सासाराम में दो अभ्यर्थियों को ट्रक ने कुचला, दोनों की दर्दनाक मौत, परिजनों में मचा हाहाकार
सासाराम। बिहार के सासाराम में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। रोहतास थाना क्षेत्र के समहुता इलाके में पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे दो युवकों को एक अनियंत्रित ट्रक ने कुचल दिया, जिससे दोनों की मौके पर ही या इलाज के दौरान मौत हो गई। इस हादसे के बाद मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया, वहीं स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश देखने को मिला। घटना से नाराज लोगों ने डेहरी-रोहतास पथ को जाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
सुबह की तैयारी बनी काल
जानकारी के अनुसार यह हादसा सुबह के समय हुआ, जब दोनों युवक रोज की तरह शारीरिक अभ्यास के लिए सड़क किनारे दौड़ लगा रहे थे। दोनों का सपना पुलिस और सेना भर्ती में चयनित होने का था, जिसके लिए वे नियमित रूप से दौड़ और व्यायाम किया करते थे। सुबह के वक्त हल्की धुंध छाई हुई थी, जिससे दृश्यता कम थी। इसी दौरान तेज रफ्तार और अनियंत्रित ट्रक सड़क किनारे दौड़ रहे युवकों की ओर बढ़ गया और उन्हें कुचलते हुए निकल गया।
मृतकों की पहचान और पृष्ठभूमि
हादसे में जान गंवाने वाले युवकों की पहचान आशीष कुमार और रंजन यादव के रूप में हुई है। आशीष कुमार मूल रूप से काराकाट थाना क्षेत्र के मुंजी गांव का रहने वाला था, जबकि रंजन यादव समहुता गांव का निवासी था। दोनों युवक मेहनती और अनुशासित बताए जा रहे हैं, जो अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए सरकारी सेवा में जाना चाहते थे। दोनों के पिता बंजारी स्थित सीमेंट फैक्ट्री में मजदूरी करते हैं और कठिन परिश्रम कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं।
घटनास्थल पर ही एक की मौत
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रक की टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि आशीष कुमार की मौके पर ही मौत हो गई। उसे संभलने या बचने का कोई मौका नहीं मिला। वहीं गंभीर रूप से घायल रंजन यादव को आनन-फानन में इलाज के लिए वाराणसी ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। जैसे ही यह खबर गांव पहुंची, परिजनों और ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ गई।
परिजनों में मचा हाहाकार
दोनों युवकों की असमय मौत से उनके घरों में मातम पसरा हुआ है। माता-पिता और अन्य परिजन रो-रोकर बेसुध हो गए हैं। जिन बेटों से परिवार को भविष्य की उम्मीदें थीं, उनके यूं अचानक चले जाने से घर का माहौल गमगीन हो गया है। गांव के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं और मृतकों के परिवारों को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।
सड़क जाम कर जताया आक्रोश
घटना के बाद स्थानीय लोग और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। लोगों ने डेहरी से रोहतास जाने वाली मुख्य सड़क को समहुता के पास जाम कर दिया। सड़क जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रदर्शन कर रहे लोग प्रशासन से मुआवजे और दोषी ट्रक चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे। लोगों का कहना था कि सुबह के समय इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही और तेज रफ्तार के कारण पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद सड़क जाम हटवाया गया और यातायात बहाल किया गया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सासाराम सदर अस्पताल भेज दिया है। साथ ही ट्रक और उसके चालक की तलाश शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
युवाओं की मेहनत और अधूरा सपना
यह हादसा उन हजारों युवाओं की कहानी को सामने लाता है, जो सेना और पुलिस भर्ती की तैयारी में दिन-रात मेहनत करते हैं। ग्रामीण इलाकों में अक्सर युवक सड़क किनारे ही दौड़ का अभ्यास करते हैं, क्योंकि उनके पास स्टेडियम या सुरक्षित ट्रैक की सुविधा नहीं होती। सुबह-सुबह धुंध और तेज रफ्तार वाहनों के बीच अभ्यास करना उनके लिए जानलेवा साबित हो रहा है। आशीष और रंजन भी उन्हीं युवाओं में शामिल थे, जिनका सपना देश की सेवा करना था, लेकिन वह सपना अधूरा रह गया।
सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुबह के समय धुंध में भारी वाहनों की तेज रफ्तार और युवाओं के लिए सुरक्षित अभ्यास स्थल की कमी ऐसी घटनाओं को न्योता दे रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन पहले से सतर्क रहता और इस मार्ग पर गति नियंत्रण व सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होते, तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था। सासाराम के समहुता में हुआ यह हादसा केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि दो परिवारों के सपनों का अंत है। पुलिस और प्रशासन के सामने अब चुनौती है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई के साथ-साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। साथ ही युवाओं के लिए सुरक्षित अभ्यास स्थल और सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीरता से काम करने की जरूरत है, ताकि मेहनत और सपनों से भरे जीवन इस तरह असमय समाप्त न हों।


