शराबबंदी के बावजूद नहीं थम रहा अवैध शराब का कहर, सारण में युवक की हालत बिगड़ी

  • देशी शराब पीने के बाद बिगड़ी तबीयत, समय पर इलाज से बची जान
  • मिलावटी शराब की आशंका, अवैध कारोबार पर फिर उठे सवाल

छपरा। बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद अवैध शराब का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला सारण जिले से सामने आया है, जहां कथित रूप से देशी शराब पीने के बाद एक युवक की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। फिलहाल उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर अवैध शराब के नेटवर्क और उसके खतरनाक प्रभावों को उजागर कर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना पानापुर थाना क्षेत्र के हरख पकड़ी सतजोड़ा गांव की है। बीमार युवक की पहचान 23 वर्षीय रंजीत प्रसाद के रूप में हुई है, जो स्थानीय निवासी जितेंद्र प्रसाद का पुत्र है। बताया जा रहा है कि शुक्रवार की देर शाम रंजीत गांव के पास स्थित एक गाछी में गया था, जहां उसने कथित तौर पर देशी शराब का सेवन किया। शराब पीने के कुछ ही देर बाद उसकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुरुआत में युवक को घबराहट महसूस हुई और उसने आंखों के सामने धुंधलापन आने की शिकायत की। कुछ ही समय में उसकी हालत और गंभीर हो गई और वह अचानक बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा। यह देख आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। तत्काल परिजनों को सूचना दी गई और स्थानीय लोगों की मदद से उसे इलाज के लिए मसरख स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन युवक की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तुरंत बेहतर इलाज के लिए छपरा के सदर अस्पताल भेज दिया गया। वहां चिकित्सकों की टीम उसकी लगातार निगरानी कर रही है। डॉक्टरों के अनुसार समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण उसकी जान बच गई और अब उसकी हालत धीरे-धीरे सुधर रही है। चिकित्सकों ने आशंका जताई है कि युवक द्वारा सेवन की गई शराब में किसी प्रकार की मिलावट या जहरीले तत्व मौजूद हो सकते हैं, जिससे उसकी हालत बिगड़ी। यह आशंका इस घटना को और गंभीर बना देती है, क्योंकि इससे अवैध शराब के खतरनाक स्वरूप का संकेत मिलता है। यह घटना बिहार में लागू शराबबंदी कानून की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े करती है। राज्य में शराब की बिक्री और सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध होने के बावजूद कई जिलों में अवैध शराब का कारोबार जारी है। सारण के अलावा सिवान और गोपालगंज जैसे जिलों में भी समय-समय पर इस तरह की घटनाएं सामने आती रही हैं। कई मामलों में जहरीली शराब के सेवन से लोगों की मौत भी हो चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग सस्ते नशे के लालच में अवैध शराब की ओर आकर्षित हो जाते हैं, जिससे वे इस तरह के खतरनाक जोखिम का शिकार बनते हैं। ऐसे मामलों में न केवल लोगों की जान पर खतरा बनता है, बल्कि समाज में भी भय और असुरक्षा का माहौल पैदा होता है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध शराब के कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की भी मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। वहीं पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि युवक ने जिस शराब का सेवन किया था, वह कहां से आई और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। साथ ही इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि अवैध शराब के नेटवर्क को तोड़ा जा सके। सारण की यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि शराबबंदी के बावजूद अवैध शराब का कारोबार क्यों नहीं रुक पा रहा है। जब तक इस पर प्रभावी नियंत्रण नहीं पाया जाता, तब तक ऐसे हादसे समाज के लिए गंभीर चुनौती बने रहेंगे।