चैती छठ को लेकर पटना के घाटों पर तैयारियां तेज, 49 घाटों पर होगा अर्घ्य

  • सफाई, मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था पर जोर, खतरनाक 8 घाटों को किया गया सील
  • कुछ घाटों पर अधूरी तैयारी से बढ़ सकती है श्रद्धालुओं की परेशानी

पटना। आस्था के महापर्व चैती छठ की शुरुआत 22 मार्च से होने जा रही है, जिसे लेकर राजधानी पटना में गंगा घाटों पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इस वर्ष पटना के कुल 49 घाटों पर श्रद्धालु भगवान सूर्य को अर्घ्य देंगे। पटना नगर निगम और जिला प्रशासन द्वारा घाटों की साफ-सफाई, मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक स्तर पर काम किया जा रहा है, हालांकि कई स्थानों पर अधूरी तैयारियां श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का कारण बन सकती हैं। नगर निगम द्वारा सभी प्रमुख गंगा घाटों और तालाबों की सफाई अभियान चलाया जा रहा है। घाटों पर रंग-रोगन, समतलीकरण और मरम्मत कार्य तेजी से किया जा रहा है। इसके साथ ही सभी ऊंचे प्रकाश स्तंभों को 21 मार्च तक हर हाल में दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि छठ पर्व के दौरान पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था बनी रहे। खुले बिजली तारों की जांच कर उन्हें ठीक करने का भी निर्देश अधिकारियों को दिया गया है। घाटों पर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तीन स्तर की बैरिकेडिंग और रेलिंग की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा घाटों के एक किलोमीटर के दायरे में साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि कहीं भी गंदगी या लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। सड़कों और पुलों की धुलाई के लिए जेटिंग मशीनों की भी तैनाती की जा रही है। हालांकि कई घाटों पर अभी भी तैयारियां अधूरी नजर आ रही हैं। दीघा घाट के पास बैरिकेडिंग और वॉच टावर लगाने का काम जारी है, लेकिन घाट किनारे जमीन पर गिट्टी, ईंट और पत्थर बिखरे हुए हैं, जो श्रद्धालुओं के लिए खतरा बन सकते हैं। इनकी वजह से व्रतियों के पैरों में चोट लगने की आशंका बनी हुई है। कलेक्ट्रेट घाट तक पहुंचने में भी श्रद्धालुओं को कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। इस घाट तक पहुंचने के लिए लोगों को करीब दो किलोमीटर पैदल चलना होगा। श्रद्धालु बांकीपुर क्लब के सामने से पैदल मार्ग का उपयोग कर सकते हैं, जबकि अंटा घाट और पीएमसीएच के पास से गंगा पथ के रास्ते भी यहां पहुंचा जा सकता है। संपर्क मार्ग का निर्माण अंतिम चरण में है, लेकिन इसके पूरी तरह तैयार होने में अभी समय लग सकता है। शहर के कई प्रमुख घाट जैसे दरभंगा हाउस काली घाट, पटना कॉलेज घाट, कदम घाट, कृष्णा घाट, रानी घाट और गायघाट पर पक्के घाटों से ही श्रद्धालु अर्घ्य दे सकेंगे। इन स्थानों पर गंगा का जल स्तर किनारे तक पहुंच चुका है, जिससे व्रतियों को अधिक दूरी पैदल नहीं चलनी पड़ेगी। यह स्थिति श्रद्धालुओं के लिए राहत भरी मानी जा रही है। जिला प्रशासन ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आठ घाटों को खतरनाक घोषित किया है, जहां प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इन घाटों में एलसीटी घाट, राजापुर पुल घाट, पहलवान घाट, बांस घाट, शिव घाट, दीदारगंज घाट पूर्वी, रिकाबगंज घाट और बुंदेलटोली घाट शामिल हैं। इन स्थानों पर चेतावनी बोर्ड, बैनर और फ्लैक्स लगाए गए हैं, ताकि लोग इन घाटों से दूर रहें और किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। नगर निगम ने अंचलवार अधिकारियों की तैनाती कर दैनिक निगरानी की व्यवस्था भी की है। सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में तैयारियों की नियमित समीक्षा करने और किसी भी कमी को तुरंत दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। चैती छठ को लेकर पटना में प्रशासनिक तैयारियां जोरों पर हैं, लेकिन कुछ घाटों पर अधूरी व्यवस्थाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं। ऐसे में आवश्यक है कि प्रशासन समय रहते सभी कमियों को दूर करे, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और सुगम तरीके से इस महापर्व को संपन्न कर सकें।