राज्यसभा चुनाव में नीतीश लेंगे अंतिम निर्णय, पार्टी ने किया अधिकृत, नाम पर लगाएंगे मुहर

पटना। बिहार की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। संभावित उम्मीदवारों को लेकर सियासी चर्चाएं चरम पर हैं। इसी बीच जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय महासचिव भगवान सिंह कुशवाहा ने पार्टी की स्थिति स्पष्ट करते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अधिकृत कर दिया गया है और वही अंतिम निर्णय लेंगे।
पार्टी ने किया अधिकृत
भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा कि पार्टी के भीतर सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार-विमर्श चल रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि तय समयसीमा के भीतर उम्मीदवार को लेकर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। उन्होंने कहा कि छह तारीख तक सब कुछ ठीक-ठाक हो जाएगा। उनके बयान से यह संकेत मिला कि जेडीयू में उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और निर्णय जल्द सामने आएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी में योग्य उम्मीदवारों की कोई कमी नहीं है। जेडीयू अपने दम पर राज्यसभा के लिए प्रतिनिधि भेजने में पूरी तरह सक्षम है। इससे स्पष्ट है कि पार्टी अपने राजनीतिक गणित और गठबंधन समीकरणों को ध्यान में रखते हुए रणनीति बना रही है।
निशांत कुमार को लेकर अटकलें खारिज
हाल के दिनों में यह चर्चा थी कि निशांत कुमार विधायकों और सांसदों से मुलाकात कर रहे हैं। इस सवाल पर भगवान सिंह कुशवाहा ने इन दावों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि यह केवल मीडिया की अटकलें हैं और इसमें कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं विधायक हैं, लेकिन उनसे किसी प्रकार की मुलाकात नहीं हुई है। उनका यह बयान इस बात का संकेत देता है कि पार्टी के भीतर फिलहाल कोई समानांतर गतिविधि नहीं चल रही है और सभी निर्णय औपचारिक प्रक्रिया के तहत ही होंगे।
नीतीश का फैसला सर्वमान्य
भगवान सिंह कुशवाहा ने दो टूक शब्दों में कहा कि नीतीश कुमार का निर्णय सर्वमान्य होगा। उन्होंने कहा कि पार्टी में अंतिम निर्णय का अधिकार मुख्यमंत्री के पास है और जो नाम वे तय करेंगे, उसी पर मुहर लगेगी। इस बयान से यह स्पष्ट हो गया कि जेडीयू में नेतृत्व को लेकर कोई भ्रम की स्थिति नहीं है और संगठन एकजुट है।
उपेंद्र कुशवाहा पर टिप्पणी
राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि क्या उपेंद्र कुशवाहा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की ओर से राज्यसभा भेजे जा सकते हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा कि उपेंद्र कुशवाहा का समझौता भारतीय जनता पार्टी के साथ है, जेडीयू के साथ नहीं। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी को उम्मीदवार भेजना होगा तो वह अपनी पार्टी का ही प्रतिनिधि भेजेगी। उनके इस बयान से यह संकेत मिला कि जेडीयू अपनी राजनीतिक रणनीति स्वतंत्र रूप से तय करेगी और गठबंधन के भीतर भी अपनी स्थिति स्पष्ट रखेगी।
चिराग पासवान और अन्य दलों की स्थिति
चिराग पासवान द्वारा अपने विधायकों की बैठक बुलाए जाने पर भी भगवान सिंह कुशवाहा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चिराग पासवान के पास 19 विधायक हैं और वे भी उम्मीदवार दे सकते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारतीय जनता पार्टी और जेडीयू को छोड़कर किसी अन्य दल के पास अपने दम पर उम्मीदवार जिताने की संख्या नहीं है। जीतन राम मांझी को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि हर दल अपनी रणनीति के अनुसार निर्णय लेता है। अंतिम समर्थन का फैसला भारतीय जनता पार्टी के स्तर पर होगा।
राजनीतिक सरगर्मी तेज
राज्यसभा चुनाव को लेकर बिहार की राजनीति में हलचल लगातार बढ़ रही है। संभावित उम्मीदवारों के नामों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि जेडीयू ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी में कोई भ्रम नहीं है और अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री के स्तर पर ही होगा। अब सबकी नजर छह तारीख पर टिकी है, जब नामांकन की प्रक्रिया को लेकर स्थिति साफ हो सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव केवल प्रतिनिधित्व का सवाल नहीं, बल्कि गठबंधन की आंतरिक मजबूती और भविष्य की रणनीति का संकेत भी देता है। फिलहाल जेडीयू ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि पार्टी में एकजुटता है और नेतृत्व को लेकर कोई मतभेद नहीं है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्णय पर अंतिम मुहर लगेगी और उसी के अनुसार पार्टी आगे बढ़ेगी। आने वाले दिनों में राज्यसभा चुनाव को लेकर तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।

You may have missed