नवादा में स्कूल वाहन पलटने से दर्दनाक हादसा, एक बच्ची की मौत, कई घायल
- अनियंत्रित होकर 20 फीट नीचे गिरा वाहन, क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने का आरोप
- ग्रामीणों ने बच्चों को निकाला, प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
नवादा। बिहार के नवादा जिले के गोविंदपुर प्रखंड में एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। कमलापुर रोड पर एक निजी विद्यालय का वाहन अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे जा गिरा, जिससे एक बच्ची की मौत हो गई, जबकि 20 से 25 बच्चे घायल हो गए। इस हादसे के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी और आक्रोश का माहौल है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना के समय वाहन तेज गति से चल रहा था और अचानक नियंत्रण खो बैठा। इसके बाद वाहन सड़क से करीब 20 फीट नीचे जा गिरा और कई बार पलट गया। हादसे के दौरान वाहन में सवार बच्चों की चीख-पुकार से आसपास का माहौल दहशत से भर गया। घटना के समय पास के खेतों में गेहूं की कटाई कर रहे ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। ग्रामीणों ने वाहन में फंसे बच्चों को बाहर निकाला और उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। स्थानीय लोगों की इस तत्परता से कई बच्चों की जान बचाई जा सकी। इस दुर्घटना में आयुषी कुमारी नामक बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं अन्य घायल बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार, कुछ बच्चों की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दुर्घटनाग्रस्त वाहन एक निजी विद्यालय का था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वाहन चालक की लापरवाही या तकनीकी खराबी इस हादसे का कारण बनी या नहीं। स्थानीय लोगों ने स्कूल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वाहन में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाया गया था। जहां सामान्यतः ऐसे वाहनों में 12 से 15 बच्चों को बैठाने की अनुमति होती है, वहीं इस वाहन में 20 से 25 बच्चे सवार थे। इसके अलावा वाहन तेज रफ्तार में चलाया जा रहा था, जिससे दुर्घटना की आशंका और बढ़ गई। ग्रामीणों और अभिभावकों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि स्कूल प्रशासन की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कड़े नियम बनाए जाएं और उनका सख्ती से पालन कराया जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूल वाहनों की नियमित जांच और निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाना और तेज गति से वाहन चलाना बच्चों की सुरक्षा के साथ गंभीर खिलवाड़ है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, घायलों के इलाज की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। यह हादसा एक बार फिर स्कूल परिवहन व्यवस्था की खामियों को उजागर करता है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर न केवल स्कूल प्रशासन, बल्कि अभिभावकों और प्रशासन को भी सतर्क रहने की आवश्यकता है। फिलहाल, पूरे इलाके में शोक और गुस्से का माहौल है। मृत बच्ची के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं अन्य घायल बच्चों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की जा रही है।


