पूर्णिया में मायके जाने से रोका तो नवविवाहिता ने की आत्महत्या, ससुराल में फांसी लगाकर दी जान
पूर्णिया। जिले के बनमनखी नगर परिषद क्षेत्र से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहां मायके जाने से रोके जाने से आहत एक नवविवाहिता ने अपने ससुराल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान शिम्पी कुमारी के रूप में हुई है, जिसकी शादी महज पांच महीने पहले ही हुई थी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और सनसनी का माहौल है। घटना बनमनखी नगर परिषद के वार्ड संख्या तीन अंतर्गत विशाल बजरंगबली मंदिर के पास की बताई जा रही है। परिजनों और ससुराल पक्ष से मिली जानकारी के अनुसार, शिम्पी कुमारी का मायका हसनगंज थाना क्षेत्र के तारापुर मंबे गांव में है। उसकी शादी बनमनखी नगर परिषद वार्ड तीन निवासी अजित चौधरी से अंतरजातीय विवाह के तहत कराई गई थी। शादी के बाद से ही शिम्पी अपने ससुराल में रह रही थी। बताया जा रहा है कि वह पिछले कुछ दिनों से मायके जाने की इच्छा जता रही थी, लेकिन किसी कारणवश उसे इसकी अनुमति नहीं मिल पा रही थी। मृतका की सास चंद्रिका देवी ने बताया कि घटना के दिन घर में सिर्फ वह और बहू ही मौजूद थीं। परिवार के अन्य सदस्य काम से बाहर गए हुए थे। दोपहर में खाना बनाने के बाद उन्होंने बहू से आराम करने को कहा। इसी दौरान शिम्पी ने फिर मायके जाने की बात कही, लेकिन सास ने उसे समझाया कि फिलहाल कोई विशेष आवश्यकता नहीं है और बाद में भेजा जाएगा। इसके बाद शिम्पी अपने कमरे में चली गई, जबकि चंद्रिका देवी सत्संग में चली गईं। कुछ समय बाद जब सास सत्संग से लौटकर घर पहुंचीं तो बहू दिखाई नहीं दी। उन्होंने कमरे में जाकर देखा तो शिम्पी पंखे से फंदे के सहारे लटकी हुई थी। यह दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। आनन-फानन में शिम्पी को नीचे उतारा गया और उसे अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद घटना की सूचना मायके पक्ष और स्थानीय पुलिस को दी गई। घटना की जानकारी मिलते ही बनमनखी थाना अध्यक्ष संजय कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। साथ ही अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी शैलेश प्रीतम भी घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की समीक्षा की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए पूर्णिया राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल भेज दिया। फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से कई अहम साक्ष्य एकत्र किए हैं। मृतका के पिता अरुण सिंह ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी की शादी अजित चौधरी से कराई थी और शादी के बाद से शिम्पी ससुराल में ही रह रही थी। बेटी की मौत की खबर सुनकर वे स्तब्ध हैं। उन्होंने कहा कि अभी भी उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि उनकी बेटी अब इस दुनिया में नहीं रही। मायके पक्ष का कहना है कि शिम्पी उनसे अक्सर बात करती थी, लेकिन उसने कभी किसी गंभीर परेशानी का जिक्र नहीं किया था। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी शैलेश प्रीतम ने बताया कि फिलहाल मृतका के परिजनों की ओर से कोई लिखित आवेदन नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि आवेदन मिलने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि नवविवाहिता ने यह आत्मघाती कदम किन परिस्थितियों में उठाया। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं इसके पीछे किसी तरह का दबाव, प्रताड़ना या घरेलू विवाद तो कारण नहीं बना। इस घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। स्थानीय लोग भी इस घटना से मर्माहत हैं और नवविवाहिता की असमय मौत को बेहद दुखद बता रहे हैं। पांच महीने पहले नई जिंदगी शुरू करने वाली शिम्पी की इस तरह मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे मोहल्ले में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।


