उत्तराखंड के दीपक से मिले राहुल गांधी, कहा- उनका डरने की जरूरत नहीं, मैं लूंगा उनकी जिम का मेंबरशिप
नई दिल्ली। उत्तराखंड के कोटद्वार निवासी दीपक कुमार इन दिनों पूरे देश में चर्चा का विषय बने हुए हैं। एक मुस्लिम बुजुर्ग दुकानदार को भीड़ से बचाने के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर खूब सराहा गया। इसी बीच उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद दीपक ने कहा कि राहुल गांधी ने उनका हौसला बढ़ाया और भरोसा दिलाया कि उन्हें किसी भी तरह से डरने या घबराने की जरूरत नहीं है। मुलाकात के दौरान राहुल गांधी ने दीपक के साहस की सराहना की। उन्होंने कहा कि दीपक ने बहुत अच्छा काम किया है और समाज को ऐसे युवाओं की जरूरत है। दीपक के अनुसार, राहुल गांधी ने यह भी कहा कि वे जल्द ही उनकी जिम में आएंगे और वहां की सदस्यता भी लेंगे। इस आश्वासन से दीपक काफी उत्साहित नजर आए।
सोशल मीडिया पर ‘मोहम्मद दीपक’ के नाम से पहचान
दीपक कुमार उस समय चर्चा में आए जब उन्होंने कथित तौर पर एक मुस्लिम बुजुर्ग दुकानदार को भीड़ के गुस्से से बचाया। इस घटना के बाद सोशल मीडिया मंचों पर उन्हें ‘मोहम्मद दीपक’ के नाम से भी जाना जाने लगा। लोगों ने उनके इस कदम को सांप्रदायिक सौहार्द और इंसानियत की मिसाल बताया। दीपक का कहना है कि उन्होंने जो किया, वह एक इंसान के तौर पर किया। उनका राजनीति से कोई संबंध नहीं है और न ही वे किसी राजनीतिक दल से जुड़े हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनका मकसद केवल एक व्यक्ति की जान बचाना था, न कि किसी प्रकार की राजनीतिक पहचान बनाना।
सोनिया गांधी से भी हुई मुलाकात
दीपक ने बताया कि उनकी मुलाकात राहुल गांधी के साथ-साथ सोनिया गांधी से भी हुई। सोनिया गांधी ने भी उनके साहस की प्रशंसा की और कहा कि समाज को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है, जो कठिन परिस्थितियों में भी इंसानियत का परिचय दें। दीपक के मुताबिक, दोनों नेताओं ने उनका मनोबल बढ़ाया और भविष्य में भी सकारात्मक कार्य करते रहने की प्रेरणा दी। दीपक ने कहा कि इस मुलाकात से उन्हें मानसिक रूप से काफी मजबूती मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें कई तरह की प्रतिक्रियाएं मिल रही थीं, लेकिन राहुल गांधी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें किसी प्रकार के भय या दबाव में आने की जरूरत नहीं है।
मुलाकात की तस्वीरें साझा
राहुल गांधी ने अपने सामाजिक माध्यम खाते पर दीपक कुमार के साथ मुलाकात की तस्वीरें साझा कीं। तस्वीरों के साथ उन्होंने लिखा, हर इंसान एक समान, यही भारतीयता और यही मोहब्बत की दुकान है। उन्होंने दीपक को ‘मोहम्मद दीपक’ कहकर संबोधित करते हुए लिखा कि एकता और साहस की ऐसी लौ हर भारतीय युवा में जलनी चाहिए। साझा की गई तस्वीरों में एक चित्र में राहुल गांधी और दीपक आपस में बातचीत करते दिख रहे हैं। एक अन्य चित्र में दोनों गले मिलते नजर आ रहे हैं। बाकी तस्वीरों में दोनों हाथ मिलाकर साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं। इन तस्वीरों में दीपक के साथ उनके मित्र विजय रावत और एक अन्य युवक भी मौजूद थे, जो सोफे पर बैठे दिखाई दे रहे हैं।
कोटद्वार से दिल्ली तक की चर्चा
दीपक की इस मुलाकात ने कोटद्वार से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा को जन्म दे दिया है। हालांकि दीपक ने साफ किया है कि उनका राजनीति में आने का कोई इरादा नहीं है। वे अपने कार्य और जीवन पर ही ध्यान देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने जो किया, वह किसी पहचान या प्रसिद्धि के लिए नहीं, बल्कि मानवता के नाते किया। राहुल गांधी के इस कदम को कई लोग सामाजिक सद्भाव का संदेश मान रहे हैं। वहीं कुछ राजनीतिक विश्लेषक इसे प्रतीकात्मक समर्थन के रूप में देख रहे हैं। लेकिन दीपक का कहना है कि उनके लिए यह मुलाकात एक प्रेरणा के समान है।
एकता और साहस का संदेश
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर सामाजिक एकता और भाईचारे की चर्चा को तेज कर दिया है। दीपक का साहस और राहुल गांधी का समर्थन, दोनों मिलकर यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि समाज में नफरत की जगह नहीं होनी चाहिए। दीपक ने अंत में कहा कि उन्हें उम्मीद है कि देश के युवा इंसानियत को सर्वोपरि मानेंगे। उन्होंने यह भी दोहराया कि उनका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है और वे अपने काम पर ध्यान केंद्रित रखना चाहते हैं। राहुल गांधी के जिम में आने और सदस्यता लेने की बात ने इस मुलाकात को और भी चर्चा में ला दिया है। फिलहाल, यह मुलाकात एक ऐसे युवा की कहानी को सामने ला रही है, जिसने साहस दिखाया और बदले में उसे राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली।


