बिहार में मौसम ने ली करवट: दिन में तेज गर्मी, रात में हल्की ठंड; 9 से 11 मार्च तक आंधी-बारिश की चेतावनी
पटना। बिहार में इन दिनों मौसम का मिज़ाज तेजी से बदल रहा है। दिन के समय तेज धूप और बढ़ती गर्मी लोगों को परेशान कर रही है, जबकि रात होते ही वातावरण में हल्की ठंडक महसूस होने लगती है। स्थिति यह है कि दिन में अब लोग स्वेटर और जैकेट पहनना लगभग छोड़ चुके हैं, लेकिन रात के समय हल्की चादर या पतला कंबल अभी भी काम आ रहा है। इससे साफ संकेत मिल रहा है कि सर्दी अब अपने अंतिम चरण में है और गर्मी का आगमन शुरू हो चुका है। शुक्रवार को दर्ज तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो बिहार के लगभग सभी जिलों का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है। उत्तर बिहार में मोतिहारी 33.6 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म जिला रहा। वहीं किशनगंज में 32 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। मध्य और दक्षिण बिहार की बात करें तो राजधानी पटना में पारा 32.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। गया, मुजफ्फरपुर, औरंगाबाद, अरवल, जहानाबाद और समस्तीपुर जैसे जिलों में भी अधिकतम तापमान लगभग 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि पूरे राज्य में दिन के समय अब अच्छी-खासी गर्मी महसूस की जा रही है। वहीं रात के तापमान में भी धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखी जा रही है। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 14.8 डिग्री सेल्सियस से 20.8 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। सबसे कम तापमान भागलपुर के सबौर में 14.8 डिग्री सेल्सियस रहा। पटना में न्यूनतम तापमान 20.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे स्पष्ट है कि रात की ठंड अब काफी कम हो चुकी है। इसी बीच मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार 9 से 11 मार्च के बीच बिहार के कई जिलों में आंधी और बारिश को लेकर पीली चेतावनी जारी की गई है। इस अवधि में राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। साथ ही तेज हवाओं के साथ वर्षा भी हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक मौसम शुष्क बना रहेगा। इसके बाद 9 और 10 मार्च को उत्तर-मध्य तथा उत्तर-पूर्व बिहार के कुछ स्थानों पर वर्षा होने की संभावना है। वहीं 11 मार्च को पूर्वी और मध्य बिहार के कई जिलों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। इस दौरान हवा की गति भी तेज रहने की आशंका है, जिससे मौसम अचानक बदल सकता है। मौसम में इस संभावित बदलाव से किसानों की चिंता बढ़ सकती है, क्योंकि इस समय कई स्थानों पर फसलें खेतों में तैयार खड़ी हैं और तेज हवा व बारिश से उन्हें नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है।


