बिहार में सुधा डेयरी बूथों पर मिलेगा बकरी का दूध, बकरी पालन को बढ़ावा देने के लिए 90 प्रतिशत तक अनुदान

  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करने और रोजगार बढ़ाने की दिशा में सरकार की नई पहल

पटना। बिहार सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और पशुपालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य के प्रसिद्ध सुधा डेयरी बूथों पर अब गाय और भैंस के दूध के साथ-साथ बकरी का दूध भी उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस पहल से न केवल लोगों को पौष्टिक और औषधीय गुणों से भरपूर दूध मिलेगा, बल्कि पशुपालकों के लिए आय के नए अवसर भी पैदा होंगे। सरकार ने बकरी पालन को प्रोत्साहित करने के लिए गरीब परिवारों को 90 प्रतिशत तक अनुदान देने की घोषणा की है। इस योजना के तहत कम लागत में बकरी पालन शुरू किया जा सकेगा और ग्रामीण पशुपालक बकरी का दूध सीधे सुधा डेयरी को बेच सकेंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग इस योजना से संबंधित प्रस्ताव तैयार कर रहा है, जिसे जल्द ही मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक ने बताया कि योजना की शुरुआत राज्य के प्रमुख शहरों से की जाएगी। प्रारंभिक चरण में भागलपुर, मुजफ्फरपुर, गया, दरभंगा और पूर्णिया जैसे शहरों में सुधा बूथों के माध्यम से बकरी का दूध उपलब्ध कराया जाएगा। विभाग की योजना के अनुसार आने वाले समय में राज्य की सभी पंचायतों में सुधा डेयरी बूथ स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही बकरी पालन को संगठित और वैज्ञानिक ढंग से विकसित करने के लिए राज्य में बकरी संघ का गठन किया जाएगा। प्रत्येक जिले में बकरी पालन विशेषज्ञों की नियुक्ति की जाएगी, जिन्हें प्रशिक्षण के लिए केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान भेजा जाएगा। सरकार ने इस योजना को सफल बनाने के लिए बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय और केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान, मथुरा को सलाहकार संस्था के रूप में जोड़ने का निर्णय लिया है। ये संस्थान किसानों को वैज्ञानिक जानकारी और तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करेंगे, जिससे बकरी पालन अधिक लाभकारी और व्यवस्थित तरीके से किया जा सके। पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री सुरेंद्र मेहता ने कहा कि बकरी पालन गरीब परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधारने का एक प्रभावी माध्यम बन सकता है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों को 80 से 90 प्रतिशत अनुदान पर तीन प्रजनन योग्य बकरियां दी जा रही हैं। अब तक राज्य के 34,218 परिवारों को कुल 1,02,654 बकरियां वितरित की जा चुकी हैं। मंत्री ने बताया कि देश में लगभग 12 करोड़ बकरियां हैं, जो विश्व की कुल बकरी आबादी का लगभग 20 प्रतिशत है। बिहार में बकरियों की संख्या करीब 1.28 करोड़ है, जिससे यह राज्य देश में चौथे स्थान पर आता है। इससे यह स्पष्ट होता है कि राज्य में बकरी पालन की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। इसके अतिरिक्त गया जिले में बकरी वीर्य बैंक की स्थापना की योजना को भी हाल ही में मंजूरी दी गई है। इस पहल से बकरी पालन को वैज्ञानिक आधार मिलेगा और पशुओं की नस्ल सुधार में भी मदद मिलेगी। सरकार का मानना है कि बकरी पालन को बढ़ावा देने और बकरी के दूध की उपलब्धता बढ़ाने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। साथ ही यह योजना किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के साथ-साथ पोषण और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।

You may have missed