मुजफ्फरपुर में तीन दिनों में तीन किशोरियां लापता, 15 दिन बाद भी पुलिस खाली हाथ
- परिजनों ने मानव तस्करी और गलत नीयत से अपहरण का लगाया आरोप, कई नामजद आरोपित
- मोबाइल लोकेशन के आधार पर तलाश जारी, पुलिस ने कहा—जल्द बरामदगी की उम्मीद
मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में एक ही थाना क्षेत्र से तीन दिनों के भीतर तीन किशोरियों के लापता होने से इलाके में सनसनी फैल गई है। हैरानी की बात यह है कि घटना के 15 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस अब तक तीनों का कोई ठोस सुराग नहीं लगा सकी है। इससे परिजनों में भय और आक्रोश का माहौल है, वहीं स्थानीय लोग भी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। मामला अहियापुर थाना और गरहां ओपी क्षेत्र के अलग-अलग गांवों का है, जहां 12, 13 और 15 मार्च को तीन किशोरियां अचानक लापता हो गईं। इन घटनाओं के बाद परिजनों ने संबंधित थानों में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए अपहरण और मानव तस्करी की आशंका जताई है। पहला मामला झपहां इलाके का है, जहां 14 वर्षीय किशोरी 15 मार्च की शाम से गायब है। परिजनों का आरोप है कि उनके दूर के रिश्तेदार सुदीश साह, जो राघोपुर मुस्तफापुर का निवासी है, अक्सर उनके घर आता-जाता था। उन्होंने आरोप लगाया कि उसी ने बहला-फुसलाकर किशोरी का अपहरण किया और उसे बेचने की नीयत से ले गया है। दूसरा मामला भिखनपुर इलाके से सामने आया है, जहां 16 वर्षीय किशोरी 13 मार्च की रात से लापता है। परिजनों ने नाजिरपुर की रहने वाली पूजा देवी पर आरोप लगाया है कि वह उनकी बेटी को घर से बुलाकर अपने साथ ले गई थी। किशोरी ने घरवालों को बताया था कि वह पूजा के साथ उसकी एक सहेली के पास जा रही है और जल्द लौट आएगी, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं आई। परिजनों का कहना है कि जब वे पूजा देवी से पूछताछ करने गए तो उसने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि पूजा का पुत्र सागर कुमार भी उसी दिन से गायब है। परिजनों को आशंका है कि मां की मिलीभगत से बेटे ने उनकी बेटी को गलत नीयत से अगवा किया है। उन्होंने बच्ची की जान को खतरा बताया है। तीसरा मामला गरहां ओपी क्षेत्र के एक गांव का है, जहां 15 वर्षीय किशोरी 12 मार्च से लापता है। परिजनों के अनुसार, वह शाम के समय कुछ सामान खरीदने के लिए घर से निकली थी, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटी। काफी खोजबीन के बाद भी जब उसका पता नहीं चला तो परिजनों ने स्थानीय युवक विवेक कुमार और विक्रम कुमार पर अपहरण का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया। तीनों मामलों में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि किशोरियों की तलाश के लिए तकनीकी और पारंपरिक दोनों तरीकों का सहारा लिया जा रहा है। मोबाइल टावर लोकेशन के आधार पर उनकी गतिविधियों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। अहियापुर थानाध्यक्ष रोहन कुमार ने बताया कि झपहां और भिखनपुर से लापता किशोरियों के संबंध में कुछ सुराग मिले हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस टीम लगातार कार्रवाई कर रही है और जल्द ही दोनों को बरामद कर लिया जाएगा। हालांकि, अब तक कोई ठोस सफलता नहीं मिलने से परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही है। उन्होंने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है और कहा है कि यदि समय रहते बच्चियों को नहीं खोजा गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। लगातार तीन किशोरियों के लापता होने की घटना ने जिले में कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही इस मामले का खुलासा नहीं हुआ तो लोगों का पुलिस पर भरोसा कमजोर हो सकता है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है, जिसमें मानव तस्करी, व्यक्तिगत दुश्मनी और अन्य संभावित कारण शामिल हैं। अब देखना होगा कि पुलिस कब तक इन मामलों का खुलासा कर पाती है और लापता किशोरियों को सुरक्षित वापस ला पाती है।


