अजित पवार के निधन पर बिहार के नेताओं ने जताया दुख, लालू-तेजस्वी समेत कई ने व्यक्त की शोक संवेदना

पटना। महाराष्ट्र की राजनीति के एक प्रभावशाली और चर्चित चेहरे उपमुख्यमंत्री अजित पवार के आकस्मिक निधन की खबर से देशभर में शोक की लहर दौड़ गई है। बारामती में हुए विमान हादसे में उनके निधन की सूचना मिलते ही राजनीतिक गलियारों में गहरा सन्नाटा पसर गया। महाराष्ट्र के साथ-साथ बिहार की राजनीति में भी इस घटना को लेकर गहरा दुख व्यक्त किया गया है। बिहार के कई प्रमुख नेताओं ने अजित पवार के निधन को राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।
विमान हादसे में असमय अंत
बुधवार की सुबह बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान हुए विमान हादसे में अजित पवार समेत छह लोगों की जान चली गई। बताया जा रहा है कि यह विमान मुंबई से बारामती पहुंच रहा था और उतरते समय संतुलन बिगड़ने के कारण हादसे का शिकार हो गया। देखते ही देखते विमान में आग लग गई और कुछ ही पलों में वह जलकर खाक हो गया। इस हादसे ने न सिर्फ महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश को स्तब्ध कर दिया। अजित पवार के साथ उनके सहयोगी और विमान के कर्मचारी भी इस दुर्घटना में नहीं बच सके।
राजनीति में गहरा शोक
जैसे ही इस दुखद खबर की पुष्टि हुई, दिल्ली से लेकर पटना और मुंबई तक राजनीतिक गतिविधियां थम सी गईं। सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों ही खेमों के नेताओं ने अपने मतभेद भुलाकर शोक संवेदना प्रकट की। बिहार के नेताओं ने भी इसे लोकतंत्र के लिए एक बड़ी क्षति करार दिया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
लालू प्रसाद यादव ने जताया दुख
राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने अजित पवार के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद और पीड़ादायक है। लालू यादव ने हादसे की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि सच्चाई सामने आनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। उन्होंने अजित पवार के परिवार और समर्थकों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।
तेजस्वी यादव ने बताया अपूरणीय क्षति
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी अजित पवार के निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि इस आकस्मिक खबर से वे स्तब्ध हैं। तेजस्वी यादव ने अजित पवार को एक विराट व्यक्तित्व का नेता बताया और कहा कि उनका जाना भारतीय राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने दिवंगत नेता के अनुयायियों और परिजनों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं प्रकट कीं।
केंद्र और बिहार के अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी और लोक जनशक्ति पार्टी के नेता चिराग पासवान ने भी इस हादसे को हृदयविदारक बताया। चिराग पासवान ने कहा कि अजित पवार का निधन न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश की राजनीति के लिए एक बड़ा झटका है। उन्होंने शोकाकुल परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने की प्रार्थना की। जीतनराम मांझी ने भी इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि एक अनुभवी और कर्मठ नेता का इस तरह जाना बेहद पीड़ादायक है।
जदयू की ओर से शोक संदेश
जनता दल यूनाइटेड के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने अजित पवार को एक अनुभवी जननेता बताया। उन्होंने कहा कि शासन और सार्वजनिक जीवन में अजित पवार के योगदान को देश हमेशा याद रखेगा। उनके अनुसार अजित पवार केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि जमीनी कार्यकर्ताओं की आवाज थे, जिन्होंने वर्षों तक जनता के बीच रहकर राजनीति की।
बारामती से भावनात्मक रिश्ता
अजित पवार का बारामती से रिश्ता सिर्फ एक निर्वाचन क्षेत्र तक सीमित नहीं था। यह इलाका उनकी राजनीतिक यात्रा और पहचान का केंद्र रहा। यहां के लोगों के साथ उनका भावनात्मक जुड़ाव था। वे अक्सर जनसभाओं में महाराष्ट्र को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने की बात करते थे। उनके समर्थकों के लिए वे सिर्फ नेता नहीं, बल्कि मार्गदर्शक की तरह थे।
एक अधूरी इच्छा और बड़ी विरासत
हालांकि अजित पवार के मन में मुख्यमंत्री बनने की इच्छा हमेशा रही, लेकिन उपमुख्यमंत्री के तौर पर उन्होंने जो पहचान बनाई, वह किसी भी पद से बड़ी मानी जाती है। सत्ता के कई समीकरणों में उनकी भूमिका अहम रही और महाराष्ट्र की राजनीति में उनका कद हमेशा ऊंचा रहा।
खामोश बारामती, नम आंखें
आज बारामती की गलियां खामोश हैं। कार्यकर्ताओं और समर्थकों की आंखों में आंसू हैं। महाराष्ट्र की राजनीति का सियासी आकाश सूना महसूस हो रहा है। एक ऐसा नेता, जो हमेशा राजनीतिक हलचलों के केंद्र में रहा, आज कुदरत के फैसले के आगे बेबस होकर अनंत यात्रा पर निकल गया। अजित पवार का जाना एक युग के अंत की तरह देखा जा रहा है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाती रहेगी।

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