पटना समेत बिहार में नहीं दिखा ईद का चांद, अब 21 मार्च को मनाई जाएगी ईद

  • गांधी मैदान में सुबह 7:30 बजे मुख्य नमाज, 20 हजार से अधिक लोगों के जुटने की संभावना
  • बाजारों में बढ़ी रौनक, रमजान के आखिरी दिनों में खरीदारी तेज

पटना। पटना सहित पूरे बिहार में गुरुवार को ईद-उल-फितर का चांद नजर नहीं आने के बाद अब शनिवार, 21 मार्च 2026 को ईद का त्योहार मनाया जाएगा। चांद न दिखने की पुष्टि होने के साथ ही प्रशासन और मस्जिद कमेटियों ने ईद की नमाज के समय और व्यवस्थाओं की घोषणा कर दी है। राजधानी पटना में ईद को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं और पूरे शहर में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में ईद की मुख्य नमाज का आयोजन सुबह 7:30 बजे किया जाएगा। यहां करीब 20 हजार से अधिक लोगों के जुटने की संभावना जताई जा रही है। नमाजियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने गांधी मैदान के गेट संख्या 4, 5, 7 और 10 से प्रवेश की विशेष व्यवस्था की है। इसके अलावा शहर के अन्य प्रमुख स्थानों जैसे पटना जंक्शन स्थित जामा मस्जिद, फुलवारीशरीफ, पटना सिटी और अन्य ईदगाहों में भी नमाज के समय निर्धारित कर दिए गए हैं। रमजान के अंतिम दिनों के साथ ही शहर में ईद की तैयारियां जोरों पर हैं। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने गुरुवार से ही त्योहार की तैयारियां शुरू कर दी हैं। शुक्रवार को रमजान का आखिरी जुम्मा यानी जुम्मतुलविदा अदा किया जाएगा, जिसके बाद ईद की खुशियां पूरे चरम पर होंगी। ईद को लेकर बच्चों और युवाओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। लोग नए कपड़ों की खरीदारी, घरों की सजावट और विशेष पकवानों की तैयारी में जुटे हुए हैं। खासकर सेवई, लच्छा, सूखे मेवे, टोपी, कुर्ता और इत्र की दुकानों पर भीड़ बढ़ गई है। शहर के बाजार देर रात तक खुले रहे और लोगों ने जमकर खरीदारी की। पटना के गांधी मैदान, सब्जीबाग, आलमगंज, सुल्तानगंज, पटना सिटी, फुलवारीशरीफ और न्यू मार्केट जैसे प्रमुख इलाकों में बाजारों की रौनक देखते ही बन रही है। अस्थायी दुकानों की कतारें लग गई हैं और व्यापारी भी त्योहार को लेकर पूरी तरह तैयार नजर आ रहे हैं। मस्जिदों और खानकाहों की कमेटियों ने ईद की नमाज के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। नमाज के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्वयंसेवकों की तैनाती की जा रही है। वहीं प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ यातायात व्यवस्था को भी सुचारु रखने के लिए विशेष योजना बनाई गई है। ईद-उल-फितर को भाईचारे, प्रेम और आपसी सद्भाव का प्रतीक माना जाता है। इस दिन लोग नमाज अदा करने के बाद एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद देते हैं और मिठाइयों के साथ खुशियां बांटते हैं। रमजान के पूरे महीने के रोजों और इबादत के बाद यह त्योहार खास महत्व रखता है। पटना समेत पूरे बिहार में ईद को लेकर उत्साह और उमंग का माहौल है। बाजारों की रौनक, तैयारियों की हलचल और लोगों की खुशी इस बात का संकेत दे रही है कि शनिवार को ईद का त्योहार पूरे हर्षोल्लास और परंपरागत उल्लास के साथ मनाया जाएगा।