पटना में 27 फरवरी से 10 मार्च तक इंटरमीडिएट की कॉपियों का मूल्यांकन, केंद्रों पर लागू रहेगी धारा 163
पटना। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य 27 फरवरी से शुरू होकर 10 मार्च तक चलेगा। इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के लिए पटना अनुमंडल प्रशासन ने सभी मूल्यांकन केंद्रों के आसपास कड़े सुरक्षा प्रबंध लागू कर दिए हैं। प्रशासन ने पटना अनुमंडल मुख्यालय के अंतर्गत बनाए गए छह मूल्यांकन केंद्रों के 200 गज के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। अनुमंडल दंडाधिकारी द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह कदम जिलाधिकारी कुंदन कुमार के निर्देश पर उठाया गया है, ताकि मूल्यांकन कार्य के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, गड़बड़ी या असामाजिक गतिविधियों को रोका जा सके। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कॉपियों की जांच प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो। आदेश के अनुसार, 27 फरवरी से 10 मार्च तक मूल्यांकन केंद्रों के 200 गज के दायरे में एक साथ पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा इस क्षेत्र में अनधिकृत व्यक्तियों की आवाजाही भी पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि मूल्यांकन केंद्रों के आसपास किसी भी व्यक्ति को लाठी, भाला, गड़ासा या आग्नेयास्त्र जैसे घातक हथियार लेकर चलने की अनुमति नहीं होगी, चाहे वह हथियार लाइसेंसी ही क्यों न हो। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह प्रतिबंध विशेष रूप से मूल्यांकन केंद्रों के आसपास शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से लागू किया गया है। जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने मूल्यांकन कार्य के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सभी केंद्रों पर दंडाधिकारियों की स्थायी प्रतिनियुक्ति की है। इसके साथ ही केंद्रों के आसपास निरोधात्मक कार्रवाई करने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन ने पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है। हालांकि प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध मूल्यांकन कार्य में ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों, दंडाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों पर लागू नहीं होगा। इसके अलावा शव यात्रा और ऐसे बुजुर्ग या दिव्यांग व्यक्ति, जिन्हें चलने के लिए लाठी की आवश्यकता होती है, उन्हें भी इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा इंटरमीडिएट परीक्षा का मूल्यांकन कार्य राज्य भर में निर्धारित केंद्रों पर किया जाता है, जिसमें हजारों शिक्षक और कर्मचारी शामिल होते हैं। इस प्रक्रिया के माध्यम से लाखों छात्रों के भविष्य का निर्धारण होता है, इसलिए प्रशासन द्वारा सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विशेष कदम उठाए जाते हैं। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और सुचारु रूप से संपन्न कराई जाएगी। इसके लिए सभी आवश्यक सुरक्षा और निगरानी उपाय लागू किए गए हैं। केंद्रों के आसपास पुलिस बल की तैनाती की जाएगी और हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जाएगी। पटना अनुमंडल प्रशासन द्वारा उठाए गए इन कदमों का उद्देश्य न केवल मूल्यांकन प्रक्रिया को सुरक्षित बनाना है, बल्कि छात्रों और अभिभावकों के विश्वास को भी बनाए रखना है। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे लागू प्रतिबंधों का पालन करें और मूल्यांकन कार्य में सहयोग करें। इस प्रकार, इंटरमीडिएट परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा, जिससे समय पर परीक्षा परिणाम घोषित किए जा सकें और छात्रों का शैक्षणिक सत्र बिना किसी बाधा के आगे बढ़ सके।


