February 26, 2026

शंकराचार्य के अधिवक्ता को बम से उड़ाने की धमकी, वाराणसी कचहरी में सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

वाराणसी। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के मामले की पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीनाथ त्रिपाठी को जान से मारने की धमकी मिलने से वाराणसी में हड़कंप मच गया है। धमकी एक संदेश के माध्यम से दी गई, जिसमें स्पष्ट रूप से लिखा गया कि वाराणसी कचहरी के साथ-साथ अधिवक्ता को भी बम से उड़ा दिया जाएगा। इस घटना के सामने आने के बाद न केवल अधिवक्ताओं में आक्रोश है, बल्कि न्यायिक परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और संबंधित मोबाइल नंबर को निगरानी में लेकर आरोपी की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
धमकी भरे संदेश से फैली दहशत
प्राप्त जानकारी के अनुसार अधिवक्ता श्रीनाथ त्रिपाठी को एक मोबाइल नंबर से संदेश भेजकर धमकी दी गई। संदेश में लिखा गया कि बनारस कचहरी के साथ-साथ उन्हें भी विस्फोट कर उड़ा दिया जाएगा। इस धमकी की जानकारी मिलते ही कचहरी परिसर में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया। यह घटना इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि पिछले एक सप्ताह में वाराणसी कचहरी को तीन बार बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। लगातार मिल रही धमकियों ने प्रशासन और न्यायिक व्यवस्था की सुरक्षा पर गंभीर चिंता उत्पन्न कर दी है।
अधिवक्ता श्रीनाथ त्रिपाठी का कानूनी और सामाजिक महत्व
श्रीनाथ त्रिपाठी न केवल शंकराचार्य के अधिवक्ता हैं, बल्कि वे बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सह-अध्यक्ष भी रह चुके हैं। वे देश के जाने-माने कानूनी विशेषज्ञों में गिने जाते हैं और कई महत्वपूर्ण मामलों में अपनी भूमिका निभा चुके हैं। ऐसे प्रतिष्ठित अधिवक्ता को इस प्रकार की धमकी मिलना न्यायिक व्यवस्था और कानून के शासन के लिए एक गंभीर चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। अधिवक्ता ने इस संबंध में पुलिस को लिखित शिकायत दी है और धमकी देने वाले मोबाइल नंबर की जानकारी भी उपलब्ध कराई है।
अधिवक्ताओं में आक्रोश और सुरक्षा की मांग
धमकी की खबर मिलते ही वाराणसी बार एसोसिएशन और अन्य अधिवक्ता संगठनों में भारी आक्रोश फैल गया। अधिवक्ताओं का कहना है कि न्यायालय और कचहरी न्याय का मंदिर हैं और यहां कार्य करने वाले अधिवक्ताओं को धमकी देना न्यायपालिका की स्वतंत्रता और गरिमा पर सीधा हमला है। अधिवक्ताओं ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि धमकी देने वाले व्यक्ति को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और अधिवक्ता श्रीनाथ त्रिपाठी को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान की जाए। अधिवक्ताओं का मानना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो इससे कानून व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
पुलिस और साइबर इकाई की जांच शुरू
मामले की गंभीरता को देखते हुए वाराणसी पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जांच शुरू कर दी है। जिस मोबाइल नंबर से धमकी दी गई है, उसे निगरानी में रखा गया है। साइबर अपराध इकाई की मदद से उस नंबर की लोकेशन और उपयोगकर्ता की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि यह धमकी किसी व्यक्तिगत विवाद, कानूनी मामले या किसी संगठित साजिश का हिस्सा तो नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही आरोपी की पहचान कर ली जाएगी।
शंकराचार्य से जुड़े विवादों से जोड़कर भी हो रही जांच
पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि धमकी का संबंध शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े किसी विवादित मामले से हो सकता है। हाल के दिनों में शंकराचार्य और प्रशासन के बीच कई मुद्दों को लेकर विवाद सामने आए हैं। प्रयागराज में शंकराचार्य के खिलाफ बाल संरक्षण कानून के तहत मामला दर्ज होने के बाद वे चर्चा में बने हुए हैं। उन पर दो नाबालिगों के यौन शोषण का आरोप लगाया गया है, जिसे लेकर उनके समर्थकों और प्रशासन के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है।
समर्थकों ने बताया सुनियोजित साजिश
शंकराचार्य के समर्थकों का कहना है कि यह घटना उन्हें और उनके सहयोगियों को डराने और कमजोर करने का एक प्रयास हो सकता है। उनका आरोप है कि शंकराचार्य के खिलाफ चल रहे मामलों के कारण उनके सहयोगियों और अधिवक्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। समर्थकों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
लगातार मिल रही धमकियों ने कचहरी परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों का कहना है कि न्यायालय परिसर में सुरक्षा को और मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने मांग की है कि परिसर में निगरानी प्रणाली को मजबूत किया जाए और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाए।
पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए हर पहलू की गहन जांच की जा रही है और दोषियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा। इस घटना ने न केवल अधिवक्ताओं बल्कि आम नागरिकों के बीच भी चिंता बढ़ा दी है और सभी की निगाहें अब पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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