बिहार में निशांत की राजनीति में एंट्री की तैयारी, पार्टी भेज सकती है राज्यसभा
पटना। बिहार की राजनीति में एक नई चर्चा ने जोर पकड़ लिया है। सत्तारूढ़ दल जनता दल यूनाइटेड के भीतर से संकेत मिल रहे हैं कि मुख्यमंत्री के बेटे निशांत कुमार को सक्रिय राजनीति में उतारने की तैयारी हो रही है। सूत्रों के अनुसार पार्टी उन्हें राज्यसभा भेजने पर विचार कर रही है। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर हलचल तेज हो गई है।
निशांत कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा
पार्टी सूत्रों का कहना है कि जनता दल यूनाइटेड अपने कोटे से दो नाम लगभग तय कर चुकी है, जिनमें निशांत कुमार का नाम प्रमुख रूप से सामने आ रहा है। लंबे समय से पार्टी के कई नेता उन्हें राजनीति में लाने की वकालत करते रहे हैं। पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान निशांत कुमार विभिन्न क्षेत्रों में जाकर प्रचार करते भी नजर आए थे। उन्होंने कई विधानसभा क्षेत्रों में जाकर पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में वोट मांगे थे। उनके कार्यक्रमों में समर्थकों ने खुले तौर पर उनसे राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने की मांग की थी। अब चर्चा है कि उन्हें सीधे उच्च सदन में भेजकर राजनीतिक पारी की शुरुआत कराई जा सकती है।
अन्य संभावित नाम भी चर्चा में
जनता दल यूनाइटेड की ओर से केंद्रीय राज्यमंत्री रामनाथ ठाकुर का नाम भी राज्यसभा के लिए संभावित माना जा रहा है। वहीं भारतीय जनता पार्टी के कोटे से उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह को दोबारा भेजे जाने की संभावना जताई जा रही है। इसी के साथ भोजपुरी फिल्म जगत के चर्चित अभिनेता और गायक पवन सिंह का नाम भी चर्चा में है। हाल ही में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी में वापसी की है और विधानसभा चुनाव में स्टार प्रचारक के रूप में सक्रिय भूमिका निभाई थी। दिल्ली में पार्टी नेतृत्व से उनकी मुलाकात के बाद अटकलें और तेज हो गई हैं कि उन्हें भी राज्यसभा भेजा जा सकता है।
पवन सिंह की सियासी सक्रियता
पिछले लोकसभा चुनाव में पवन सिंह ने काराकाट संसदीय क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने विधानसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी में पुनः प्रवेश किया और प्रचार अभियान में प्रमुख चेहरा बने। हाल में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन से दिल्ली में उनकी मुलाकात को राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। हालांकि पवन सिंह ने इसे शिष्टाचार भेंट बताया, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इसके पीछे राज्यसभा की संभावनाएं भी जुड़ी हो सकती हैं।
पांच सीटों पर होना है चुनाव
बिहार में कुल पांच राज्यसभा सीटों पर चुनाव प्रस्तावित है। इनमें तीन सीटें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के पास हैं, जबकि दो सीटें राष्ट्रीय जनता दल के खाते में हैं। जिन सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है उनमें अमरेंद्र धारी सिंह, प्रेम चंद गुप्ता, रामनाथ ठाकुर, उपेंद्र कुशवाहा और हरिवंश नारायण सिंह शामिल हैं। इन सभी का कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 को पूरा हो रहा है। इन्हीं पांच सीटों के लिए निर्वाचन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। नामांकन की प्रक्रिया 26 फरवरी से जारी है। 6 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 मार्च नाम वापसी की अंतिम तिथि तय की गई है। मतदान 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा। उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी और 20 मार्च तक पूरी प्रक्रिया संपन्न कर ली जाएगी।
सियासी समीकरण और रणनीति
राज्यसभा चुनाव में संख्या बल के आधार पर प्रत्याशियों की जीत लगभग तय मानी जाती है। ऐसे में दलों के भीतर नामों को लेकर रणनीतिक विचार-विमर्श जारी है। जनता दल यूनाइटेड के भीतर निशांत कुमार को आगे बढ़ाने की चर्चा को भविष्य की राजनीतिक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि निशांत कुमार को राज्यसभा भेजा जाता है तो यह उनके औपचारिक राजनीतिक पदार्पण का संकेत होगा। इससे पार्टी के भीतर नई पीढ़ी को आगे लाने का संदेश भी जाएगा।
आधिकारिक घोषणा का इंतजार
फिलहाल सभी संभावित नामों को लेकर केवल चर्चाएं और अटकलें हैं। संबंधित दलों की ओर से किसी भी नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों की नजर अब आगामी दिनों में होने वाली घोषणाओं पर टिकी है। राज्यसभा चुनाव को लेकर बढ़ती हलचल ने बिहार की राजनीति को एक बार फिर सक्रिय कर दिया है। आने वाले दिनों में उम्मीदवारों की औपचारिक घोषणा के साथ स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी। फिलहाल निशांत कुमार और पवन सिंह जैसे नामों की चर्चा ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है।


