छपरा में पंचायत भवन से महिला कर्मी का शव बरामद, संदिग्ध हालात में मौत से सनसनी
- काम पर गई महिला देर रात तक घर नहीं लौटी, सुबह पंखे से लटका मिला शव
- परिजनों ने जताई साजिश की आशंका, दहेज विवाद का भी आया मामला
छपरा। बिहार के छपरा जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत बसाढ़ी गांव स्थित पंचायत भवन से एक महिला कार्यपालक सहायक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतका की पहचान प्रियंका कुमारी के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रियंका कुमारी शनिवार को रोजाना की तरह अपने कार्यस्थल पंचायत भवन गई थीं, लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटीं। इससे चिंतित परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। परिजनों ने आसपास के इलाकों में खोजबीन की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका। देर रात जब परिवार के लोग पंचायत भवन पहुंचे, तो भवन बाहर से बंद मिला, जिससे वे अंदर प्रवेश नहीं कर सके। परिजनों ने पूरी रात प्रियंका की तलाश जारी रखी, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। रविवार सुबह प्रियंका के पिता दोबारा पंचायत भवन पहुंचे और किसी तरह अंदर प्रवेश किया। कमरे के भीतर का दृश्य देखकर वे स्तब्ध रह गए। उन्होंने देखा कि प्रियंका का शव कमरे में पंखे से लटका हुआ था। इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया और आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। शव को नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच प्रारंभ कर दी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। परिजनों के अनुसार, प्रियंका की शादी वर्ष 2019 में महमदपुर रसूलपुर गांव में हुई थी। विवाह के बाद उनके दो बच्चे हुए, लेकिन वैवाहिक जीवन सुखद नहीं रहा। दहेज को लेकर लगातार विवाद होने के कारण वह पिछले चार वर्षों से अपने मायके गड़खा में रह रही थीं और वहीं से अपनी नौकरी कर रही थीं। मृतका के भाई रोहित ने आरोप लगाया है कि उनके जीजा राजीव रंजन राय के साथ दहेज को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था और इस संबंध में पहले से मामला भी दर्ज है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी बहन को कई बार धमकियां दी गई थीं, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान रहती थीं। परिजनों ने इस घटना को संदिग्ध बताते हुए साजिश की आशंका जताई है। उनका कहना है कि यह केवल आत्महत्या का मामला नहीं हो सकता, बल्कि इसके पीछे कोई बड़ी साजिश भी हो सकती है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, लेकिन परिजनों के आरोपों को गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। स्थानीय लोगों के अनुसार, प्रियंका एक जिम्मेदार और मेहनती महिला थीं, जो अपने बच्चों के भविष्य को लेकर काफी चिंतित रहती थीं। उनकी अचानक हुई मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है। यह घटना एक बार फिर समाज में दहेज प्रथा और घरेलू विवादों से जुड़ी गंभीर समस्याओं को उजागर करती है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और सच्चाई सामने लाई जाएगी। फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है, जिसमें आत्महत्या और साजिश दोनों की संभावना शामिल है। पूरे मामले पर प्रशासन की नजर बनी हुई है और आने वाले दिनों में जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


