February 27, 2026

केंद्र सरकार का बड़ा ऐलान, रेलवे ग्रुप-डी और लेवल-2 की भर्तियों में मिलेगा अग्निवीर जवानों का आरक्षण

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पूर्व अग्निवीरों और सेवानिवृत्त सैनिकों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। अब उन्हें रेलवे की विभिन्न भर्तियों में आरक्षण का लाभ मिलेगा। सेना और रेलवे के बीच बने सहयोग ढांचे के तहत लेवल-1, लेवल-2 और उससे ऊपर के पदों पर पूर्व सैनिकों और पूर्व अग्निवीरों के लिए निर्धारित आरक्षण लागू किया जाएगा। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब अग्निवीर योजना के तहत भर्ती हुए पहले बैच का चार साल का कार्यकाल इस वर्ष पूरा होने जा रहा है।
सेना और रेलवे के बीच बना सहयोग ढांचा
भारतीय सेना और भारतीय रेल के बीच सेवा निवृत्ति के बाद रोजगार के अवसर सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक औपचारिक सहयोग ढांचा तैयार किया गया है। सेना ने बुधवार को सामाजिक माध्यम पर इसकी जानकारी साझा करते हुए बताया कि दोनों संस्थानों के वरिष्ठ नेतृत्व के मार्गदर्शन में यह पहल शुरू की गई है। इसका उद्देश्य अग्निवीरों और सेवानिवृत्त सैनिकों को नागरिक सेवाओं में सहज रूप से स्थानांतरित होने में मदद करना है। इस ढांचे के माध्यम से रेलवे में उपलब्ध रोजगार अवसरों की जानकारी सेवानिवृत्त सैनिकों तक व्यवस्थित ढंग से पहुंचाई जाएगी। साथ ही उनके लिए एक उत्तरदायी सहायता तंत्र विकसित किया जाएगा, जिससे वे अपने दूसरे करियर की शुरुआत आत्मविश्वास के साथ कर सकें। सेना के अनुसार यह पहल राष्ट्रीय विकास में पूर्व सैनिकों की भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
आरक्षण का स्पष्ट प्रावधान
रेल मंत्रालय की ओर से 19 फरवरी को जारी पत्र में भर्ती प्रक्रिया से जुड़े प्रावधानों का विस्तृत विवरण दिया गया है। इसके अनुसार लेवल-2 और उससे ऊपर के पदों में भूतपूर्व सैनिकों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण निर्धारित किया गया है, जबकि लेवल-1 पदों में उनके लिए 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। इसी प्रकार पूर्व अग्निवीरों को भी विशेष कोटा दिया गया है। लेवल-2 और उससे ऊपर के पदों में उनके लिए 5 प्रतिशत और लेवल-1 पदों में 10 प्रतिशत आरक्षण तय किया गया है। रेलवे की लेवल-1 श्रेणी में रेलवे भर्ती बोर्ड समूह-डी के पद शामिल होते हैं, जिनमें ट्रैक मेंटेनर, सहायक और अन्य तकनीकी व गैर-तकनीकी पद आते हैं।
रेलवे और सेना की साझा कार्य संस्कृति
रेलवे ने अपने बयान में कहा है कि सेना और रेलवे की कार्य संस्कृति में कई समानताएं हैं। अनुशासन, तकनीकी दक्षता, नेतृत्व क्षमता और प्रबंधन कौशल जैसे गुण दोनों संस्थानों के कर्मचारियों में समान रूप से पाए जाते हैं। सेना में कार्यरत जवान अपेक्षाकृत कम आयु में ही व्यापक परिचालन अनुभव हासिल कर लेते हैं। ऐसे में उनकी क्षमताओं का उपयोग रेलवे जैसे विशाल संगठन में प्रभावी रूप से किया जा सकता है। रेलवे ने यह भी रेखांकित किया कि सेवानिवृत्त सैनिकों का कल्याण उसकी नीतियों का अहम हिस्सा रहा है और भविष्य में भी इसे प्राथमिकता दी जाएगी।
रिक्त पदों में आरक्षित सीटें
वर्ष 2024 और 2025 में रेलवे द्वारा अधिसूचित रिक्तियों में भूतपूर्व सैनिकों के लिए कुल 14,788 पद आरक्षित किए गए हैं। इनमें लेवल-1 के 6,485 पद और लेवल-2 तथा उससे ऊपर के 8,303 पद शामिल हैं। यह संख्या दर्शाती है कि रेलवे बड़े पैमाने पर पूर्व सैनिकों को रोजगार देने की दिशा में सक्रिय है। रेल मंत्रालय ने यह भी निर्णय लिया है कि नियमित भर्ती प्रक्रिया पूरी होने तक लेवल-1 के अंतर्गत पॉइंट्समैन जैसे पदों पर भूतपूर्व सैनिकों की संविदा आधार पर नियुक्ति की जाएगी। ऐसे 5,000 से अधिक पद मंडल और जोन स्तर पर भरे जाने की प्रक्रिया में हैं।
समन्वय बढ़ाने की पहल
अब तक नौ रेलवे मंडलों ने संबंधित सेना संगठनों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। रेलवे ने सेना भर्ती संगठनों से आग्रह किया है कि वे मंडलों के साथ सक्रिय समन्वय बनाए रखें, ताकि इन पदों को शीघ्र भरा जा सके। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सेवा से निवृत्त हो रहे सैनिकों को समय पर रोजगार मिल सके और उन्हें अनिश्चितता का सामना न करना पड़े।
अग्निवीरों के लिए राहत भरी खबर
अग्निवीर योजना के तहत चार वर्ष की सेवा के बाद जवानों को सेना से मुक्त किया जाता है। पहले बैच का कार्यकाल इस वर्ष समाप्त हो रहा है। ऐसे में यह निर्णय उनके भविष्य को लेकर चल रही चिंताओं के बीच राहत देने वाला माना जा रहा है। रेलवे में आरक्षण मिलने से उन्हें स्थायी रोजगार का एक मजबूत विकल्प मिलेगा। सरकार की यह पहल न केवल पूर्व सैनिकों के पुनर्वास को मजबूत करेगी, बल्कि रेलवे जैसे बड़े सार्वजनिक उपक्रम को भी प्रशिक्षित और अनुशासित मानव संसाधन उपलब्ध कराएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे सैन्य और नागरिक सेवाओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा और राष्ट्र निर्माण में पूर्व सैनिकों की भागीदारी और प्रभावी हो सकेगी।

You may have missed