February 25, 2026

किशनगंज में रेड लाइट एरिया में पुलिस की छापेमारी, मचा हड़कंप, तीन महिलाएं और दो पुरुष गिरफ्तार

किशनगंज। जिले के खगड़ा रेडलाइट एरिया में गुरुवार की रात जो हुआ, उससे पूरे शहर में हलचल मच गई। पुलिस की एक तत्पर कार्रवाई ने देहव्यापार के कारोबार की परतें खोल दीं, जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि इस इलाके में बाहर से नाबालिग लड़कियों को लाकर जबरन देहव्यापार में धकेला जा रहा है। इस सूचना की सत्यता की जांच के लिए पुलिस ने देर रात स्थानीय इलाके में छापेमारी की, जिसकी गूँज पूरे शहर में महसूस की गई।
छापेमारी की कार्रवाई
पुलिस की छापेमारी की कार्रवाई बहुत ही गोपनीय ढंग से की गई ताकि किसी को भी इसकी भनक न लग सके। पुलिस टीम ने इलाके में घेराबंदी की और जैसे ही अभियुक्तों की पहचान हुई, फौरन कार्रवाई की गई। इस रेड में कुल पांच लोग गिरफ्तार किए गए, जिनमें दो पुरुष और तीन महिलाएं शामिल थीं। इन सभी के खिलाफ सदर थाना में मामला दर्ज कर लिया गया है। शुरुआती जांच में यह सामने आया कि गिरफ्तार पुरुष वहाँ ग्राहक के रूप में पहुंचे थे जबकि महिलाएं सीधे देहव्यापार के मामले से जुड़ी थीं।
मुक्त कराई गई लड़कियां
इस छापेमारी में पुलिस ने पांच महिलाओं और एक नाबालिग लड़की को भी कथित तौर पर देहव्यापार के चंगुल से मुक्त कराया। पुलिस के अनुसार, ये सभी अलग-अलग स्थानों की रहने वाली थीं। पूछताछ में पता चला कि इन लड़कियों को जबरन और धोखे से इस धंधे में शामिल कराया गया था। खास बात यह भी सामने आई कि एक युवती को डेढ़ साल पहले पटना से बहला-फुसलाकर किशनगंज लाया गया था और यहां आकर उस पर देहव्यापार के लिए दबाव डाला जाता था। पुलिस के अनुसार, ऐसी और भी कई लड़कियां हो सकती हैं जिन्हें इसी तरह जबरन इस काम में धकेला गया है।
पिछली घटनाओं का विश्लेषण
पुलिस की जांच में यह भी पता चला है कि सिर्फ किशनगंज ही नहीं, आसपास के अन्य जिलों से भी लड़कियों को लाया जाता है। उन्हें तरह-तरह के प्रलोभनों और धोखे से इस गोरखधंधे का हिस्सा बनाया जाता है। देहव्यापार और मानव तस्करी की इन घटनाओं ने पूरे इलाके में सामाजिक और कानूनी चिंता का माहौल बना दिया है।
आरोपियों पर कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पकड़े गए लोगो में दो पुरुष ग्राहक के रूप में और तीन महिलाएं धंधे में संलिप्त बताई जा रही हैं। उनके खिलाफ देहव्यापार कराने, नाबालिगों के शोषण, और मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब गहराई से जांच कर रही है कि इन मामलों के पीछे कोई बड़ा गिरोह तो नहीं है, और कितनी अन्य लड़कियां इस चंगुल में फंसी हो सकती हैं।
भविष्य की सोच व समाज पर असर
इस तरह की घटनाएं समाज के लिए बहुत ही घातक हैं। पुलिस की तत्परता से एक बड़ा किंगपिन पकड़ा गया है लेकिन यह जरूरी है कि आगे भी ऐसी कार्रवाइयों को नियमित रूप से अंजाम दिया जाए। साथ ही, ऐसी लड़कियों को पुनर्वास देने, उन्हें सुरक्षा देने और उनके भविष्य को संवारने की जरूरत है, ताकि वे आत्मविश्वास और सम्मान के साथ खुद को समाज में स्थापित कर सकें। किशनगंज जैसी जगहों पर मानव तस्करी और जबरन देहव्यापार की घटनाओं के खुलासे ने प्रशासन और आम लोगों के लिए चेतावनी पैदा की है कि वे सतर्क रहें और इस तरह के अपराधों के खिलाफ मिलकर लड़ें। पुलिस की कार्रवाई ने न केवल तत्काल पीड़ितों को राहत दिलाई, बल्कि देहव्यापार व मानव तस्करी के जाल में फंसी कई अन्य युवतियों को बचाने की दिशा में समाज और प्रशासन को जागरूक किया है। उम्मीद है कि ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए नियमित छापेमारी, पेशेवर जांच और संवेदनशील पुनर्वास की मूलभूत जरूरतों पर ध्यान दिया जाएगा, जिससे समाज को सुरक्षित और स्वस्थ बनाया जा सके।

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