बिहार में अब स्नातक पास युवाओं को भी मिलेगा बेरोजगारी भत्ता, सीएम का ऐलान, हर महीने मिलेगी एक हजार की राशि
पटना। बिहार में बेरोजगार युवाओं के लिए सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घोषणा की है कि अब स्नातक पास युवाओं को भी बेरोजगारी भत्ता मिलेगा। सरकार ऐसे युवाओं को दो वर्षों तक हर महीने एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता देगी। यह घोषणा सीएम ने अपने एक्स अकाउंट पर करते हुए युवाओं को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार हमेशा रोजगार उपलब्ध कराने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्यरत रही है।
योजना की पृष्ठभूमि
बिहार सरकार ने 2 अक्टूबर 2016 को मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के अंतर्गत अब तक इंटरमीडिएट पास बेरोजगार युवाओं को लाभ मिलता था। 20 से 25 वर्ष की उम्र के वे युवक और युवतियाँ, जिन्होंने इंटर की पढ़ाई पूरी कर ली थी लेकिन आगे पढ़ाई नहीं कर रहे थे, उन्हें 1000 रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता अधिकतम 24 महीनों तक दी जाती थी। इसके अतिरिक्त लाभार्थियों को भाषा, कंप्यूटर और संवाद कौशल का प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाता था ताकि वे भविष्य में नौकरी या रोजगार प्राप्त करने योग्य बन सकें।
अब ग्रेजुएट भी होंगे शामिल
हाल ही में सरकार ने इस योजना का दायरा बढ़ाते हुए इसमें स्नातक पास बेरोजगार युवाओं को भी शामिल कर लिया है। इसका अर्थ यह हुआ कि अब कला, विज्ञान और वाणिज्य संकाय से स्नातक करने वाले युवक-युवतियाँ, जो नौकरी की तलाश में हैं, उन्हें भी हर महीने 1000 रुपये की सहायता राशि मिलेगी। यह सहायता भी अधिकतम दो वर्षों तक दी जाएगी। इस फैसले से फिलहाल लगभग 4 लाख स्नातक छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा।
योजना की पात्रता शर्तें
इस योजना का लाभ पाने के लिए कुछ शर्तें निर्धारित की गई हैं। सबसे पहले, लाभार्थी बिहार का निवासी होना चाहिए। उसकी आयु 20 से 25 वर्ष के बीच होनी चाहिए। स्नातक डिग्री होना अनिवार्य है और आवेदक किसी अन्य सरकारी बेरोजगारी भत्ते या छात्रवृत्ति का लाभ नहीं ले रहा हो। इन शर्तों के आधार पर ही युवाओं को चयनित कर उनके बैंक खाते में सीधे आर्थिक सहायता भेजी जाएगी।
युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में कदम
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि 2005 में सरकार बनने के बाद से ही राज्य में युवाओं को सशक्त और सक्षम बनाना सरकार की प्राथमिकता रही है। उन्होंने अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया है। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि आने वाले समय में सरकारी और निजी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे।
अब तक के लाभार्थी
सरकारी आँकड़ों के अनुसार, अब तक लगभग 7 लाख 61 हजार बेरोजगार युवाओं ने निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना से लाभ प्राप्त किया है। यह योजना न केवल आर्थिक सहारा देती है बल्कि युवाओं को रोजगार के प्रति सक्षम और आत्मनिर्भर भी बनाती है। प्रशिक्षण और मार्गदर्शन से उन्हें भविष्य में बेहतर अवसरों की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।
अन्य फैसले भी किए गए
बेरोजगारी भत्ते के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने हाल ही में क्रेडिट कार्ड योजना से संबंधित एक महत्वपूर्ण निर्णय भी लिया था। इस योजना के तहत दिए जाने वाले शिक्षा ऋण पर अब ब्याज नहीं लिया जाएगा। पहले 2 लाख रुपये तक के शिक्षा ऋण को 60 मासिक किस्तों यानी पांच वर्षों में चुकाने का प्रावधान था, जिसे बढ़ाकर अब 84 किस्तों यानी सात वर्षों तक किया गया है। वहीं 2 लाख से अधिक के ऋण को 120 मासिक किस्तों यानी दस वर्षों तक चुकाने का प्रावधान कर दिया गया है। इससे छात्रों और उनके अभिभावकों पर ऋण चुकाने का बोझ काफी कम होगा। बिहार सरकार की यह पहल निश्चित रूप से बेरोजगार स्नातक युवाओं के लिए राहत की खबर है। एक ओर यह उन्हें आर्थिक सहारा प्रदान करेगी, वहीं दूसरी ओर प्रशिक्षण और कौशल विकास से उन्हें भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में मदद मिलेगी। सरकार के इन प्रयासों से न केवल युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ेगा, बल्कि राज्य की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को भी मजबूती मिलेगी।


