पटना में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत से हड़कंप, फंदे से लटकी मिली लाश, दहेज हत्या की आशंका
पटना। नदी थाना क्षेत्र स्थित मोजीपुर गांव में गुरुवार देर रात एक नवविवाहिता की संदिग्ध मौत से इलाके में हड़कंप मच गया। 19 वर्षीय पूजा कुमारी का शव घर के भीतर फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की गई। शुरुआत में पुलिस को यह आत्महत्या का मामला प्रतीत हुआ, लेकिन मृतका के मायके पक्ष के पहुंचते ही प्रकरण ने गंभीर मोड़ ले लिया और दहेज प्रताड़ना का आरोप सामने आ गया।
मौके पर पहुंची पुलिस और प्रारंभिक जांच
घटना की जानकारी मिलने के बाद नदी थाना पुलिस के साथ फतुहा वन डीएसपी अवधेश कुमार मौके पर पहुंचे। घर के भीतर कमरे की स्थिति, शव की अवस्था और आसपास के हालात का निरीक्षण किया गया। प्रारंभिक तौर पर कोई स्पष्ट संघर्ष के निशान सामने नहीं आए, लेकिन परिस्थितियों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच को व्यापक रखने का फैसला किया। डीएसपी ने कमरे के भीतर की तकनीकी जांच के लिए एफएसएल टीम को बुलाने के निर्देश दिए, ताकि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर स्थिति का आकलन किया जा सके।
मृतका का परिचय और विवाह की पृष्ठभूमि
मृतका की पहचान पूजा कुमारी के रूप में हुई है, जिसकी शादी इसी वर्ष जुलाई महीने में मोजीपुर गांव निवासी आकाश कुमार से हुई थी। शादी को अभी कुछ ही महीने बीते थे। परिजनों के अनुसार, पूजा का वैवाहिक जीवन शुरू से ही तनावपूर्ण रहा। मायके पक्ष का कहना है कि शादी के बाद से ही ससुराल में उससे अतिरिक्त पैसों की मांग की जाने लगी थी, जिससे वह मानसिक दबाव में रहने लगी थी।
दहेज मांग का आरोप और पारिवारिक बयान
पूजा के भाई टुनटुन कुमार ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया कि आकाश कुमार बेरोजगार था और उसने पूजा पर मायके से 5 लाख रुपये लाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया था। उनका कहना है कि यह राशि वह अपने व्यापार या निजी शौक पूरे करने के लिए चाहता था। इस मांग को लेकर पूजा को बार-बार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ता था। परिवार का दावा है कि उन्होंने कई बार ससुराल जाकर बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की कोशिश की, लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला।
बढ़ती प्रताड़ना और टूटता धैर्य
मायके वालों के अनुसार, पूजा कई बार अपने हालात को लेकर दुखी दिखाई देती थी। वह परिवार को अपनी परेशानी बताती थी, लेकिन सामाजिक दबाव और विवाह टूटने के डर से हर बार समझौते की राह चुनी जाती रही। परिजनों का आरोप है कि लगातार दहेज की मांग और प्रताड़ना ने पूजा को मानसिक रूप से तोड़ दिया, जिसका परिणाम उसकी मौत के रूप में सामने आया। हालांकि पुलिस इस बिंदु पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी साक्ष्यों का इंतजार कर रही है।
एफएसएल जांच और तकनीकी साक्ष्य
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम को बुलाकर मौके से साक्ष्य एकत्र करने का निर्णय लिया। एफएसएल टीम कमरे के भीतर की स्थिति, फंदे, छत या सहारे की ऊंचाई, वस्तुओं की स्थिति और अन्य तकनीकी पहलुओं का विश्लेषण करेगी। इन साक्ष्यों से यह स्पष्ट करने में मदद मिलेगी कि यह मामला आत्महत्या का है या इसमें किसी प्रकार की जबरदस्ती या साजिश शामिल है।
पोस्टमार्टम और आगे की कानूनी प्रक्रिया
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए पटना भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का सटीक कारण, समय और संभावित चोटों की जानकारी सामने आएगी। फतुहा एसडीपीओ-1 अवधेश कुमार के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल की फाइंडिंग्स के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। नदी थाना में दर्ज लिखित शिकायत के आधार पर पति आकाश कुमार और उसके परिजनों की भूमिका की जांच की जा रही है।
गांव और परिजनों में मातम
घटना के बाद मोजीपुर गांव में शोक का माहौल है। पड़ोसी और रिश्तेदार परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। पूजा की असमय मौत ने दोनों परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। मायके पक्ष न्याय की मांग कर रहा है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अपेक्षा जता रहा है। वहीं ससुराल पक्ष की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
दहेज प्रथा पर फिर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर दहेज प्रथा जैसी सामाजिक बुराई पर गंभीर सवाल खड़े करती है। कम उम्र में विवाह, आर्थिक दबाव और सामाजिक अपेक्षाएं कई बार महिलाओं के लिए जानलेवा साबित हो जाती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में समय रहते हस्तक्षेप और कानूनी जागरूकता जरूरी है, ताकि पीड़ितों को संरक्षण मिल सके। मोजीपुर गांव में नवविवाहिता पूजा कुमारी की संदिग्ध मौत ने एक संवेदनशील और गंभीर जांच की जरूरत को रेखांकित किया है। पुलिस द्वारा एफएसएल जांच और पोस्टमार्टम कराए जाने से मामले की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है। परिजनों के आरोप और परिस्थितिजन्य साक्ष्य यह संकेत देते हैं कि मामला केवल आत्महत्या तक सीमित नहीं हो सकता। अब सबकी नजर जांच रिपोर्टों पर है, जिनके आधार पर यह तय होगा कि न्याय की दिशा में कौन से कदम उठाए जाएंगे।


