भाई वीरेंद्र का बड़ा दावा, कहा- नीट मामले पर बोलने पर अधिकारी करते हैं फोन, अपराधियों को बचा रही सरकार
पटना। बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के तीसरे दिन गुरुवार को उस समय राजनीतिक माहौल अचानक गरमा गया, जब राष्ट्रीय जनता दल के विधायक भाई वीरेंद्र ने नीट छात्रा हत्याकांड को लेकर गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि जैसे ही वह इस मामले को लेकर सार्वजनिक रूप से बयान देते हैं, वैसे ही पुलिस अधिकारियों की ओर से फोन आने लगते हैं और उन्हें बयान देने से बचने की सलाह दी जाती है। उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है।
मीडिया से बातचीत में लगाए गंभीर आरोप
विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए भाई वीरेंद्र ने कहा कि नीट छात्रा हत्याकांड जैसे संवेदनशील मामले में विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है, लेकिन हर बार प्रशासनिक स्तर पर दबाव बनाने की कोशिश की जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारी फोन कर पूछते हैं कि इस मुद्दे पर बयान क्यों दिया जा रहा है और उन्हें चुप रहने की सलाह देते हैं। भाई वीरेंद्र ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया।
विपक्ष की आवाज दबाने की साजिश का आरोप
भाई वीरेंद्र ने कहा कि यह केवल संयोग नहीं है बल्कि एक सुनियोजित रणनीति के तहत विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उनका आरोप है कि सरकार इस पूरे मामले में लीपापोती कर रही है और वास्तविक दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि जब भी विपक्ष इस घटना से जुड़े सवाल उठाता है, तब जांच की गति धीमी कर दी जाती है या विषय को भटकाने का प्रयास किया जाता है।
प्रभावशाली लोगों के शामिल होने का दावा
विधायक भाई वीरेंद्र ने यह भी दावा किया कि इस हत्याकांड में प्रभावशाली और बड़े नेताओं के परिवारों के लोगों की संलिप्तता हो सकती है। उन्होंने कहा कि इसी कारण से जांच प्रक्रिया को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उनके अनुसार, घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण साक्ष्यों को या तो नष्ट कर दिया गया है या फिर जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक पूरे मामले की सच्चाई सामने नहीं आती, तब तक उनकी पार्टी इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी।
बजट सत्र के दौरान तेज हुई राजनीतिक गतिविधियां
बजट सत्र के तीसरे दिन सुबह से ही विधानसभा परिसर में राजनीतिक गतिविधियां तेज दिखीं। विपक्षी दल कानून-व्यवस्था और अपराध के बढ़ते मामलों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में नजर आए। इसी क्रम में भाई वीरेंद्र का बयान सामने आया, जिसने राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी। विपक्षी नेताओं ने इसे राज्य की कानून व्यवस्था की गंभीर स्थिति का उदाहरण बताया।
घटना को सिस्टम की विफलता बताया
भाई वीरेंद्र ने कहा कि नीट छात्रा हत्याकांड केवल एक आपराधिक घटना नहीं है, बल्कि यह पूरे प्रशासनिक और न्यायिक व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की प्राथमिकता पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना नहीं, बल्कि प्रभावशाली लोगों को बचाना बन गया है। उनका कहना है कि अगर पुलिस और प्रशासन स्वतंत्र रूप से काम करते, तो अब तक इस मामले में ठोस कार्रवाई सामने आ चुकी होती।
निष्पक्ष जांच की मांग तेज
विपक्ष की ओर से इस मामले में निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग लगातार उठाई जा रही है। भाई वीरेंद्र ने कहा कि अगर सरकार पारदर्शी है और उसका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है, तो उसे स्वतंत्र जांच से डरने की जरूरत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है, ताकि दोषियों को सजा मिल सके और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
आंदोलन की चेतावनी
भाई वीरेंद्र ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि दबाव की राजनीति जारी रही और निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो विपक्ष सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगा। उन्होंने कहा कि यह केवल एक परिवार का मामला नहीं है, बल्कि पूरे समाज और कानून व्यवस्था से जुड़ा मुद्दा है। इसलिए विपक्ष इस विषय को गंभीरता से उठा रहा है।
अन्य विपक्षी नेताओं का समर्थन
विधानसभा परिसर में मौजूद अन्य विपक्षी नेताओं ने भी भाई वीरेंद्र के आरोपों का समर्थन किया। उनका कहना है कि राज्य में अपराध के मामलों में राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ता जा रहा है, जिससे न्याय प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। विपक्षी नेताओं ने कहा कि इससे आम जनता का भरोसा प्रशासनिक व्यवस्था से कमजोर हो रहा है और अपराधियों का मनोबल बढ़ सकता है।
सरकार की ओर से नहीं आई तत्काल प्रतिक्रिया
हालांकि, इस पूरे मामले पर सरकार या पुलिस प्रशासन की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सूत्रों के अनुसार, संबंधित विभाग आरोपों की समीक्षा कर रहा है और तथ्यों के आधार पर जवाब देने की तैयारी की जा रही है। सरकार की ओर से पहले भी यह कहा गया है कि मामले की जांच जारी है और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
राजनीति में बड़ा मुद्दा बना मामला
नीट छात्रा हत्याकांड पहले से ही राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है। विपक्ष इसे कानून-व्यवस्था की विफलता बता रहा है, जबकि सरकार जांच प्रक्रिया जारी रहने की बात कह रही है। भाई वीरेंद्र के ताजा आरोपों के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बजट सत्र के दौरान यह मुद्दा और जोर पकड़ सकता है।
जनता और पीड़ित परिवार की उम्मीदें
इस मामले में आम जनता और पीड़ित परिवार की नजरें जांच प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं। लोगों को उम्मीद है कि जांच निष्पक्ष तरीके से होगी और दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाता है या नहीं।


