विक्रमशिला सेतु का हिस्सा टूटने से यातायात बाधित, सरकार सख्त, अभियंता निलंबित

  • भागलपुर से उत्तर बिहार का संपर्क प्रभावित, मरम्मत में लग सकते हैं तीन महीने
  • मुख्यमंत्री ने रक्षा मंत्री से मांगी सहायता, वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था

भागलपुर। बिहार के भागलपुर जिले में गंगा नदी पर बने ऐतिहासिक विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा अचानक टूट जाने से हड़कंप मच गया है। रविवार देर रात हुई इस घटना के बाद दक्षिण और उत्तर बिहार के बीच संपर्क बाधित हो गया है, जिससे आवागमन पर बड़ा असर पड़ा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार रात करीब 12:50 बजे सेतु के एक पिलर के पास दो स्लैब के बीच दरार उत्पन्न हुई और कुछ ही देर में एक बड़ा स्लैब नदी में गिर गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि समय रहते प्रशासन ने पुल से वाहनों और लोगों को हटा दिया था, जिससे किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। घटना की सूचना मिलते ही राज्य सरकार सक्रिय हो गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने तत्काल स्थिति की समीक्षा की और केंद्र सरकार से मदद मांगी। उन्होंने देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से संपर्क कर सीमा सड़क संगठन से पुल की मरम्मत में सहयोग देने का अनुरोध किया। रक्षा मंत्री ने हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने सोमवार को पटना में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत में लगभग तीन महीने का समय लग सकता है। उन्होंने कहा कि इस घटना की जांच के लिए विशेषज्ञों की टीम मौके पर भेजी गई है, जो तकनीकी कारणों का पता लगाएगी। प्रशासन ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित कार्यपालक अभियंता को निलंबित कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार पुल की एक महीने पहले ही जांच की गई थी, जिसमें किसी बड़े दोष की पुष्टि नहीं हुई थी। इसके बावजूद अचानक हुई इस घटना ने पुल की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब 4.7 किलोमीटर लंबा यह सेतु वर्ष 2001 से यातायात के लिए उपयोग में है और यह भागलपुर को नवगछिया सहित उत्तर बिहार के कई जिलों से जोड़ता है। पुल के क्षतिग्रस्त होने से इस मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने लोगों की सुविधा के लिए वैकल्पिक मार्ग सुझाए हैं। अधिकारियों ने मुंगेर के श्रीकृष्ण सिंह सेतु और खगड़िया के पास बने गंगा पुल का उपयोग करने की सलाह दी है, ताकि यातायात व्यवस्था को सुचारु रखा जा सके। अधिकारियों ने यह भी बताया कि विक्रमशिला सेतु के समानांतर एक नया पुल निर्माणाधीन है, जिस पर इस वर्ष दिसंबर तक वाहनों का परिचालन शुरू करने की योजना है। इससे भविष्य में इस तरह की समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी ने बताया कि जैसे ही दरार की सूचना मिली, तुरंत एहतियाती कदम उठाते हुए पुल को खाली करा लिया गया। इससे संभावित बड़े हादसे को टाल दिया गया। उन्होंने कहा कि प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्थानीय लोगों और यात्रियों में इस घटना को लेकर चिंता और आक्रोश दोनों देखा जा रहा है। उनका कहना है कि इतने महत्वपूर्ण पुल की नियमित निगरानी और रखरखाव में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए थी। विशेषज्ञों का मानना है कि पुराने पुलों की समय-समय पर गहन जांच और मरम्मत अत्यंत आवश्यक है, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने की यह घटना बिहार की यातायात व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है। अब सरकार और प्रशासन के सामने जल्द से जल्द मरम्मत कार्य पूरा कर यातायात बहाल करना सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी।

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