पटना में आपसी विवाद में गोलीबारी, एक घायल, मौके से खोखे बरामद
पटना। पटना के फुलवारीशरीफ थाना क्षेत्र अंतर्गत कुरकुरी गांव में देर रात आपसी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। गांव में हुई गोलीबारी की इस घटना में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। अचानक हुई फायरिंग से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग दहशत में आ गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी।
घायल की पहचान और इलाज की स्थिति
गोलीबारी में घायल व्यक्ति की पहचान 40 वर्षीय विनय कुमार के रूप में हुई है। गोली उनके पैर में लगी, जिससे वे गंभीर रूप से जख्मी हो गए। परिजनों और पुलिस की मदद से उन्हें तुरंत इलाज के लिए पटना एम्स में भर्ती कराया गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार विनय कुमार की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है और डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। हालांकि गोली लगने की घटना ने उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
आपसी विवाद बना गोलीबारी की वजह
प्रारंभिक जांच और आसपास के लोगों से पूछताछ में यह बात सामने आई है कि विनय कुमार का उसी गांव के एक व्यक्ति से किसी पुराने मामले को लेकर विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि यह विवाद पिछले कुछ दिनों से तनाव का कारण बना हुआ था। सोमवार देर रात इसी विवाद ने उग्र रूप ले लिया और आरोपी ने गुस्से में आकर विनय कुमार पर गोली चला दी। इस घटना ने गांव में शांति व्यवस्था को झकझोर कर रख दिया।
थाना पहुंचकर दी गई सूचना
सिटी एसपी पश्चिम भानु प्रताप सिंह ने बताया कि देर रात विनय कुमार अपनी पत्नी के साथ फुलवारीशरीफ थाना पहुंचे और गोलीबारी की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम बिना देर किए घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने गांव में जाकर स्थिति को नियंत्रित किया और घटनास्थल की घेराबंदी कर जांच शुरू की। पीड़ित द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए त्वरित कार्रवाई की।
घटनास्थल से बरामद हुए सबूत
पुलिस को घटनास्थल से कई अहम सबूत मिले हैं। जांच के दौरान वहां खून के धब्बे और दाग पाए गए, जो गोलीबारी की पुष्टि करते हैं। इसके अलावा पुलिस ने मौके से एक देसी कट्टा और एक खोखा भी बरामद किया है। ये बरामदगी इस बात की ओर इशारा करती है कि गोलीबारी सुनियोजित तरीके से की गई थी। पुलिस ने इन सबूतों को जब्त कर आगे की जांच के लिए सुरक्षित कर लिया है।
एफएसएल टीम ने शुरू की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की टीम को भी मौके पर बुलाया। एफएसएल टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। इन साक्ष्यों के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गोली किस हथियार से चलाई गई और फायरिंग की सटीक स्थिति क्या थी। पुलिस का कहना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट से जांच को और मजबूती मिलेगी।
आरोपी की तलाश में छापेमारी
घटना के बाद से ही आरोपी फरार बताया जा रहा है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी शुरू कर दी है। संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और आरोपी के करीबी लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की पहचान कर ली गई है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी के पास हथियार कहां से आया और क्या इसके पीछे कोई और लोग भी शामिल हैं।
गांव में दहशत और चिंता का माहौल
गोलीबारी की घटना के बाद कुरकुरी गांव में दहशत का माहौल है। देर रात हुई इस घटना से ग्रामीण सहमे हुए हैं और अपने घरों में ही रहने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि आपसी विवादों का इस तरह हिंसक रूप लेना बेहद चिंताजनक है। ग्रामीणों ने पुलिस से इलाके में गश्त बढ़ाने और शांति व्यवस्था बनाए रखने की मांग की है।
कानून-व्यवस्था पर उठते सवाल
इस घटना ने एक बार फिर राजधानी पटना के आसपास के इलाकों में कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामूली विवाद का गोलीबारी तक पहुंच जाना यह दर्शाता है कि समाज में असहिष्णुता और हिंसा की प्रवृत्ति बढ़ रही है। प्रशासन के सामने चुनौती है कि ऐसे मामलों में समय रहते हस्तक्षेप कर हालात को बिगड़ने से रोका जाए।
पुलिस का आश्वासन और आगे की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी। सिटी एसपी पश्चिम ने कहा कि दोषी को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार कार्रवाई होगी। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया जाएगा। पटना के फुलवारीशरीफ क्षेत्र में हुई यह गोलीबारी की घटना न केवल एक व्यक्ति के घायल होने का मामला है, बल्कि समाज में बढ़ते तनाव और हिंसा का भी संकेत देती है। पुलिस जांच में जुटी है और आरोपी की तलाश जारी है। अब देखने वाली बात यह होगी कि पुलिस कितनी जल्दी आरोपी को पकड़ पाती है और क्या इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए ठोस कदम उठाए जाते हैं।


