव देखने को मिल सकता है।


