बंगाल में मतगणना के शुरुआती रुझान में भाजपा को बढ़त, भवानीपुर से ममता पीछे
- 293 सीटों पर जारी मतगणना, भाजपा 160 और तृणमूल 117 सीटों पर आगे
- नंदीग्राम में सुवेंदु अधिकारी आगे, कई क्षेत्रों में बदलते रुझानों से राजनीतिक हलचल तेज
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना के शुरुआती रुझानों में बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिल रहा है। राज्य की 293 सीटों पर जारी मतगणना के बीच भारतीय जनता पार्टी को बढ़त मिलती नजर आ रही है, जबकि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पीछे चल रही है। एक सीट पर 21 मई को पुनर्मतदान होना है, जबकि बाकी सीटों पर परिणाम की तस्वीर धीरे-धीरे साफ हो रही है। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार भाजपा लगभग 160 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि तृणमूल कांग्रेस करीब 117 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। इन रुझानों ने राज्य की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है और सत्ता परिवर्तन की संभावनाओं पर चर्चा तेज हो गई है। सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाली बात भवानीपुर सीट से सामने आई है, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शुरुआती दौर में पीछे चल रही हैं। इस सीट पर भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी बढ़त बनाए हुए हैं। इसके अलावा नंदीग्राम सीट से भी सुवेंदु अधिकारी ने शुरुआती दौर में बढ़त हासिल की है, जिससे भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। पानीहाटी सीट से एक अलग ही तस्वीर सामने आई है, जहां आरजी कर मामले से जुड़ी पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ बढ़त बनाए हुए हैं। यह सीट सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से चर्चा का केंद्र बनी हुई है। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से मिल रहे रुझानों में भाजपा का प्रदर्शन कई जगह मजबूत दिखाई दे रहा है। झाड़ग्राम क्षेत्र की चारों सीटों—झाड़ग्राम, बिनपुर, गोपीबल्लभपुर और नयाग्राम—में भाजपा आगे चल रही है। यह वही क्षेत्र है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव प्रचार के दौरान स्थानीय व्यंजन का स्वाद लिया था। मतगणना के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के नियंत्रण कक्ष से पूरे राज्य के मतगणना केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सभी केंद्रों पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और तीन स्तर की सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम सहित विभिन्न केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक मतदान मशीनों की सील खोलकर मतों की गिनती की जा रही है। इसके साथ ही डाक मतपत्रों की गिनती भी जारी है, जो शुरुआती परिणामों को प्रभावित कर रही है। रुझानों के साथ ही राजनीतिक दलों के कार्यालयों में अलग-अलग माहौल देखने को मिल रहा है। भाजपा कार्यालयों में जश्न की शुरुआत हो गई है, जबकि तृणमूल कांग्रेस के दफ्तरों के बाहर अपेक्षाकृत सन्नाटा देखा गया। समर्थकों के बीच भी उत्साह और चिंता दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। विश्लेषकों का मानना है कि शुरुआती रुझान अंतिम परिणामों का संकेत दे सकते हैं, लेकिन पूरी तस्वीर तभी स्पष्ट होगी जब सभी चरणों की मतगणना पूरी हो जाएगी। अभी तक सामने आए रुझान कई एग्जिट पोल के अनुमानों के अनुरूप दिखाई दे रहे हैं, जिनमें भाजपा को बढ़त मिलने की संभावना जताई गई थी। चुनाव आयोग के अनुसार राज्य में कुल 294 विधानसभा सीटें हैं, जिनमें सामान्य, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीटें भी शामिल हैं। इस चुनाव में करोड़ों मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है और अब सभी की नजर अंतिम परिणामों पर टिकी हुई है। पश्चिम बंगाल में मतगणना के शुरुआती रुझानों ने राजनीतिक समीकरणों को बदलने के संकेत दिए हैं। आने वाले घंटों में जैसे-जैसे मतों की गिनती आगे बढ़ेगी, यह स्पष्ट हो जाएगा कि राज्य में सत्ता किसके हाथ में जाएगी।


