दुलारचंद हत्याकांड में अनंत सिंह को पटना हाईकोर्ट से जमानत, चार माह बाद जेल से रिहाई की तैयारी

  • गिरफ्तारी के बाद पहली बड़ी राहत, समर्थकों में खुशी का माहौल
  • हत्या मामले में कई प्राथमिकी दर्ज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और गवाहों के बयान बने अहम आधार

पटना। मोकामा से जनता दल यूनाइटेड के विधायक और चर्चित नेता अनंत सिंह को दुलारचंद यादव हत्याकांड में पटना उच्च न्यायालय से जमानत मिल गई है। लगभग चार महीने की न्यायिक हिरासत के बाद मिली इस राहत के बाद उनके शुक्रवार को जेल से बाहर आने की संभावना जताई जा रही है। जमानत की खबर मिलते ही उनके समर्थकों और परिजनों में खुशी का माहौल देखा जा रहा है। गौरतलब है कि 30 अक्टूबर 2025 को मोकामा टाल क्षेत्र में राष्ट्रीय जनता दल से जुड़े नेता दुलारचंद यादव की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में नाम आने के बाद 1 नवंबर की देर रात पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मोकामा स्थित उनके आवास से अनंत सिंह को गिरफ्तार किया था। इसके बाद से वे न्यायिक हिरासत में थे। मामले में अनंत सिंह पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने स्वयं दुलारचंद यादव को गोली मारी थी। हालांकि जमानत सुनवाई के दौरान उनके पक्ष की ओर से यह दलील दी गई कि घटनास्थल पर मौजूद पुलिसकर्मियों के बयान में कहीं भी यह उल्लेख नहीं है कि उन्होंने गोली चलाई। साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण गोली नहीं, बल्कि गंभीर मारपीट और वाहन से कुचलने को बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार मृतक के शरीर पर कई स्थानों पर गहरे घाव, खून जमने के निशान, टूटी पसलियां और फेफड़ों को क्षति पहुंचने के संकेत मिले थे, जिससे आंतरिक रक्तस्राव के कारण उनकी मृत्यु हुई। इस तथ्य को भी बचाव पक्ष ने अपने तर्क में शामिल किया। मामले में अब तक कुल चार प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं। पहला मामला मृतक के पोते नीरज कुमार के बयान पर भदौर थाना में दर्ज किया गया था। इसके अलावा एक मामला अनंत सिंह के समर्थक द्वारा दर्ज कराया गया, जबकि एक प्राथमिकी पुलिस के बयान के आधार पर भी दर्ज की गई है। जांच के दौरान कई गवाहों के बयान भी लिए गए हैं, जो इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। जमानत मिलने के बाद अनंत सिंह के मोकामा स्थित आवास पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। समर्थक उनके स्वागत की तैयारी में जुटे हैं और उनके वाहन की सफाई सहित अन्य व्यवस्थाएं की जा रही हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि विधायक को इस मामले में फंसाया गया था और न्यायालय के निर्णय से सच्चाई सामने आई है। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले राज्यसभा चुनाव के दौरान मतदान करने पहुंचे अनंत सिंह ने मीडिया से बातचीत में संकेत दिया था कि वे जल्द ही जेल से बाहर आएंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि भविष्य में वे विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे और राजनीति में उनकी भूमिका को लेकर भी उन्होंने संयमित प्रतिक्रिया दी थी। राजनीतिक दृष्टिकोण से यह मामला राज्य की राजनीति में काफी चर्चा का विषय रहा है। जमानत मिलने के बाद इसके राजनीतिक प्रभावों पर भी चर्चा तेज हो गई है। हालांकि न्यायालय का यह निर्णय केवल जमानत तक सीमित है और मामले की सुनवाई अभी जारी रहेगी। पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच पूरी निष्पक्षता के साथ की जा रही है और सभी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि न्यायिक प्रक्रिया के तहत जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। अनंत सिंह को मिली जमानत इस बहुचर्चित हत्याकांड में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखी जा रही है। आने वाले समय में इस मामले की सुनवाई और जांच की दिशा पर सबकी नजर बनी रहेगी।

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