September 20, 2026

सशर्त वार्ता को तैयार बिहार के हड़ताली शिक्षक, सरकार ने दिया चेतावनी

पटना। नियोजित एवं प्राथमिक शिक्षकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल खत्म करने की दिशा में सरकार की ओर से अब तक कोई पहल नहीं होने से शिक्षकों में आक्रोश देखा जा रहा है। शिक्षकों के हड़ताल पर जाने से बिहार की शिक्षा व्यवस्था चरमराई हुई है। इस बीच माध्यमिक हड़ताली शिक्षक अब सशर्त सरकार से वार्ता के लिए तैयार हुआ है। उधर, उधर, शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव आरके महाजन ने एक बार फिर चेतावनी दी है कि सरकार शैक्षणिक माहौल खराब करने और मूल्यांकन बाधित करने वालों को माफ नहीं करेगी।
रविवार को नियोजित एवं प्राथमिक शिक्षकों ने विधायकों के साथ-साथ उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के आवास का घेराव किया। पटना के राजेंद्र नगर स्थित सुशील मोदी के आवास के बाहर जमकर नारेबाजी की गई। घर के बाहर हंगामा होते देख उपमुख्यमंत्री घर के पीछे के दरवाजे से निकल गए। इसके बाद प्रदर्शन उग्र हो गया। बाद में सुशील मोदी के निजी सचिव ने सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
बिहार राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ के महासचिव शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने कहा है कि अगर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने स्तर पर माध्यमिक, प्रारंभिक और वित्त रहित शिक्षकों के साथ वार्ता के लिए तैयार हो जाते हैं तो वे तैयार हैं, अन्यथा पांच मार्च को सभी जिला मुख्यालयों पर आक्रोश मार्च निकालेंगे। इसके बाद भी सरकार शिक्षकों की मांगों को नहीं मानेगी तो जेल भरो अभियान या विधानसभा का घेराव करेंगे। शत्रुघ्न सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार को पहले सभी शिक्षकों के विरुद्ध हुई निलंबन, मुकदमे एवं बर्खास्तगी की कार्रवाई को वापस लेना होगा। अगर ऐसा नहीं होता है तो आंदोलन और तेज होगा। शिक्षक संघर्ष समिति के आनंद मिश्रा, वंशीधर ब्रजवासी, आनंद कौशल एवं मार्कण्डेय पाठक ने कहा कि सरकार की शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई असंवैधानिक है। सरकार नियोजन इकाई में भी हस्तक्षेप कर रही है, जो नियमों के प्रतिकूल है।

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