10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव की घोषणा: 26 को जारी होगी अधिसूचना, 16 मार्च को होंगे चुनाव
नई दिल्ली। देश में उच्च सदन राज्यसभा की संरचना से जुड़ी एक अहम चुनावी प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग ने बड़ा ऐलान किया है। आयोग ने 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव की घोषणा कर दी है। इन सीटों के लिए मतदान 16 मार्च को कराया जाएगा, जबकि चुनाव की अधिसूचना 26 फरवरी को जारी होगी। अप्रैल महीने में इन सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, जिस कारण समय से पहले चुनाव कार्यक्रम तय किया गया है।
चुनाव की पृष्ठभूमि और संवैधानिक व्यवस्था
राज्यसभा का कार्यकाल छह वर्ष का होता है, लेकिन इसकी एक विशेष व्यवस्था यह है कि हर दो साल में एक तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त होते हैं। इसी कारण राज्यसभा को स्थायी सदन कहा जाता है। लोकसभा के विपरीत यह सदन कभी भंग नहीं होता और इसकी निरंतरता बनी रहती है। इसी संवैधानिक प्रावधान के तहत अलग-अलग राज्यों में खाली हो रही सीटों के लिए नियमित रूप से चुनाव कराए जाते हैं।
कौन-कौन से राज्यों में होंगे चुनाव
इस बार जिन 10 राज्यों में राज्यसभा चुनाव कराए जाएंगे, उनमें महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, असम, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और बिहार शामिल हैं। इन राज्यों की कुल 37 सीटें अप्रैल महीने में अलग-अलग तिथियों पर रिक्त होने जा रही हैं, जिन्हें भरने के लिए यह चुनाव प्रक्रिया एक साथ पूरी की जाएगी।
सीटों का राज्यवार बंटवारा
राज्यवार सीटों की संख्या पर नजर डालें तो महाराष्ट्र में सबसे अधिक 7 सीटों पर चुनाव होंगे। तमिलनाडु की 6 सीटों पर मतदान कराया जाएगा। पश्चिम बंगाल और बिहार में 5-5 सीटें खाली हो रही हैं। ओडिशा में 4 सीटों पर चुनाव होंगे, जबकि असम में 3 सीटों के लिए मतदान होगा। छत्तीसगढ़ और हरियाणा में 2-2 सीटों पर चुनाव कराए जाएंगे। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश में 1 और तेलंगाना में 2 सीटों पर चुनाव संपन्न होंगे।
वरिष्ठ नेताओं का हो रहा कार्यकाल समाप्त
इन चुनावों को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि कई वरिष्ठ नेताओं का कार्यकाल 2 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। इनमें शरद पवार, रामदास अठावले, कणिमोझी, तिरुचि शिवा और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश जैसे नाम शामिल हैं। इन नेताओं की राजनीतिक सक्रियता और अनुभव के कारण इन सीटों पर होने वाला चुनाव दलों के लिए रणनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है।
चुनाव कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा
चुनाव आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 26 फरवरी को चुनाव की अधिसूचना जारी की जाएगी। इसके बाद 5 मार्च को नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि होगी। 6 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी और 9 मार्च को नाम वापस लेने की अंतिम तारीख निर्धारित की गई है। मतदान 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा। उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना भी शुरू कर दी जाएगी। पूरी चुनाव प्रक्रिया 20 मार्च तक संपन्न हो जाएगी।
राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया कैसे होती है
राज्यसभा के चुनाव लोकसभा चुनाव से अलग होते हैं। यहां आम जनता सीधे मतदान नहीं करती। राज्यसभा के सदस्यों का चुनाव राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित विधायक करते हैं। इसे अप्रत्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया कहा जाता है। मतदान गुप्त मतपत्र के माध्यम से होता है और इसमें आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के साथ एकल हस्तांतरणीय मत प्रणाली अपनाई जाती है।
राज्यसभा की संरचना और महत्व
वर्तमान में राज्यसभा में कुल 245 सदस्य होते हैं। इनमें से 233 सदस्य राज्यों और कुछ केंद्र शासित प्रदेशों से चुने जाते हैं, जबकि 12 सदस्यों को राष्ट्रपति द्वारा नामित किया जाता है। नामित सदस्यों में साहित्य, विज्ञान, कला और समाज सेवा जैसे क्षेत्रों के प्रतिष्ठित व्यक्तित्व शामिल होते हैं। हर सदस्य का कार्यकाल छह वर्ष का होता है और हर दो साल में लगभग एक तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त हो जाते हैं। इसी कारण राज्यसभा में अनुभव और निरंतरता का संतुलन बना रहता है।
राजनीतिक दलों के लिए अहम परीक्षा
इन 37 सीटों पर होने वाले चुनाव को राजनीतिक दलों के लिए शक्ति संतुलन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कई राज्यों में विधानसभा की वर्तमान संख्या के आधार पर दलों के समीकरण तय होंगे। जहां किसी दल के पास स्पष्ट बहुमत है, वहां उसके उम्मीदवारों की राह आसान मानी जा रही है, जबकि कुछ राज्यों में क्रॉस वोटिंग और गठबंधन की भूमिका अहम हो सकती है। 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों पर होने वाला यह चुनाव न केवल उच्च सदन की संरचना को नया स्वरूप देगा, बल्कि आने वाले समय में संसद की कार्यवाही और विधायी संतुलन पर भी इसका असर देखने को मिलेगा।


