पटना में “बिहार कांग्रेस बचाओ” महासम्मेलन आयोजित, समर्पित कांग्रेसियों ने प्रदेश नेतृत्व पर बोला तीखा हमला”
- “बिहार कांग्रेस को बिचौलियों, दलालों और सौदेबाज़ी की राजनीति से मुक्त करना ही लक्ष्य”
पटना। “बिहार कांग्रेस बचाओ” अभियान के बैनर तले पटना में एक विशाल महासम्मेलन का आयोजन किया गया। यह सम्मेलन बोरिंग कैनाल रोड स्थित, लक्ष्मी नारायण उत्सव हॉल में संपन्न हुआ। सम्मेलन की अध्यक्षता एआईसीसी सदस्य नागेंद्र पासवान ‘विकल’ ने की, जबकि मंच संचालन एवं विषय वस्तु परिचय एआईसीसी सदस्य आनन्द माधव ने किया।बैठक में लगभग हर जिले के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।इनमें एआईसीसी डेलिगेट, पीसीसी डेलीगेट से लेकर पूर्व जिला अध्यक्ष तथा पूर्व राज्य के अधिकारी शामिल हुए। इनके अलावे कई जिलों से वर्तमान पदाधिकारियों ने भी इस सम्मेलन में भाग लिया। महासम्मेलन में खगड़िया के पूर्व विधायक छत्रपति यादव, पूर्व युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार राजन, शम्मी कपूर, वसी अख्तर, पूर्व जिला अध्यक्ष, विधुभूषण पांडेय, शौकत अली, रवी गोल्डन, कुमार संजीत, नरेश राम, किन्नर लाली, मुन्ना सिंह, ध्रुव नारायण सिंह, रणधीर यादव, गुंजन मिश्रा, सुनंदा सिंह, पुरोहित कुमार, आलोक, प्रद्युम्न शर्मा, राहुल मिश्रा एवं सनी कुमार सहित कई समर्पित कांग्रेस नेताओं ने अपनी बात रखी। इस अवसर पर बोलते हुए एआईसीसी डेलीगेट आनन्द माधव ने कहा कि बिहार कांग्रेस आज अपने सबसे निचले पायदान पर पहुंच चुकी है, जिसकी मुख्य जिम्मेदारी वर्तमान प्रदेश नेतृत्व और बिहार के राष्ट्रीय प्रभारी पर है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव से लेकर राज्यसभा चुनाव तक जिस प्रकार कांग्रेस की फजीहत हुई है, उससे पूरा प्रदेश शर्मसार है। उन्होंने मांग की कि नैतिकता के आधार पर प्रदेश नेतृत्व तत्काल इस्तीफा दे। माधव ने कहा कि महासम्मेलन का उद्देश्य राहुल गांधी के हाथों को मजबूत करना, बिहार कांग्रेस को बिचौलियों और दलालों से मुक्त कराना तथा समर्पित कांग्रेसियों का खोया सम्मान वापस दिलाना है। उन्होंने कहा कि कि यह दरअसल बिहार कांग्रेस मुक्ति आंदोलन है। हमलोग अंतिम दम तक अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। श्री माधव ने कहा कि सदाकत आश्रम की वर्तमान व्यवस्था ने अथक प्रयास इस बात के लिये किया कि कैसे इस सम्मेलन में लोग भाग नहीं लें। लेकिन लोग आये।यह लड़ाई सच की लड़ाई और जीत हमेशा सच्चाई की ही होती है। पूर्व विधायक छत्रपति यादव ने कहा कि हमारा अभियान आगे भी जारी रहेगा और जरूरत पड़ी तो दिल्ली तक आंदोलन किया जाएगा, ताकि राष्ट्रीय नेतृत्व यह समझ सके कि समर्पित कांग्रेसी खुद को अपमानित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी और टिकट बंटवारे में भारी धांधली का ही परिणाम रहा कि कांग्रेस का प्रदर्शन दो अंकों तक भी नहीं पहुंच सका। पूर्व युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार राजन ने कहा कि राहुल गांधी तक सच्चाई नहीं पहुंच पा रही है, क्योंकि बिचौलियों ने संगठन को घेर रखा है। उन्होंने प्रदेश नेतृत्व में तत्काल बदलाव की मांग की। सभा की अध्यक्षता कर रहे नागेंद्र पासवान ‘विकल’ ने कहा कि वर्षों से कांग्रेस से जुड़े समर्पित परिवारों को भी आज हाशिए पर धकेला जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश नेतृत्व जिला अध्यक्ष से लेकर प्रखंड अध्यक्ष तक के पदों में सौदेबाज़ी कर रहा है तथा 10 की सदस्यता शुल्क की जगह 50 वसूले जा रहे हैं, जो पार्टी संविधान के विरुद्ध है। महासम्मेलन में बिहार के प्रत्येक जिले से बड़ी संख्या में प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रमुख रूप से सनी कुमार, विकास कुमार, शिवराज कुमार, अरूण कुमार वर्मा, देवानंद शर्मा, सुरेश रविदास, सुनील कुमार, सुमन प्रकाश, राज छविराज, अशोक यादव, रामजतन चौधरी, रामनरेश सिंह, विदु शंकर यादव, रवि गोल्डन कुमार, उमेश श्रीवास्तव, राजेंद्र महतो, पंकज यादव, मोहम्मद इसराइल, मोहम्मद मेराज, धीरेंद्र सिंह, शंभू यादव, सूर्यदेव यादव, राम उदय, अनय प्रताप सिंह, रामकुमार मांझी, राजेंद्र चौधरी, मनोज मेहता एवं विशाल यादव ने सम्मेलन में अपनी सहभागिता दर्ज कराई। महासम्मेलन में उपस्थित सभी प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि बिहार कांग्रेस को बचाने की यह लड़ाई अब रुकने वाली नहीं है।सबलोगों ने मिलकर यह तय किया कि जबतक बिहार कांग्रेस दलालों से मुक्त नहीं होता तब तत यह संघर्ष जारी रहेगा। शीघ्र ही कृष्णा अल्लावरू एवं राजेश राम को हटाने के लिये उवके पुतला दहन का कार्यक्रम होगा और फिर समर्पित कांग्रेसी दिल्ली कूच करेगें।


