बिहार में तेज हुई गर्मी, कई जिलों में पारा 40 डिग्री के करीब, लू का खतरा बढ़ा
- अगले चार दिनों में तापमान में 2 से 4 डिग्री तक बढ़ोतरी का अनुमान, दिन और रात दोनों में बढ़ेगी गर्मी
- दक्षिण और मध्य बिहार में लू की आशंका, मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी
पटना। बिहार में गर्मी ने अब अपने तेवर तेज कर दिए हैं और आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर होने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन से चार दिनों के दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान में लगातार वृद्धि होगी, जिससे दिन के साथ-साथ रात के समय भी गर्मी का असर महसूस किया जाएगा। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, राजधानी पटना सहित कई जिलों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि न्यूनतम तापमान में भी 2 से 3 डिग्री की वृद्धि का अनुमान है। इससे रात में भी लोगों को गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम हो जाएगी। विभाग के अनुसार, पटना, सारण, सीवान, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, कैमूर, रोहतास, भोजपुर, बक्सर, अरवल, जहानाबाद, औरंगाबाद, गया, लखीसराय, शेखपुरा, जमुई, बांका, भागलपुर और मुंगेर सहित कई जिलों में अधिकतम तापमान 36 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। वहीं, अन्य जिलों में तापमान 32 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में आसमान साफ रहने का अनुमान है, जिससे धूप का प्रभाव और अधिक बढ़ेगा। इसके साथ ही 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली पछुआ हवाएं गर्मी के असर को और तेज करेंगी। मौसम विभाग का कहना है कि इन हवाओं के कारण वातावरण में नमी कम हो रही है, जिससे तापमान में तेजी से वृद्धि हो रही है। पिछले 24 घंटों के दौरान पूरे बिहार में मौसम शुष्क बना रहा। इस दौरान रोहतास जिले के डेहरी में सर्वाधिक तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक रहा। वहीं, पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर में न्यूनतम तापमान 18.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 18 अप्रैल के बाद दक्षिण और मध्य बिहार के कई जिलों में तापमान और बढ़ सकता है, जिससे पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार जाने की संभावना है। गया, औरंगाबाद, रोहतास, कैमूर, नवादा और बक्सर जैसे जिलों में लू चलने की आशंका जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर-पूर्वी बिहार के ऊपर सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण, ट्रफ लाइनों की स्थिति और कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के कारण राज्य में नमी की मात्रा कम हो गई है। यही कारण है कि तापमान लगातार बढ़ रहा है और गर्मी का असर अधिक महसूस किया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मौसम में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। खासकर दोपहर के समय बाहर निकलने से बचना चाहिए और पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करना चाहिए। बच्चों, बुजुर्गों और खेतों में काम करने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी चेतावनी दी है कि बढ़ती गर्मी के कारण लू, डिहाइड्रेशन और अन्य गर्मी से संबंधित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में हल्के कपड़े पहनने, धूप से बचाव करने और शरीर को ठंडा रखने की सलाह दी गई है। बिहार में गर्मी का प्रभाव लगातार बढ़ता जा रहा है और आने वाले दिनों में यह और भी तीव्र हो सकता है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां अपनाने की अपील की है, ताकि वे इस भीषण गर्मी के प्रभाव से सुरक्षित रह सकें।


