मुजफ्फरपुर में गैस संकट पर सड़क जाम, उपभोक्ताओं का फूटा गुस्सा
- छठ के बाद सिलेंडर नहीं मिलने से नाराज़ लोगों ने सड़क पर उतार दिया आक्रोश
- एजेंसी पर लापरवाही का आरोप, पुलिस के हस्तक्षेप से शांत हुआ मामला
मुजफ्फरपुर। जिले में छठ पर्व समाप्त होते ही रसोई गैस की कमी ने गंभीर स्थिति पैदा कर दी, जिससे नाराज़ उपभोक्ताओं ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। कांटी थाना क्षेत्र के हरिजन टोला के समीप लोगों ने गैस सिलेंडर सड़क पर रखकर जाम लगा दिया और जमकर हंगामा किया। इस दौरान पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। जानकारी के अनुसार, जैतपुर थाना क्षेत्र स्थित विदिशा गैस एजेंसी द्वारा कांटी इलाके में रसोई गैस की आपूर्ति की जाती है। छठ पर्व के बाद जब घरों में गैस की मांग बढ़ी, उसी समय आपूर्ति बाधित हो जाने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह से ही दर्जनों उपभोक्ता गैस लेने के लिए एजेंसी पर पहुंच गए थे, लेकिन लंबे इंतजार के बावजूद एक भी सिलेंडर वितरित नहीं किया गया। घंटों तक इंतजार करने के बाद उपभोक्ताओं का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। आक्रोशित लोगों ने सड़क पर गैस सिलेंडर रखकर जाम लगा दिया और एजेंसी के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि एजेंसी ने गैस की कमी के बारे में कोई पूर्व सूचना नहीं दी और न ही उपभोक्ताओं के फोन कॉल का जवाब दिया गया। लोगों ने आरोप लगाया कि एजेंसी की मनमानी और लापरवाही के कारण उन्हें इस संकट का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना था कि त्योहार के बाद जब गैस की सबसे अधिक आवश्यकता होती है, उसी समय आपूर्ति ठप हो जाना बेहद चिंताजनक है। कई उपभोक्ताओं ने यह भी कहा कि उन्हें खाना बनाने में कठिनाई हो रही है और परिवार के दैनिक जीवन पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि जिला प्रशासन की सख्ती के बावजूद कुछ गैस एजेंसियां नियमों का पालन नहीं कर रही हैं और आम जनता को परेशान कर रही हैं। इस घटना ने गैस वितरण व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कांटी थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उन्हें समझा-बुझाकर जाम हटाने के लिए राजी किया। काफी प्रयासों के बाद सड़क जाम समाप्त कराया गया और यातायात सामान्य हुआ। हालांकि, घटना के बाद भी लोगों में नाराजगी बनी हुई है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई, तो वे दोबारा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासन और गैस वितरण व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। उपभोक्ताओं की मांग है कि संबंधित एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और गैस आपूर्ति को सुचारू बनाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति उत्पन्न न हो। प्रशासन की ओर से फिलहाल स्थिति सामान्य होने की बात कही जा रही है, लेकिन इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आवश्यक सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और जिम्मेदार एजेंसी के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है। फिलहाल, इलाके में शांति बहाल हो चुकी है, लेकिन उपभोक्ताओं की नाराजगी अभी भी पूरी तरह शांत नहीं हुई है।


