पटना में टोल शुल्क बढ़ा, सिपारा-बख्तियारपुर मार्ग पर यात्रा हुई महंगी

  • 1 अप्रैल से लागू होंगी नई दरें, सभी श्रेणी के वाहनों पर पड़ेगा असर
  • हल्के वाहन से लेकर भारी ट्रकों तक बढ़ा शुल्क, स्थानीय निवासियों का पास भी महंगा

पटना। राजधानी पटना में सड़क पर सफर करना अब पहले से अधिक महंगा होने जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर सिपारा से बख्तियारपुर के बीच बने 50.6 किलोमीटर लंबे चार लेन मार्ग पर टोल शुल्क में वृद्धि कर दी गई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के निर्देश पर यह नई दरें 1 अप्रैल की आधी रात से लागू होंगी, जिससे प्रतिदिन इस मार्ग से गुजरने वाले हजारों लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। दीदारगंज स्थित टोल प्लाजा पर टोल दरों में 3.70 प्रतिशत से लेकर 7.70 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है। यह टोल प्लाजा प्रतिदिन लगभग 12 हजार वाहनों की आवाजाही का केंद्र है, जहां फास्ट टैग प्रणाली के माध्यम से शुल्क की वसूली की जाती है। ऐसे में इस मार्ग से गुजरने वाले लगभग सभी वाहन चालकों को बढ़ी हुई दरों का सामना करना पड़ेगा। नई दरों के अनुसार, हल्के वाहनों के लिए एक तरफ का टोल शुल्क 135 रुपये से बढ़ाकर 140 रुपये कर दिया गया है। वहीं, 24 घंटे के भीतर आने-जाने का शुल्क 200 रुपये से बढ़ाकर 215 रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा मासिक पास की दर भी बढ़ाकर 4475 रुपये से 4730 रुपये कर दी गई है, जिससे नियमित रूप से इस मार्ग का उपयोग करने वाले लोगों पर सीधा असर पड़ेगा। छोटे वाणिज्यिक वाहनों के लिए भी शुल्क में वृद्धि की गई है। पहले जहां इन वाहनों के लिए 205 रुपये का शुल्क था, उसे बढ़ाकर 215 रुपये कर दिया गया है। वहीं बस और ट्रक श्रेणी के वाहनों के लिए टोल शुल्क 410 रुपये से बढ़ाकर 435 रुपये कर दिया गया है। इससे परिवहन क्षेत्र पर भी प्रभाव पड़ने की संभावना है, जिसका असर अप्रत्यक्ष रूप से आम लोगों पर भी पड़ सकता है। भारी वाहनों के लिए यह वृद्धि और अधिक स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। तीन से छह एक्सल वाले ट्रकों के लिए टोल शुल्क अब 655 रुपये निर्धारित किया गया है, जबकि सात या उससे अधिक एक्सल वाले वाहनों के लिए यह शुल्क बढ़ाकर 860 रुपये कर दिया गया है। इससे माल परिवहन की लागत में वृद्धि होने की आशंका है, जो आगे चलकर वस्तुओं की कीमतों को भी प्रभावित कर सकती है। स्थानीय निवासियों को भी इस बढ़ोतरी से राहत नहीं मिली है। टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों के लिए मासिक पास की दर 340 रुपये से बढ़ाकर 360 रुपये कर दी गई है। इससे उन लोगों की दैनिक यात्रा पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बढ़ेगा, जो रोजाना इस मार्ग का उपयोग करते हैं। हालांकि, कुछ श्रेणियों के वाहनों को अब भी टोल शुल्क से छूट दी गई है। इनमें एंबुलेंस, सेना, पुलिस और डाक विभाग के वाहन शामिल हैं। इन वाहनों के लिए पहले की तरह ही छूट जारी रहेगी। प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय विकास कार्यों और राजस्व के बीच संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। सड़क रखरखाव और अन्य सुविधाओं के लिए आवश्यक संसाधनों को जुटाने के लिए समय-समय पर टोल दरों में संशोधन किया जाता है। वहीं आम लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच इस प्रकार की बढ़ोतरी से उनकी आर्थिक स्थिति पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। रोजमर्रा के सफर करने वालों के लिए यह निर्णय परेशानी का कारण बन सकता है। सिपारा से बख्तियारपुर मार्ग पर टोल शुल्क में वृद्धि ने एक बार फिर आम जनता की जेब पर असर डाला है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस बढ़ोतरी का परिवहन और आम जनजीवन पर कितना व्यापक प्रभाव पड़ता है।

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