वैश्विक ईंधन संकट के बीच पाइप गैस पर जोर, 24 घंटे में कनेक्शन देने का निर्देश
- घरेलू उपभोक्ताओं को शत-प्रतिशत गैस आपूर्ति सुनिश्चित, व्यावसायिक गैस आपूर्ति आंशिक रूप से बहाल
- राज्यों को पत्र जारी, शहर गैस वितरण परियोजनाओं को तेजी देने पर जोर
नई दिल्ली। वैश्विक ईंधन संकट के बीच केंद्र सरकार ने देश में पाइप के माध्यम से मिलने वाली प्राकृतिक गैस को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि पाइप गैस कनेक्शन के लिए आने वाले आवेदनों को 24 घंटे के भीतर स्वीकृत किया जाए। इस फैसले का उद्देश्य गैस आपूर्ति को सुचारु बनाए रखना और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को मजबूत करना है। मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान परिस्थितियों में घरेलू पाइप गैस और संपीड़ित प्राकृतिक गैस उपभोक्ताओं को पूरी तरह गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। वहीं व्यावसायिक रसोई गैस की आपूर्ति भी धीरे-धीरे सामान्य की जा रही है, ताकि बाजार में संतुलन बना रहे और व्यवसाय प्रभावित न हों। जानकारों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है। विशेष रूप से दुनिया के महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य पर अस्थायी बाधा के कारण गैस आपूर्ति प्रभावित हुई थी। हालांकि हाल ही में भारत के तीन जहाज इस मार्ग को पार करने में सफल रहे हैं, जिससे स्थिति में कुछ सुधार देखने को मिला है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने स्पष्ट किया है कि देश में कच्चे तेल की उपलब्धता को लेकर कोई गंभीर संकट नहीं है। उन्होंने कहा कि देश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं और पेट्रोल तथा डीजल की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। ऐसे में आम उपभोक्ताओं को घबराने की आवश्यकता नहीं है। सरकार ने इस स्थिति से निपटने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र लिखकर पाइप गैस कनेक्शन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत शहर गैस वितरण परियोजनाओं की स्वीकृति प्रक्रिया को तेज करने और अधिक से अधिक लोगों को पाइप गैस से जोड़ने पर जोर दिया गया है। बताया जा रहा है कि बड़े शहरों में व्यावसायिक रसोई गैस उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को पाइप गैस अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। कई गैस वितरण कंपनियां नए कनेक्शन पर विशेष रियायत और सुविधाएं भी प्रदान कर रही हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इस विकल्प को अपनाएं। सरकार ने शहर गैस वितरण कंपनियों को यह भी निर्देश दिया है कि वे खुद संभावित ग्राहकों तक पहुंच बनाएं और कनेक्शन की प्रक्रिया को सरल बनाएं। उपभोक्ता अब ईमेल, ग्राहक पोर्टल, पत्र या कॉल केंद्र के माध्यम से आसानी से पाइप गैस कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकते हैं। रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर उठ रही चिंताओं पर सरकार ने स्पष्ट किया है कि कुछ क्षेत्रों में अस्थायी समस्या जरूर है, लेकिन कुल मिलाकर संसाधनों की कोई कमी नहीं है। व्यावसायिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बिहार, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मणिपुर, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और उत्तराखंड सहित कई राज्यों ने गैर-घरेलू गैस आवंटन को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पाइप गैस न केवल सुरक्षित और सुविधाजनक है, बल्कि यह लंबे समय के लिए एक स्थायी ऊर्जा विकल्प भी साबित हो सकती है। इससे सिलेंडर आधारित गैस पर निर्भरता कम होगी और आपूर्ति प्रणाली अधिक व्यवस्थित हो सकेगी। केंद्र सरकार मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए ऊर्जा क्षेत्र में संतुलन बनाए रखने और उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए पाइप गैस को बढ़ावा देने की रणनीति पर काम कर रही है। आने वाले समय में इससे देश की ऊर्जा व्यवस्था और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है।


